दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई नेत्री के साथ हुई कथित झड़प का मामला अब राजस्थान की राजधानी जयपुर तक पहुंच गया है। एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला के समर्थन में जयपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए पुलिस कमिश्नर कार्यालय पर प्रदर्शन किया और एक ज्ञापन सौंपा।
जयपुर में हुए इस प्रदर्शन और ज्ञापन देने के कार्यक्रम के दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा, हवामहल से विधायक रफीक खान, आदर्श नगर से विधायक अमीन कागजी और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास सहित कई प्रमुख कांग्रेस पदाधिकारी व बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। नेताओं ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए घटना की निष्पक्ष जांच और संबंधित महिला पुलिसकर्मी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की पुरजोर मांग उठाई।
मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय के बाहर हुआ था विवाद
यह पूरा घटनाक्रम मूल रूप से नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और अन्य मांगों को लेकर कांग्रेस तथा एनएसयूआई कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए उग्र विरोध-प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों और पुलिस ने जब कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू किया और उन्हें बसों में बैठाया जा रहा था, तब एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला और एक महिला पुलिसकर्मी के बीच तीखी नोकझोंक और हाथापाई की स्थिति बन गई थी।
इस पूरी घटना का एक वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद से ही कांग्रेस पार्टी के भीतर भारी रोष देखा जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पार्टी नेताओं ने पुलिस के इस रवैये को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन और पूरी तरह से अनुचित करार दिया।
कांग्रेस की दो टूक: कार्रवाई न होने पर होगा राज्यव्यापी आंदोलन
जयपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच कर संबंधित महिला पुलिसकर्मी के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज नहीं की जाती है, तो कांग्रेस पार्टी इस आंदोलन को केवल जयपुर तक सीमित न रखकर पूरे राजस्थान में व्यापक स्तर पर तेज करेगी।
इस घटनाक्रम के राजस्थान की राजधानी में भी तूल पकड़ने के बाद यह मामला अब राष्ट्रीय राजनीति से निकलकर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है, जिससे आगामी दिनों में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने के पूरे आसार हैं।