राजधानी रांची में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का बड़ा शिकंजा
झारखंड की राजधानी रांची में अपराध पर नकेल कसने के लिए पुलिस लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी कड़ी में रांची पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। नामकुम थाना क्षेत्र के हाईटेंशन ग्राउंड के पास की गई एक छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो ऐसे शातिर अपराधियों को दबोचा है, जिनके नाम सुनते ही इलाके के लोगों में दहशत फैल जाती थी। पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया गया है।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से जो बरामदगी हुई है, उसने पुलिस की नींद उड़ा दी है। पुलिस ने इनके पास से एक अवैध पिस्टल, एक मैगजीन और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके साथ ही, इनके पास से दो चोरी की मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं, जिनका इस्तेमाल ये वारदातों को अंजाम देने के लिए किया करते थे।
डीएसपी अमर कुमार पांडेय ने किया मामले का खुलासा
इस सनसनीखेज गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी देते हुए डीएसपी अमर कुमार पांडेय ने शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पुलिस को लंबे समय से इन दोनों अपराधियों की तलाश थी। सटीक सूचना के आधार पर जाल बिछाकर इन्हें पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कई चौकाने वाले खुलासे किए हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही दोनों बाइकें चोरी की थीं। इनमें से एक मोटरसाइकिल हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र से और दूसरी मौलाना आजाद कॉलोनी से चुराई गई थी। इसके अलावा, पूछताछ में यह भी स्पष्ट हुआ है कि उनके पास से बरामद हथियार का इस्तेमाल वे शहर में राह चलते लोगों से छिनतई, लूटपाट और अन्य गंभीर वारदातों को अंजाम देने के लिए करते थे।
अपराधियों का लंबा-चौड़ा आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान छोटु उर्फ गुरफान खान और फरमान अंसारी उर्फ मनिया के रूप में हुई है। जब पुलिस ने इनके आपराधिक रिकॉर्ड की कुंडली खंगाली, तो उनके होश उड़ गए। दोनों का आपराधिक इतिहास काफी लंबा और खतरनाक रहा है।
छोटु उर्फ गुरफान खान पर दर्ज हैं 17 से अधिक मामले
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मुख्य आरोपी छोटु उर्फ गुरफान खान कोई आम अपराधी नहीं है, बल्कि वह शहर का एक शातिर और खूंखार अपराधी है। उसके खिलाफ रांची के विभिन्न थानों में कुल 17 गंभीर मामले दर्ज हैं। इन मामलों में हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास, चोरी और छिनतई जैसे संगीन अपराध शामिल हैं। उसके खिलाफ नामकुम, हिंदपीढ़ी, सदर, लोअर बाजार, लालपुर, कोतवाली, पुंदाग, अरगोड़ा और रातू जैसे प्रमुख थाना क्षेत्रों में कई मुकदमे दर्ज हैं। इतने सारे मामलों में शामिल होने के बावजूद वह लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था।
फरमान अंसारी का भी रहा है आपराधिक सफर
वहीँ, दूसरे गिरफ्तार आरोपी फरमान अंसारी उर्फ मनिया का आपराधिक इतिहास भी कम नहीं है। पुलिस के अनुसार, फरमान के खिलाफ जगन्नाथपुर, अरगोड़ा और डेली मार्केट थाना क्षेत्रों में लूट, चोरी और छिनतई के 4 मामले पहले से दर्ज हैं। यह दोनों मिलकर राजधानी में संगठित तरीके से आपराधिक वारदातों को अंजाम देते थे।
पुलिस की आगे की कार्रवाई और दबिश
इस पूरे मामले को लेकर नामकुम थाना में आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत नया मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इन दोनों का नेटवर्क कहां-कहां तक फैला हुआ था और इनके साथ इस अवैध धंधे में और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
डीएसपी अमर कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में शामिल अन्य सहयोगियों और सिंडिकेट के सदस्यों की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन दोनों से रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के बाद कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं और शहर में हुई अन्य अनसुलझी वारदातों का भी पर्दाफाश किया जा सकता है।
राजधानी में इस तरह की ताबड़तोड़ कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है। आम जनता ने पुलिस की इस मुस्तैदी की सराहना की है, जिससे यह उम्मीद बंधती है कि रांची की सड़कों पर आम नागरिकों की सुरक्षा और पुख्ता हो सकेगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।