Breaking
► नेपाल आपदा पर कोटद्वार के पूर्व सैनिकों ने जताया गहरा शोक, कहा- दुख की घड़ी में भारत साथ ► नेपाल बाढ़ क्षेत्र के पास बना दूसरा रहस्यमयी झील, राहत दलों की बढ़ी चिंता ► मुकेश अंबानी का बड़ा दांव: जियो प्लेटफॉर्म्स के 3.8 अरब डॉलर के आईपीओ को रेगुलेटर की मंजूरी ► कर्नाटक में सियासी भूचाल: मंत्री बी. नागेंद्र का इस्तीफा, वाल्मीकि घोटाले की आंच से हिला राजनीतिक गलियारा ► मुझे सिगरेट की स्मेल बर्दाश्त नहीं... बेंगलुरु की महिला का अनोखा रेजिग्नेशन वायरल ► MOTN सर्वे 2026: पीएम पद की रेस में मोदी नंबर 1, राहुल के बाद इस चौंकाने वाले चेहरे की एंट्री ► रक्षाबंधन पर पीएम मोदी और सीएम योगी ने Gen-Alpha के साथ मनाया त्योहार, राहुल गांधी ने शेयर की खास तस्वीर ► अचानक आ गया अस्पताल का भारी बिल? ऐसे बचाएं 5 लाख रुपये तक का खर्च ► नेपाल बाढ़ तबाही: क्या 5 महीने पहले मिलती चेतावनी से बच सकती थी जान? ► उज्जैन में हॉर्न बजाना पड़ा भारी: ट्रैक्टर एजेंसी मालिक की चाकू गोदकर हत्या, चार संदिग्ध हिरासत में ► नेपाल आपदा पर कोटद्वार के पूर्व सैनिकों ने जताया गहरा शोक, कहा- दुख की घड़ी में भारत साथ ► नेपाल बाढ़ क्षेत्र के पास बना दूसरा रहस्यमयी झील, राहत दलों की बढ़ी चिंता ► मुकेश अंबानी का बड़ा दांव: जियो प्लेटफॉर्म्स के 3.8 अरब डॉलर के आईपीओ को रेगुलेटर की मंजूरी ► कर्नाटक में सियासी भूचाल: मंत्री बी. नागेंद्र का इस्तीफा, वाल्मीकि घोटाले की आंच से हिला राजनीतिक गलियारा ► मुझे सिगरेट की स्मेल बर्दाश्त नहीं... बेंगलुरु की महिला का अनोखा रेजिग्नेशन वायरल ► MOTN सर्वे 2026: पीएम पद की रेस में मोदी नंबर 1, राहुल के बाद इस चौंकाने वाले चेहरे की एंट्री ► रक्षाबंधन पर पीएम मोदी और सीएम योगी ने Gen-Alpha के साथ मनाया त्योहार, राहुल गांधी ने शेयर की खास तस्वीर ► अचानक आ गया अस्पताल का भारी बिल? ऐसे बचाएं 5 लाख रुपये तक का खर्च ► नेपाल बाढ़ तबाही: क्या 5 महीने पहले मिलती चेतावनी से बच सकती थी जान? ► उज्जैन में हॉर्न बजाना पड़ा भारी: ट्रैक्टर एजेंसी मालिक की चाकू गोदकर हत्या, चार संदिग्ध हिरासत में

नेपाल बाढ़ क्षेत्र के पास बना दूसरा रहस्यमयी झील, राहत दलों की बढ़ी चिंता

नेपाल बाढ़ क्षेत्र के पास बना दूसरा रहस्यमयी झील, राहत दलों की बढ़ी चिंता

नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एक नया संकटहिमालयी देश नेपाल इन दिनों प्रकृति के एक और बड़े प्रकोप के मुहाने पर खड़ा है। हाल ही में आए विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के जख्म अभी पूरी तरह से भरे भी नहीं थे कि एक और प्राकृतिक खतरे ने वैज्ञानिकों और राहत एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। नेपाल के बाढ़ प्रभावित जोन के ठीक पास एक दूसरी रहस्यमयी और खतरनाक झील के बनने की पुष्टि हुई है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन बलों को तुरंत हाई अलर्ट मोड पर ला दिया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह नई झील किसी भी समय एक विकराल जलप्रलय का रूप ले सकती है। पहाड़ियों के दरकने और मलबे के नदी के रास्ते में जमा हो जाने से पानी का स्वाभाविक बहाव रुक गया, जिसके परिणामस्वरूप इस कृत्रिम झील का निर्माण हुआ है। यदि यह मलबा अचानक टूटा, तो नीचे बसे रिहायशी इलाकों में पानी का सैलाब आ सकता है, जिससे भारी तबाही मचने की आशंका जताई जा रही है।

राहत और बचाव दलों की बढ़ी मुश्किलेंघटना की जानकारी मिलते ही नेपाल सरकार और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया है। प्रभावित इलाके में राहत और बचाव दलों की अतिरिक्त टुकड़ियाँ तैनात कर दी गई हैं। ड्रोन और सैटेलाइट इमेजरी के जरिए इस नई झील के आकार, जलस्तर और उसकी भौगोलिक स्थिति पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है।

  • सतर्कता का स्तर: प्रशासन ने आसपास के गांवों के लिए विशेष चेतावनी जारी कर दी है।
  • विशेषज्ञों की टीम: भूवैज्ञानिकों और हाइड्रोलॉजिस्ट की विशेष टीमों को स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर भेजा गया है।
  • सुरक्षित स्थान: निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

वैज्ञानिकों की चेतावनी और भविष्य का जोखिम

पर्यावरणविदों और भूवैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और अत्यधिक वर्षा के कारण हिमालयी क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। पहाड़ों की कमजोर होती चट्टानें और अनियोजित निर्माण कार्य इस तरह के जोखिमों को और अधिक आमंत्रित कर रहे हैं। यदि समय रहते इस जल निकाय के पानी को नियंत्रित तरीके से बाहर नहीं निकाला गया, तो यह स्थिति पिछले बाढ़ के प्रभावों को कई गुना बढ़ा सकती स्थानीय नागरिकों में भय का माहौल

इस नई झील के बनने की खबर से स्थानीय निवासियों में गहरा डर समा गया है। लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में जुटने लगे हैं। कई परिवारों ने पहले ही बाढ़ के कारण अपना सब कुछ खो दिया था और अब इस नए संकट ने उनकी बची-खुची उम्मीदों को भी डगमगा दिया है। स्थानीय प्रशासन लगातार लोगों से धैर्य रखने और सरकारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील कर रहा हैप्रशासन की आगे की रणनीति

आपातकालीन सेवाओं के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में लाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर सेना की मदद से झील के पानी को डायवर्ट करने या कृत्रिम चैनल बनाने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। आने वाले कुछ घंटे और दिन इस क्षेत्र के लिए बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं।

देश और दुनिया की तमाम बड़ी और ताजा अपडेट्स के लिए हमारे साथ जुड़े रहें, क्योंकि हम हर एक महत्वपूर्ण खबर की पल-पल की जानकारी आप तक सबसे पहले पहुंचाते हैं।।

है।



About the Author

ममता पाठक

ममता पाठक

Chief Editor (विदेश खबरें)

ममता पाठक न्यूज़रूम की संपादकीय दिशा तय करने वाली प्रमुख स्तंभ हैं। अंतरराष्ट्रीय खबरों की गहरी समझ और वर्षों के अनुभव के साथ, वे कंटेंट की गुणवत्त...

Read More