शारदीय नवरात्र के छठे दिन मुख्यमंत्री ने मां कात्यायनी के स्वरूप का स्मरण करते हुए नारीशक्ति के अदम्य साहस, संकल्प और पराक्रम को रेखांकित किया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के खेल और सुरक्षा परिदृश्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में विकास और बदलाव की एक नई गाथा लिखी गई है। प्रदेश में भय के माहौल की जगह अब सुरक्षा ने ले ली है, उपेक्षा की जगह प्रोत्साहन को बढ़ावा मिला है और खेल संसाधनों की कमी को दूर करते हुए बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है।
गांवों से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक बेटियों की उड़ान
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने संदेश में शारदीय नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की वंदना की। उन्होंने मां कात्यायनी को समस्त बाधाओं और आसुरी प्रवृत्तियों का संहार करने वाली शक्ति बताते हुए कहा कि उनका स्वरूप नारीशक्ति के साहस और दृढ़ संकल्प का सबसे बड़ा संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गांवों के छोटे-छोटे खेल मैदानों से लेकर दुनिया के बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों तक उत्तर प्रदेश की बेटियां अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं।
वर्ष 2017 से पहले के हालात और बदलाव
वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उस दौर में प्रदेश के अंदर भय और अराजकता का वातावरण था। बेटियों के सपनों पर पहरे लगाए जाते थे, उनके हौसलों पर बंदिशें थीं और उचित अवसरों के अभाव में उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ने का अपेक्षित मंच नहीं मिल पाता था। उन्होंने कहा कि तब खेल के मैदानों पर माफिया का कब्जा हुआ करता था और खिलाड़ियों के पास अभ्यास के लिए जरूरी संसाधनों का भारी अभाव था। लेकिन पिछले साढ़े नौ वर्षों में यह तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। सरकार के प्रयासों से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर और अनुकूल आधारभूत सुविधाएं मिल रही हैं।
बुनियादी ढांचे का विस्तार और खेल विश्वविद्यालय
प्रदेश में खेल बुनियादी ढांचे के विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि खेल सुविधाओं का दायरा गांवों से लेकर उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थानों तक फैलाया गया है। वर्तमान में गांवों के खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम, जिला स्तर पर स्टेडियम और मंडल स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज युवाओं और खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए मजबूत मंच प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा मेरठ में स्थापित मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन तमाम व्यवस्थाओं से बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए खुद को पूरी तरह तैयार करने का सशक्त आधार मिल रहा है।
आर्थिक प्रोत्साहन और 'पदक लाओ, पद पाओ' योजना
खिलाड़ियों को मिल रहे प्रोत्साहन के बारे में मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित आयोजनों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकार की ओर से लाखों-करोड़ों रुपये के नकद पुरस्कार दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही 'पदक लाओ, पद पाओ' योजना के तहत उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के माध्यम से सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन पहलों से खिलाड़ियों की प्रतिभा को न सिर्फ उचित प्रोत्साहन मिल रहा है, बल्कि उनकी उपलब्धियों को सम्मान और उनके भविष्य को भी पूरी सुरक्षा मिल रही है। खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले इन खिलाड़ियों को सम्मानित किए जाने से प्रदेश के अन्य युवाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक रहा यूपी की बेटियों का नाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को मिल रहे संरक्षण का असर अब सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय खेल पटल पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का मान बढ़ाने वाली प्रमुख महिला खिलाड़ियों के नामों का उल्लेख किया। एथलेटिक्स के क्षेत्र में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी ने अपनी असाधारण उपलब्धियों से अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। इसी प्रकार जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया तथा कुश्ती में दिव्या काकरान ने कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स जैसे बड़े आयोजनों में शानदार प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने इन सभी सफलताओं को प्रदेश में बदलते खेल परिवेश और महिला खिलाड़ियों को मिल रहे नए अवसरों का सीधा परिणाम बताया है।