मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में इंदौर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़ी एक नाइजीरियन महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला के कब्जे से पुलिस ने 29 लाख रुपये मूल्य की हाई-क्वालिटी कोकीन बरामद की है। इस कार्रवाई के बाद से मुंबई से लेकर इंदौर तक फैले ड्रग तस्करी के नेटवर्क की परतें उधड़ने लगी हैं।
त्योहार की गश्त के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ी विदेशी महिला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 31 अगस्त 2026 के आसपास की है जब शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस लगातार गश्त कर रही थी। चंदन नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आईटी पार्क सिंहासा इलाके में पुलिस की मोबाइल पेट्रोलिंग टीम गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों की नजर एक विदेशी महिला पर पड़ी जो काले रंग का संदिग्ध बैग लेकर सुनसान जगह पर खड़ी थी।
त्योहारों के इस माहौल में विदेशी महिला की संदेहास्पद स्थिति ने पुलिस को सतर्क कर दिया। पुलिस टीम ने तुरंत उसके पास पहुंचकर रुकने का इशारा किया और वहां खड़े होने का कारण पूछा। पूछताछ के दौरान महिला बुरी तरह घबरा गई और अंग्रेजी में बात करने लगी। उसके हाव-भाव और जवाबों से संतुष्ट न होने पर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत उसकी तलाशी लेने का निर्णय लिया।
बैग की तलाशी में मिला 29 लाख का ज़हर
महिला के पास मौजूद काले रंग के बैग की जब बारीकी से तलाशी ली गई, तो उसके अंदर से एक पारदर्शी प्लास्टिक की थैली बरामद हुई। इस थैली में सफेद रंग का नशीला पदार्थ भरा हुआ था, जिसकी पहचान कोकीन के रूप में की गई। तौल करने पर इस कोकीन का कुल वजन 57.18 ग्राम पाया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार और स्थानीय तस्करी के हिसाब से इस कोकीन की अनुमानित कीमत करीब 29 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने तुरंत एनडीपीएस अधिनियम (NDPS Act) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कोकीन और महिला के पास मौजूद एक स्मार्टफोन को अपने कब्जे में ले लिया। पूछताछ में आरोपी महिला ने अपनी पहचान इम्यूनल जॉय (Immanuel Joy) के रूप में बताई, जो मूल रूप से नाइजीरिया के लेगोस शहर की रहने वाली है और वर्तमान में मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में रह रही थी।
बिजनेस वीजा की आड़ में भारत आई थी आरोपी
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी महिला ने बताया कि वह इसी साल 14 अगस्त 2026 को नाइजीरिया से भारत आई थी। उसके पास जो वीजा है, वह 'बिजनेस वीजा' कैटेगरी का है जो आगामी 10 फरवरी 2027 तक वैध है। भारत आने के बाद वह मुंबई के बांद्रा इलाके में अपनी बहन के साथ मिलकर एक हेयर सैलून में काम करने का दावा कर रही थी। हालांकि, पुलिस उसके इन दावों और वीजा की असलियत का गहराई से सत्यापन कर रही है।
जांच एजेंसियों की रडार पर मुंबई-इंदौर ड्रग चेन
चंदन नगर थाना पुलिस अब इस मामले को केवल एक छोटी गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि इसके तार दूर-दूर तक खंगाले जा रहे हैं। चूंकि मामला एक विदेशी नागरिक से जुड़ा है, इसलिए पुलिस इमिग्रेशन विभाग, पासपोर्ट कार्यालय और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में है। महिला के भारत में प्रवेश (Entry) और निकास (Exit) रिकॉर्ड के साथ-साथ उसके पिछले दौरों की भी कुंडली खंगाली जा रही है।
- स्रोत की तलाश: कोकीन की यह खेप उसे मुंबई में किसने पहुंचाई थी, इसकी तलाश जारी है।
- स्थानीय खरीदार: इंदौर में वह किस स्थानीय तस्कर या पेडलर को यह माल डिलीवर करने आई थी, इसका पता लगाया जा रहा है।
- वित्तीय लेन-देन: हवाला या डिजिटल बैंकिंग के जरिए पैसों के लेन-देन की भी जांच हो रही है।
डिजिटल साक्ष्यों और मोबाइल डेटा का विश्लेषण
जांच अधिकारियों का पूरा फोकस अब आरोपी महिला के मोबाइल फोन पर है। मोबाइल के चैट बॉक्स, कॉल डिटेल्स (CDR), और सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए उन तमाम चेहरों की पहचान की कोशिश की जा रही है जो इस सिंडिकेट का हिस्सा हैं। पुलिस 'बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज' पर काम कर रही है—यानी यह ड्रग्स कहां से बनकर आई और आगे किसे बिकने वाली थी, इस पूरी चेन को बेनकाब किया जा रहा है।
पूछताछ के दौरान महिला ने यह भी कबूल किया है कि उसने यह कोकीन काफी कम कीमत पर हासिल की थी और उसकी नीयत इसे इंदौर के रईसजादों और नशे के आदी लोगों को महंगे दामों में बेचकर रातों-रात अमीर बनने की थी। पुलिस ने उसे स्थानीय अदालत में पेश कर रिमांड पर ले लिया है, ताकि ड्रग तस्करी के इस बड़े नेटवर्क के अन्य गुर्गों तक भी जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।
शहर में नशे के खिलाफ लगातार एक्शन
इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा पिछले कुछ महीनों से लगातार 'ड्रग्स फ्री इंदौर' अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत स्कूल-कॉलेज के आसपास, होटलों और संदिग्ध इलाकों में कड़ी नजर रखी जा रही है। इस ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि मेट्रो सिटीज (जैसे मुंबई) के रास्ते विदेशी नागरिक किस तरह टियर-2 शहरों में ड्रग्स की सप्लाई का जाल फैला रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी कई बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।
