इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी सीजन को लेकर सरगर्मी अभी से तेज हो गई है, लेकिन श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पंजाब किंग्स (PBKS) फ्रेंचाइजी के खेमे से एक बड़ी और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। मेगा इवेंट से पहले टीम मैनेजमेंट को एक साथ कई बड़े झटके लगे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्रेंचाइजी के कोचिंग स्टाफ से दो अहम दिग्गजों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद अब टीम प्रबंधन को नए सिरे से अपनी रणनीति तैयार करनी पड़ रही है।
ब्रैड हैडिन और जेम्स होप्स का फ्रेंचाइजी से किनारा
विश्व क्रिकेट के जाने-माने नाम और पंजाब किंग्स के कोचिंग सेटअप का अहम हिस्सा रहे ब्रैड हैडिन और जेम्स होप्स ने टीम का साथ छोड़ दिया है। ब्रैड हैडिन टीम के साथ फील्डिंग कोच की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जबकि जेम्स होप्स तेज गेंदबाजी कोच के रूप में खिलाड़ियों को तराश रहे थे। इन दोनों ने हाल ही में मैनेजमेंट को अपने फैसले से अवगत करा दिया है कि वे आने वाले सत्र में फ्रेंचाइजी के साथ आगे नहीं जुड़ेंगे। इस अचानक आए घटनाक्रम से टीम के अंदरखाने हलचल तेज हो गई है।
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों ने व्यक्तिगत और पेशेवर कारणों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है। फ्रेंचाइजी ने भी अब बिना समय गंवाए इनके विकल्पों की तलाश शुरू कर दी है, ताकि आगामी ऑक्शन और ट्रेनिंग कैंप से पहले सपोर्ट स्टाफ को पूरी तरह से मजबूत किया जा सके।
कोचिंग स्टाफ में लगातार हो रहे बदलाव
पंजाब किंग्स के लिए यह पहली बार नहीं है जब कोचिंग स्टाफ में इस तरह की उथल-पुथल देखने को मिली हो। इसी साल आईपीएल का पिछला सीजन समाप्त होने के तुरंत बाद साईराज बहुतुले ने भी टीम का दामन छोड़ दिया था। बहुतुले वर्तमान में भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिन गेंदबाजी कोच के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि साईराज बहुतुले ने सुनील जोशी की जगह पंजाब टीम की जिम्मेदारी संभाली थी, लेकिन उनका कार्यकाल भी ज्यादा लंबा नहीं चल सका।
अब ब्रैड हैडिन और जेम्स होप्स के जाने के बाद, पंजाब किंग्स के खेमे से कुल तीन बड़े कोचिंग स्टाफ मैंबर्स अलविदा कह चुके हैं। इस स्थिति ने टीम मैनेजमेंट की नींद उड़ा दी है, क्योंकि एक संतुलित सपोर्ट स्टाफ के बिना टूर्नामेंट की तैयारी करना किसी भी फ्रेंचाइजी के लिए बेहद मुश्किल चुनौती साबित होता है।
हेड कोच रिकी पोंटिंग के सामने खड़ी हुई बड़ी चुनौती
ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज और पंजाब किंग्स के हेड कोच रिकी पोंटिंग (Ricky Ponting) के लिए यह स्थिति किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। टीम के मुख्य कोच के रूप में पोंटिंग को अब लगभग नए सिरे से अपनी पूरी सपोर्ट टीम खड़ी करनी होगी। खिलाड़ियों की नीलामी (Auction) का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे रिकी पोंटिंग और मैनेजमेंट का काम कई गुना बढ़ गया है।
एक तरफ जहां खिलाड़ियों के रिटेंशन और ऑक्शन की रणनीति पर माथापच्ची चल रही है, वहीं दूसरी तरफ अनुभवी कोचिंग स्टाफ की कमी को पूरा करना इस समय फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया है। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि यदि समय रहते योग्य और अनुभवी कोचों की नियुक्ति नहीं की गई, तो इसका सीधा असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर पड़ेगा असर?
पंजाब किंग्स की कमान संभालने वाले युवा और आक्रामक बल्लेबाज श्रेयस अय्यर के लिए भी यह एक नई चुनौती है। किसी भी टीम की सफलता में कप्तान और कोच की जोड़ी का तालमेल सबसे अहम माना जाता है। ऐसे में जब कोचिंग स्टाफ में बार-बार बदलाव हो रहे हैं, तो कप्तान अय्यर के लिए रणनीति को मैदानी स्तर पर उतारना थोड़ा पेचीदा हो सकता है।
हालांकि, रिकी पोंटिंग का अनुभव टीम के लिए हमेशा से फायदेमंद रहा है और फैंस यही उम्मीद कर रहे हैं कि फ्रेंचाइजी जल्द ही इन रिक्तियों को भर लेगी। आने वाले कुछ हफ्तों में यह साफ हो जाएगा कि पंजाब किंग्स का नया कोचिंग स्टाफ कौन होगा और वे आईपीएल के आगामी सीजन में किस रणनीति के साथ उतरेंगे।