झारखंड की राजधानी रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद काम की और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अक्सर खराब मौसम या अचानक बदलते दृष्यता (visibility) के कारण उड़ानों के समय में होने वाले बदलाव से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए एयरपोर्ट प्रशासन ने कमर कस ली है। अब रांची एयरपोर्ट पर मौसम की हर एक छोटी-बड़ी हलचल पर तकनीकी रूप से पैनी नजर रखी जाएगी, जिससे यात्रियों को समय रहते उड़ानों की सही स्थिति का पता चल सके।
अचानक मौसम बदलने से होती थी फजीहत
अक्सर यह देखा गया है कि मानसून के दिनों में या सर्दियों के मौसम में अचानक कोहरा छा जाने या तेज आंधी-तूफान आने की वजह से विमानों के संचालन पर सीधा असर पड़ता है। रांची एयरपोर्ट पर कई बार विमानों को हवा में ही चक्कर लगाने पड़ते थे या फिर उन्हें डायवर्ट करना पड़ता था। ऐसी स्थिति में यात्रियों को घंटों एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ता था और कई बार एयरलाइंस कंपनियों की तरफ से अंतिम समय में सूचना मिलने पर यात्रियों का गुस्सा भी फूट पड़ता था। इन तमाम व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए अब एक हाई-टेक व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विमानन क्षेत्र में मौसम की सटीक भविष्यवाणी किसी भी ऑपरेशन की रीढ़ होती है। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर अपग्रेडेड वेदर मॉनिटरिंग मेकैनिज्म के जरिए अब हवा के दबाव, बादलों की स्थिति, तापमान और विजिबिलिटी के आंकड़ों को पल-पल अपडेट किया जाएकैसे काम करेगा यह नया सिस्टम?
- रियल-टाइम डेटा शेयरिंग: मौसम विभाग और एयरपोर्ट अथॉरिटी के बीच सीधे संपर्क के जरिए पल-पल की जानकारी साझा की जाएगी।
- अडवांस वार्निंग सिस्टम: आंधी, तूफान या भारी बारिश जैसी प्राकृतिक बाधाओं की जानकारी बहुत पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को मिल जाएगी।
- यात्रियों के लिए डिजिटल अपडेट: फ्लाइट के समय में होने वाले बदलाव या देरी की सूचना अब यात्रियों तक एसएमएस, ऐप्स और एयरपोर्ट की डिस्प्ले स्क्रीन के जरिए तुरंत पहुंचाई जाएगी।
- सुरक्षा में बढ़ोतरी: पायलटों को लैंडिंग और टेकऑफ के दौरान बेहद सटीक मौसम रिपोर्ट मिलेगी, जिससे हवाई यात्रा की सुरक्षा कई गुना बढ़ जाएगी।
यात्रियों को मिलेगा मानसिक और समय का सुकून
हवाई यात्रा करने वाले आम आदमी के लिए समय सबसे कीमती होता है। ऐसे में यदि एयरपोर्ट पर पहुंचते ही यह पता चले कि फ्लाइट चार घंटे लेट है, तो पूरा शेड्यूल बिगड़ जाता है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से यात्रियों को घर बैठे ही अपनी फ्लाइट के स्टेटस की सटीक जानकारी मिल जाएगी। उन्हें अब बेवजह एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
स्थानीय यात्रियों और ट्रेवल एजेंटों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से रांची एयरपोर्ट पर मौसम की सटीक और समय पर जानकारी देने वाले एक मजबूत माध्यम की कमी खल रही थी, जिसे अब पूरा कर लिया गया है।एयरपोर्ट अधिकारियों के क्या हैं निर्देश?
एयरपोर्ट के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी एयरलाइंस कंपनियों को भी यह सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने यात्रियों के साथ संवाद में पूरी पारदर्शिता रखें। यदि मौसम खराब होने की आशंका है, तो उसकी सूचना कम से कम दो से तीन घंटे पहले यात्रियों तक पहुंच जानी चाहिए ताकि वे त W अनुसार अपनी यात्रा की योजना बना सकें। सुरक्षा और समयबद्धता को प्राथमिकता देते हुए रांची एयरपोर्ट पर तकनीकी स्टाफ को भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपट सकें।