कटिहार और पटना में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम ने भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में ग्रामीण कार्य विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर चंद्रशेखर सिंह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीमों ने ग्रामीण कार्य विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर चंद्रशेखर सिंह से जुड़े चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। आरोपी अधिकारी चंद्रशेखर सिंह की वर्तमान पोस्टिंग छपरा में बताई जा रही है। विजिलेंस की यह कार्रवाई पटना, छपरा, कटिहार और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित ठिकानों पर एक साथ चल रही है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
लोहिया नगर स्थित पैतृक आवास पर दबिश
विजिलेंस टीम की इस छापेमारी का मुख्य केंद्र कटिहार जिले के सहायक थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला लोहिया नगर मोहल्ला है। यहां स्थित पैतृक आवास पर निगरानी विभाग के अधिकारियों ने अचानक दबिश दी। टीम के सदस्यों द्वारा घर के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है और वित्तीय दस्तावेजों व संपत्तियों के कागजों को बारीकी से खंगाला जा रहा है।
संयुक्त परिवार के सदस्यों से पूछताछ
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कटिहार के लोहिया नगर स्थित इस पैतृक आवास में चंद्रशेखर सिंह और उनके अन्य भाई अपने-अपने परिवारों के साथ संयुक्त रूप से निवास करते हैं। छापेमारी के दौरान घर में मौजूद सभी सदस्यों की उपस्थिति में संपत्तियों के ब्योरे और आय के स्रोतों को लेकर विजिलेंस की टीम ने पूछताछ की है। अधिकारियों द्वारा परिवार के सदस्यों से वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और अचल संपत्तियों के कागजातों पर जवाब-तलब किया जा रहा है।
दस्तावेजों की जांच और खुलासे की संभावना
विजिलेंस टीम द्वारा घर के भीतर दस्तावेजों की जांच का सिलसिला लगातार जारी है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि ग्रामीण कार्य विभाग के इस अधिकारी के पास उनकी वैध आय से कितनी अधिक संपत्ति है। इस पूरी छापेमारी और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, जिसके संबंध में आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद की जाएगी।