उत्तर प्रदेश के शामली जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। चर्चित हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान हत्याकांड मामले में खाकी का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और स्थानीय पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री के मुख्य आरोपियों तक पहुंच बनाई है। शुरुआती जांच और ताबड़तोड़िक छापेमारी के बाद पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दो कथित शूटर्स को ढेर कर दिया है। इस एनकाउंटर के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
शामली में पुलिस और बदमाशों के बीच भीषण मुठभेड़
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शामली में पुलिस और हत्यारों के बीच हुई आमने-सामने की मुठभेड़ में दो शूटर्स को मार गिराया गया है। मारे गए आरोपियों की पहचान सुमित और मोहित के रूप में की गई है, जो इस पूरे जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाली मुख्य ट्रिगर टीम का हिस्सा थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अंकित बालियान की हत्या को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था, जिसमें कुल चार शूटर्स सीधे तौर पर शामिल थे। इनमें से दो अपराधियों का अंत पुलिस की गोली से हो चुका है, जबकि बाकी बचे हुए आरोपियों की धरपकड़ के लिए पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन को और अधिक व्यापक कर दिया गया है।
इस सनसनीखेज वारदात के खुलासे के लिए पुलिस लगातार जमीन आसमान एक कर रही थी। सिंगर की हत्या के बाद से ही यूपी पुलिस और एसटीएफ की टीमें उत्तर प्रदेश से लेकर हरियाणा और दिल्ली तक के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थीं। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के दबाव के चलते ही आरोपी खुद को घिरा हुआ महसूस कर रहे थे और आखिरकार आज सुबह शामली के एक इलाके में पुलिस के साथ हुई आमने-सामने की मुठभेड़ में ये दोनों अपराधी मारे गए।
छह लोगों की संदिग्ध भूमिका आई सामने
अंकित बालियान हत्याकांड की परतें जैसे-जैसे उघड़ रही हैं, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब तक की पुलिस जांच और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर यह बात सामने आई है कि इस खौफनाक साजिश में कुल छह लोगों की सीधी या परोक्ष रूप से भूमिका थी। इनमें चार वे शूटर्स शामिल हैं जिन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया था, जबकि दो अन्य लोग ऐसे हैं जिन्होंने हत्या से पहले रेकी करने और अपराधियों को लॉजिस्टिक्स व अन्य मदद मुहैया कराने का काम किया था।
पुलिस सूत्रों की मानें तो चारों शूटर्स की पहचान वारदात स्थल के आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालने के बाद हुई थी। फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा गया था कि संदिग्ध किस प्रकार योजनाबद्ध तरीके से आए और वारदात को अंजाम देकर फरार हुए। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के बाद पुलिस ने जब इनपुट को डिकोड किया, तब जाकर इस साजिश के पूरे ताने-बाने का खुलासा हुआ।
सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स बने अहम सुराग
जांच एजेंसियों के लिए यह केस शुरुआत में एक बड़ी चुनौती बना हुआ था, क्योंकि अपराधियों ने भागने के दौरान अपने मोबाइल फोन पूरी तरह से बंद कर लिए थे और वे लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। हालांकि, यूपी पुलिस ने हार नहीं मानी। तकनीकी टीम ने अंकित बालियान की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), सोशल मीडिया चैट और व्हाट्सऐप मैसेजिंग हिस्ट्री को खंगालना शुरू किया। इसके साथ ही, घटनास्थल से लेकर आसपास के नेशनल और स्टेट हाईवे पर लगे टोल प्लाजा और सीसीटीवी कैमरों के सैकड़ों फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ही पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि गोली चलाने वाले ये शूटर्स मुख्य रूप से हरियाणा के हिसार और रोहतक जिलों के रहने वाले हैं। इनमें से एक आरोपी का आपराधिक इतिहास भी खंगाला गया, जिससे यह बात सामने आई कि वह पहले भी एक अन्य हत्या के मामले में जेल की हवा खा चुका था। वहीं, बाकी तीन आरोपियों के खिलाफ भी विभिन्न थानों में छोटे-मोटे अपराधों और मारपीट के मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। हरियाणा पुलिस की मदद से जब इनपुट साझा किए गए, तो इनके घरों पर दबिश दी गई, जिसके बाद ये पूरी तरह से अंडरग्राउंड हो गए थे और अंततः पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
मेरठ जोन के 7 जिलों की 8 टीमों ने डाला था डेरा
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। मेरठ जोन के 7 अलग-अलग जिलों से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की कुल 8 विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों को अलग-अलग टास्क सौंपे गए थे—कुछ टीमें टेक्निकल सर्विलांस पर काम कर रही थीं, तो कुछ टीमें हरियाणा और दिल्ली के विभिन्न इलाकों में जमीनी स्तर पर दबिश दे रही थीं।
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ दिन पहले ही मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने खुद शामली पहुंचकर स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की थी। करीब दो घंटे चली इस मैराथन बैठक में उन्होंने हर एक पहलू की गहन समीक्षा की थी। बैठक के बाद एडीजी ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट संकेत दिए थे कि पुलिस आरोपियों और इस वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियारों के बेहद करीब पहुंच चुकी है। और अब, दो शूटर्स के एनकाउंटर के बाद पुलिस के ये दावे सच साबित होते नजर आ रहे हैं।
आगे की कार्रवाई और साजिश के गहरे राज
दो शूटर्स के मारे जाने के बाद अब पुलिस और एसटीएफ का पूरा फोकस बचे हुए दो अन्य शूटर्स और उनकी मदद करने वाले दोनों स्थानीय मददगारों को दबोचने पर है। पुलिस का मानना है कि इन दोनों बचे हुए आरोपियों की गिरफ्तारी से इस हत्याकांड के असली मास्टरमाइंड (मुख्य साजिशकर्ता) का चेहरा बेनकाब हो जाएगा। आखिर एक उभरते हुए हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर की हत्या के पीछे की असल रंजिश क्या थी? क्या इसके पीछे कोई व्यावसायिक विवाद था, आपसी रंजिश थी या फिर कोई अन्य बड़ी वजह? इन तमाम सवालों के जवाब जल्द ही जनता के सामने आ सकते हैं।
शामली और आसपास के इलाकों में इस एनकाउंटर के बाद सुरक्षा व्यवस्था और अधिक चाक-चौबंद कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। जैसे-जैसे इस हाई-प्रोफाइल मामले में आगे की कड़ियां जुड़ेंगी, वैसे-वैसे कई और चौंकाने वाले नाम सामने आने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
