Breaking
► सिनेमाघरों में रिलीज हुई रजनीकांत की 'जेलर 2', पहले दिन शानदार शुरुआत और कैमियो ने मचाया धमाल ► नवरात्रि गरबा के लिए छोटे बालों की 5 आसान और आकर्षक हेयरस्टाइल ► BCCI के नए मुख्य चयनकर्ता की रेस में रमेश पोवार आगे, पार्थिव पटेल रहे दूर ► स्मृति मंधाना बनीं भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई पूर्णकालिक कप्तान ► पीएमआरडीए का सख्त कदम: लेआउट की अंदरूनी सड़कों के 7/12 पर नाम और कब्जा रसीद अनिवार्य ► कटिहार में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर के घर छापा ► मुंबई पुलिस ने अभिनेता इमरान खान को दिया 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस ► पटना स्नातक चुनाव: अनंत सिंह के विरोध पर विजय सिन्हा का पलटवार, कहा- जनता तय करेगी परिणाम ► घरेलू गैस सिलेंडर बुकिंग में बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती ► राहुल गांधी का आरोप, अंकिता भंडारी के माता-पिता को इंडिया गेट से हिरासत में लिया गया ► सिनेमाघरों में रिलीज हुई रजनीकांत की 'जेलर 2', पहले दिन शानदार शुरुआत और कैमियो ने मचाया धमाल ► नवरात्रि गरबा के लिए छोटे बालों की 5 आसान और आकर्षक हेयरस्टाइल ► BCCI के नए मुख्य चयनकर्ता की रेस में रमेश पोवार आगे, पार्थिव पटेल रहे दूर ► स्मृति मंधाना बनीं भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई पूर्णकालिक कप्तान ► पीएमआरडीए का सख्त कदम: लेआउट की अंदरूनी सड़कों के 7/12 पर नाम और कब्जा रसीद अनिवार्य ► कटिहार में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर के घर छापा ► मुंबई पुलिस ने अभिनेता इमरान खान को दिया 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस ► पटना स्नातक चुनाव: अनंत सिंह के विरोध पर विजय सिन्हा का पलटवार, कहा- जनता तय करेगी परिणाम ► घरेलू गैस सिलेंडर बुकिंग में बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती ► राहुल गांधी का आरोप, अंकिता भंडारी के माता-पिता को इंडिया गेट से हिरासत में लिया गया

जयपुर विकास प्राधिकरण का होगा कायापलट, 7.32 करोड़ से सुधरेगी दफ्तर की तस्वीर

जयपुर विकास प्राधिकरण का होगा कायापलट, 7.32 करोड़ से सुधरेगी दफ्तर की तस्वीर

जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के मुख्य परिसर में इन दिनों बदलाव की बयार बह रही है। लगातार बढ़ते स्टाफ और प्रशासनिक अमले के कारण कार्यालय परिसर में बैठने की जगह को लेकर आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए जेडीए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने अपने कार्यालय के पुनर्गठन और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए 7.32 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है। इस राशि का उपयोग केवल कमरों को नया रूप देने के लिए ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं को भी सुगम बनाने के लिए किया जा रहा है।

स्थान की कमी से निपटने के लिए हो रहा है मास्टर प्लान तैयार

पिछले कुछ वर्षों में जेडीए के दायरे और कार्यक्षेत्र में विस्तार के साथ-साथ कर्मचारियों और अधिकारियों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हुआ है। इसके परिणामस्वरूप पुराने भवन में स्पेस की किल्लत एक बड़ी समस्या बनती जा रही थी। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए जेडीए प्रशासन ने कार्यालय के स्पेस मैनेजमेंट का नया प्लान लागू किया है। इसके तहत वर्तमान में पुराने पार्टीशन हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है ताकि नए और आधुनिक वर्क स्टेशन बनाए जा सकें।

जेडीए कमिश्नर सिद्धार्थ महाजन ने इस पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि कार्यालय के भीतर अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और फाइलों की आवाजाही को तेज करना इस पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य है। इसके लिए नागरिक सेवा केंद्र के बेसमेंट का खासतौर पर कायापलट किया गया है।

बेसमेंट में तैयार किए गए हाई-टेक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष

डिजिटल दौर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जेडीए ने प्रशासनिक बैठकों को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में नागरिक सेवा केंद्र के बेसमेंट में दो अत्याधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष तैयार किए गए हैं। इन नए कक्षों के शुरू होने से अब बड़े स्तर की समीक्षा बैठकों और वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के लिए जगह की कोई कमी नहीं होगी।

