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बारां में वोटिंग के बाद बीजेपी प्रत्याशी और पति गायब, अपहरण की आशंका से सनसनी

बारां में वोटिंग के बाद बीजेपी प्रत्याशी और पति गायब, अपहरण की आशंका से सनसनी

राजस्थान के बारां जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान राजनीतिक गलियारों में उस وقت हड़कंप मच गया जब मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के तुरंत बाद एक प्रमुख राजनीतिक दल की प्रत्याशी और उनके पति अचानक रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गए। इस घटना के सामने आने के बाद से ही प्रशासनिक अमले और पुलिस विभाग में भी खलबली मच गई है। परिवार ने अपहरण की आशंका जताई है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी जांच का दायरा तेजी से बढ़ा दिया है।

वार्ड-16 का मामला और रहस्यमयी खामोशी

यह पूरा मामला बारां नगर परिषद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वार्ड-16 का है। यहां से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अंतिमा यादव को अपना आधिकारिक प्रत्याशी मैदान में उतारा था। चुनाव प्रचार के आखिरी दौर से लेकर मतदान के दिन तक अंतिमा यादव पूरी सक्रियता के साथ अपने क्षेत्र में जुटी हुई थीं। मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के बाद, हर कोई चुनावी नतीजों का इंतजार कर रहा था, लेकिन इसी बीच प्रत्याशी का इस तरह अचानक गायब हो जाना कई बड़े और गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, अंतिमा यादव के साथ उनके पति संजय यादव भी पिछले कुछ घंटों से पूरी तरह से संपर्क से बाहर हैं। न तो उनके मोबाइल फोन पर घंटी जा रही है और न ही उनका कोई अता-पता चल पा रहा है। शुरुआती कुछ घंटों तक तो परिजनों ने इसे आपसी व्यस्तता या चुनावी दौड़भाग समझा, लेकिन जब काफी समय बीत जाने के बाद भी दोनों का कोई सुराग नहीं मिला, तो घर में कोहराम मच गया।

परिजनों का गंभीर आरोप: 'अपहरण कर ले गए अज्ञात लोग'

घटना से आहत और डरे हुए परिजनों ने स्थानीय पुलिस थाने का रुख किया और लिखित शिकायत दर्ज कराई। अंतिमा यादव की मां ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में साफ तौर पर आशंका जताई है कि उनकी बेटी और दामाद का किसी अज्ञात गिरोह या राजनीतिक रंजिश के चलते अपहरण कर लिया गया है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है और उनका कहना है कि उनकी बेटी अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त थी, ऐसे में चुनाव के ठीक बाद उनका इस तरह गायब होना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।

"हमारी किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। चुनाव के बाद अचानक दोनों का गायब हो जाना और फोन बंद मिलना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि उन्हें किसी ने बलपूर्वक बंधक बनाया है या उनका अपहरण किया गया है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि तुरंत कार्रवाई की जाए।" - पीड़ित परिवार का बयान

पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और तलाश जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए बारां पुलिस हरकत में आ गई है। स्थानीय पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर तुरंत अपहरण और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले को अत्यंत संवेदनशील मानकर जांच कर रहे हैं।

पुलिस द्वारा उठाए जा रहे प्रमुख कदम:

  • कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच: लापता होने से ठीक पहले अंतिमा यादव और उनके पति संजय यादव के फोन पर किन-किन लोगों की कॉल आई थी, इसकी तकनीकी जांच की जा रही है।
  • सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं: वार्ड-16 और उनके आवास के आसपास के तमाम रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि वे अपनी मर्जी से गए थे या उन्हें जबरन किसी वाहन में ले जाया गया।
  • पुलिस टीमों का गठन: जोड़ों की तलाश के लिए अलग-अलग विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है, जो संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
  • राजनीतिक और व्यक्तिगत रंजिश के एंगल पर नजर: पुलिस चुनावी रंजिश के पहलू को भी केंद्र में रखकर अपनी तफ्तीश आगे बढ़ा रही है।

स्थानीय राजनीति में उबाल और समर्थकों की भीड़

इस घटना के सार्वजनिक होने के बाद से ही बारां के राजनीतिक हलकों में तनाव का माहौल है। बीजेपी के तमाम बड़े नेता और स्थानीय कार्यकर्ता थाने के बाहर इकट्ठा हो गए हैं और पुलिस प्रशासन पर जल्द से जल्द बरामदगी का दबाव बना रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि यदि पुलिस ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।

फिलहाल, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और हरसंभव एंगल से छानबीन जारी है। शहरभर में इस बात की चर्चा है कि आखिर मतदान के ठीक बाद ऐसा क्या हुआ कि एक संभावित विजेता प्रत्याशी और उसका पूरा परिवार इस तरह गायब हो गया। आने वाले कुछ घंटे इस मामले की सच्चाई सामने लाने के लिहाज से बेहद अहम होने वाले हैं।

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निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

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निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

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