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Rajasthan Weather: विदाई से ठीक पहले मानसून की वापसी, 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

Rajasthan Weather: विदाई से ठीक पहले मानसून की वापसी, 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

राजस्थान के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आधिकारिक तौर पर मानसून की विदाई का समय नजदीक आ चुका है, लेकिन इसके जाने से पहले बादलों ने प्रदेश पर एक बार फिर मेहरबानी बरसाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के एक-दो नहीं बल्कि पूरे 35 जिलों में बारिश का नया दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने इन इलाकों के लिए चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

अचानक क्यों बदला मौसम का मिजाज?

सितंबर के मध्य में जब अमूमन गर्मी और उमस का असर बढ़ जाता है, तब बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम ने मौसम का रुख ही पलट दिया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने और टफ लाइन के खिसकने के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में नमीयुक्त हवाएं पहुंच रही हैं। यही वजह है कि जाते-जाते मानसून ने एक बार फिर आक्रामक तेवर अख्तियार कर लिया है और झमाझम बारिश के संकेत मिल रहे हैं।

किन-किन जिलों में रहेगा भारी बारिश का असर?

मौसम विभाग द्वारा जारी की गई ताजा चेतावनी के मुताबिक, प्रदेश के करीब 35 जिलों में आज गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। इनमें पूर्वी राजस्थान के साथ-साथ पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्से भी शामिल हैं। जिन प्रमुख जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, उनमें:

  • जयपुर, अजमेर, टोंक और सवाई माधोपुर
  • कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ (हाड़ौती संभाग)
  • उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़
  • जोधपुर, बाड़मेर, पाली और नागौर के कुछ इलाके

इन तमाम जिलों में अगले कुछ घंटों के दौरान तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। कुछ स्थानों पर वज्रपात (आसानी बिजली गिरने) की भी आशंका जताई गई है, जिसे लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।

अगले 3 दिनों तक कैसा रहेगा मौसम?

आम जनता और किसानों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह बारिश लंबी टिकेगी या महज एक-दो दिन का ही खेल है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 72 घंटों यानी तीन दिनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज इसी तरह रंग बदला हुआ नजर आएगा।

पहला दिन (आज): व्यापक बारिश और वज्रपात की चेतावनी

आज का दिन सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाला है। 35 जिलों में व्यापक वर्षा का अनुमान है। विशेष तौर पर दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान के जिलों में मेघगर्जन के साथ भारी बौछारें गिर सकती हैं। तापमान में भी 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

दूसरा दिन: बारिश के दायरे में कुछ कमी, पर असर जारी

कल से बारिश का दायरा थोड़ा सिमट सकता है, लेकिन पूर्वी राजस्थान के चुनिंदा इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और हल्की फुहारें पड़ने की उम्मीद है।

तीसरा दिन: मौसम में ठहराव और हल्की राहत

आगामी परसों के दिन तक मानसून की यह गतिविधियां कमजोर पड़ने लगेंगी। इसके बाद तापमान में फिर से आंशिक बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है और मौसम मुख्य रूप से शुष्क होने की दिशा में आगे बढ़ेगा, जो इस बात का संकेत होगा कि मानसून अब आखिरकार विदाई की अपनी अंतिम प्रक्रिया शुरू कर रहा है।

कृषि और आम जनजीवन पर प्रभाव

मौसम के इस अचानक बदलाव ने एक तरफ जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के चेहरे पर भी रौनक लौट आई है। जिन इलाकों में फसलें पानी की कमी से जूझ रही थीं, उनके लिए यह बारिश संजीवनी का काम कर रही है। हालांकि, कटी हुई फसलों या खेतों में पककर तैयार खड़ी फसलों को लेकर किसानों को थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि तेज हवाओं के साथ होने वाली बारिश से नुकसान भी हो सकता है।

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें, खासकर पेड़ों के नीचे या कमजोर ढांचों के पास शरण लेने से बचें क्योंकि इस दौरान वज्रपात का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। यात्रा करने वाले लोगों को भी सड़कों पर जलभराव या फिसलन को ध्यान में रखते हुए वाहन सावधानी से चलाने की सलाह दी गई है।

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निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

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निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

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