सुबह तड़के हुई कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल, प्रियंका गांधी भी थीं पीड़ति परिवार के साथ
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया और अपने बयानों के माध्यम से आरोप लगाया है कि उत्तराखंड की बहुचर्चित अंकिता भंडारी के माता-पिता को आज सुबह करीब चार बजे उस समय हिरासत में ले लिया गया, जब वे शांतिपूर्ण तरीके से इंडिया गेट पर बैठे हुए थे।
राहुल गांधी के अनुसार, अंकिता के माता-पिता का एकमात्र गुनाह यह था कि वे भारी मन और बोझिल कंधों के साथ बिना किसी हंगामे के चुपचाप वहां बैठे थे। वे केवल यह मांग कर रहे थे कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ी सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल न बनाया जाए।मुलाकात और नियुक्ति पर सवाल
घटना से ठीक एक दिन पहले राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जिस मामले की जांच का नतीजा अभी तक सामने नहीं आया है, उस9 मामले में नियुक्तियों की इतनी जल्दी क्यों दिखाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि न्याय की गुहार लगाने और सवाल पूछने वाले माता-पिता को रात के अंधेरे में उठा लिया जाना मौजूदा सरकार की कार्यशैली को दर्शाता है।
पीड़ितों की आवाज दबाने का आरोप
कांग्रेस नेता ने कड़े शब्दों में कहा कि इस सरकार की मुख्य पहचान यही बन गई है कि वह पीड़ितों की आवाज को दबा देती है और सवाल पूछने वालों को रास्ते से हटा देती है। इस पूरी कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड और उससे जुड़ी जांच की प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है, हालांकि इस मामले में प्रशासन या पुलिस की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि सामने नहीं आई है।