  • पहला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष: इस कक्ष की कुल क्षमता 15 अधिकारियों के एक साथ बैठने की है।
  • दूसरा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष: यह कक्ष 9 अधिकारियों की क्षमता वाला है, जिसमें जरूरी डिजिटल उपकरणों को स्थापित किया गया है।

प्रशासन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इन दोनों कक्षों का नियमित उपयोग शुरू हो चुका है, जिससे रोजाना होने वाली महत्वपूर्ण बैठकों के संचालन में काफी आसानी हो रही है और अधिकारियों का कीमती समय भी बच रहा है।

अधिकारियों के लिए नए वर्क स्टेशन और आगंतुकों के लिए विशेष कक्ष

मौजूदा निर्माण और रिस्ट्रक्चरिंग का कार्य पूरी तरह संपन्न होने के बाद जेडीए कार्यालय का नक्शा बदला हुआ नजर आएगा। योजना के मुताबिक, अधिकारियों के लिए पूरी तरह सुसज्जित नए कक्ष और कर्मचारियों के लिए मॉडर्न वर्क स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा, आम जनता जो अपनी समस्याओं को लेकर प्रतिदिन हजारों की संख्या में जेडीए पहुंचती है, उनके लिए भी एक समर्पित और आरामदायक आगंतुक कक्ष (Visitor Lounge) बनाया जाएगा।

स्टाफ की बढ़ती संख्या को समायोजित करने के लिए कार्यालय के उन कमरों का भी स्मार्ट इस्तेमाल किया जा रहा है जिनका उपयोग अब तक केवल पुराने रिकॉर्ड या कबाड़ को रखने के लिए किया जाता था। इन रिकॉर्ड रूम्स को चरणबद्ध तरीके से खाली करवाकर वहां कर्मचारियों के बैठने की आधुनिक व्यवस्था की जा रही है, ताकि किसी भी कर्मचारी को कंजेशन का सामना न करना पड़े।

कॉरिडोर को बनाया गया सुगम और सुरक्षित

जेडीए कार्यालय के गलियारों (Corridors) में पहले फाइलों और अलमारियों के बेतरतीब अंबार लगे रहते थे, जिससे आवागमन में खासी परेशानी होती थी। इस अव्यवस्था को पूरी तरह से दूर कर दिया गया है। कॉरिडोर में रखी सभी फालतू अलमारियों को या तो हटा दिया गया है या फिर उन्हें सही तरीके से व्यवस्थित कर दिया गया है। इसके चलते अब गलियारों में चलने के लिए काफी अधिक खुली जगह उपलब्ध हो गई है, जिससे आपात स्थिति में आवाजाही सुरक्षित और सुगम हो गई है.

रंग-रोगन से संवर रहा है पूरा परिसर

केवल आंतरिक बदलाव ही नहीं, बल्कि जेडीए कार्यालय के बाहरी और आंतरिक सौंदर्य को निखारने का काम भी तेजी से चल रहा है। पुरानी अलमारियों की मरम्मत करवाकर उन पर नया पेंट कराया गया है। इसके अलावा निम्नलिखित हिस्सों में भी सौंदर्यकरण का कार्य पूरा किया गया है:

  • कार्यालय भवन की वॉल रेलिंग और रूफ पैराफिट की दीवार
  • परिसर के भीतर स्थित गार्डनों की फेंसिंग (बाड़बंदी)
  • वाहन पार्किंग भवन और उसके आसपास का क्षेत्र

आम जनता और कर्मचारियों दोनों को मिलेगा सीधा लाभ

जेडीए प्रशासन का मानना है कि बुनियादी ढांचे में किए जा रहे ये बदलाव केवल कॉस्मेटिक नहीं हैं, बल्कि ये कार्य संस्कृति को पूरी तरह बदल देंगे। बेहतर और तनावमुक्त कार्यस्थल मिलने से कर्मचारियों की कार्यक्षमता में बढ़ोतरी होगी। वहीं दूसरी ओर, जब आम नागरिक अपने कार्यों के लिए जेडीए पहुंचेंगे, तो उन्हें बैठने, पूछताछ करने और अधिकारियों से मिलने के लिए पहले से कहीं बेहतर और सुव्यवस्थित माहौल मिलेगा। 7.32 करोड़ रुपये के इस निवेश से आने वाले कई वर्षों तक जयपुर विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली में एक क्रांतिकारी सुधार देखने को मिलेगा।

About the Author

निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

Writer

निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

Read More

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →