अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के खास मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुजुर्गों के सम्मान और उनके कल्याण को लेकर कई बड़ी घोषणाएं और आंकड़े साझा किए हैं। मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट किया कि एक सशक्त और संवेदनशील समाज के निर्माण के लिए सभी पीढ़ियों का साथ चलना बेहद जरूरी है। युवा ऊर्जा और वरिष्ठ नागरिकों का अनुभव मिलकर राष्ट्र की शक्ति को कई गुना बढ़ा देते हैं।
वरिष्ठ नागरिकों का अनुभव राष्ट्र की अमूल्य धरोहर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे बुजुर्ग पिछले 75-80 वर्षों में देश के भीतर हुए हर बड़े बदलाव—चाहे वह विज्ञान का क्षेत्र हो, तकनीक, खानपान, पहनावा या सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्य हों—के प्रत्यक्ष साक्षी रहे हैं। उनके जीवन का लंबा संघर्ष, सफलता की कहानियां और कठिन समय में सही निर्णय लेने की क्षमता आज की युवा पीढ़ी के लिए सबसे बड़ा मार्गदर्शन है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने माता-पिता और बुजुर्गों की पूरी निष्ठा के साथ सेवा करें। बुजुर्गों के आशीर्वाद से जीवन में जो सफलता मिलती है, उसका कोई विकल्प नहीं है। हमारे संस्कारों में भी यही सिखाया गया है कि बड़ों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।
91 लाख से अधिक लाभार्थियों को हर महीने 1100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि
वरिष्ठ नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं के जरिए प्रदेश के लगभग 91 लाख लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के रूप में हर महीने 1100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में पहुंचाई जा रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से अकेले वृद्धावस्था पेंशन के 50 लाख 94 हजार 831 लाभार्थियों के खातों में कुल 684.21 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अलग-अलग जिलों के लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधी बातचीत भी की और उनके अनुभव सुने।
वृद्धजनों की सुविधा के लिए संचालित प्रमुख योजनाएं और आश्रम
सरकार की ओर से बुजुर्गों के संरक्षण, स्वास्थ्य और उनके सुगम जीवन के लिए बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया जा रहा है:
- वृद्धाश्रम और कल्याण आश्रम: प्रदेशभर में वृद्धजनों को आश्रय और बेहतर सुविधाएं देने के लिए 53 वृद्धाश्रम और 7 संत श्रवण कुमार कल्याण सेवा आश्रम संचालित किए जा रहे हैं।
- पुनवास और स्वयंसिद्धा गृह: वरिष्ठ नागरिकों के संरक्षण के लिए 36 मुख्यमंत्री पुनवास गृह और 17 स्वयंसिद्धा आश्रम चलाए जा रहे हैं।
- रामाश्रय योजना: बुजुर्गों के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल के लिए राज्य के 61 जिला अस्पतालों में विशेष 'रामाश्रय वार्ड' बनाए गए हैं।
- तीर्थ यात्रा योजना: वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत अब तक कुल 1 लाख 12 हजार वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त तीर्थ यात्रा करवाई जा चुकी है।
- रोडवेज बसों में छूट: राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में 60 से 80 वर्ष तक के बुजुर्गों को किराए में 50 प्रतिशत की भारी छूट दी जा रही है। वहीं, 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए बस यात्रा पूरी तरह से निशुल्क है।
समाज सेवा में योगदान देने वाले सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान समाज सेवा और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वृद्धजनों को शॉल ओढ़ाकर, श्रीफल भेंट कर और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा, जरूरतमंद लाभार्थियों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण भी वितरित किए गए ताकि वे आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के हर उस वर्ग को जो वंचित या जरूरतमंद है, एक सम्मानजनक जीवन और सामाजिक सुरक्षा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता दिनेश कुमार, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि प्रदेशभर के जिलों से वरिष्ठजन वर्चुअल माध्यम से इस आयोजन से जुड़े रहे।