उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और उनके अधिकारों के संरक्षण को लेकर जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी कड़ी में पुलिस विभाग की ओर से एक अनूठी पहल की शुरुआत की जा रही है, जिसके तहत आगामी चार अक्टूबर से जिलेभर में 'बहू-बेटी सम्मेलन' का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचलों तक पहुंचकर महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें एक सुरक्षित माहौल प्रदान करना है।
पुलिस विभाग ने जारी किया थानावार विस्तृत रोस्टर
श्रावस्ती के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राहुल भाटी ने इस मेगा अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि अक्टूबर महीने के हर रविवार को अलग-अलग गांवों और थानों के अंतर्गत विशेष सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। प्रशासन ने इसके लिए एक ठोस और पारदर्शी थानावार रोस्टर तैयार किया है, ताकि किसी भी गांव की महिला इस संवाद कार्यक्रम से वंचित न रह सके। अधिकारियों का मानना है कि इस सीधे संवाद से पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी कम होगी और महिलाओं से जुड़े मामलों का त्वरित निस्तारण हो सकेगा।
चार अक्टूबर (पहला रविवार): इन गांवों से होगी शुरुआत
अभियान के पहले चरण की शुरुआत चार अक्टूबर को होगी। इस दिन जिले के कई चुनिंदा गांवों में बहु-बेटी सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। एसपी द्वारा जारी रोस्टर के अनुसार, पहले रविवार को जिन प्रमुख गांवों को इस कार्यक्रम के लिए चुना गया है, उनमें:
- पांडेयपुरवा
- रामपुर ककरा
- घोघवा कला
- मोगला
- देवरा
- नेवरिया
- तिलकपुर
- खर्चविरान
- छब्बामुरवा
इन गांवों में पुलिस अधिकारी और महिला बीट अधिकारी पहुंचकर महिलाओं की समस्याएं सुनेंगे और सरकारी योजनाओं के साथ-साथ कानूनी सुरक्षा उपायों की जानकारी देंगे।
11 अक्टूबर (दूसरा रविवार): इन क्षेत्रों में सजेगा सम्मेलन
कार्यक्रम के दूसरे चरण यानी 11 अक्टूबर को पड़ने वाले रविवार को पुलिस टीम और प्रशासनिक अमला अगले पड़ाव पर निकलेगा। इस दिन तय किए गए रोस्टर के मुताबिक निम्नलिखित गांवों में सम्मेलन होंगे:
- रामपुर
- गोठवा
- विशुनापुर
- कोकल
- मनवरियादीवान
- शाहपुर कठौतिया
- सदाशिव चंद्रावा
- रघुवीपुरवा
- मिश्रीपुरवा
18 अक्टूबर (तीसरा रविवार): सुरक्षा और संवाद का तीसरा चरण
अक्टूबर के तीसरे रविवार यानी 18 अक्टूबर को यह विशेष कारवां आगे बढ़ते हुए जिले के अन्य ग्रामीण इलाकों तक पहुंचेगा। तीसरे चरण के तहत जिन गांवों को सूची में शामिल किया गया है, वे इस प्रकार हैं:
- हसनापुर
- पिपरी
- वीरपुर बगही
- करियातीपुरवा
- आलागांव
- प्रह्लादा
- शिवबालकपुरवा
- बनकटवा
- शिवपुर बनकट
25 अक्टूबर (चौथा रविवार): समापन की ओर बढ़ता अभियान
अक्टूबर माह के अंतिम रविवार यानी 25 अक्टूबर को इस विशेष अभियान का चौथा और इस चरण का अंतिम पड़ाव आयोजित किया जाएगा। इस दिन ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े स्तर पर महिलाओं को जोड़ने की योजना है। इस अंतिम रविवार के लिए निम्नलिखित गांवों का चयन किया गया है:
- खजुहा
- हल्लाजोत
- चौकी राजपुर क्षेत्र
- नदईडीह
- रहमतू गांव
- बेड़सरी
- मुहम्मदापुरवा
- टांडा
- खरगूपुर गांव
अभियान का मूल उद्देश्य: सशक्त और सुरक्षित समाज
इस पूरे कार्यक्रम के पीछे पुलिस प्रशासन की मंशा केवल औपचारिकता पूरी करना नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर बदलाव लाना है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में कई महिलाएं घरेलू हिंसा, छेड़खानी या अन्य सामाजिक दवाबों के चलते खुलकर अपनी बात सामने नहीं रख पाती हैं। ऐसे सम्मेलनों के जरिए उन्हें एक ऐसा सुरक्षित मंच मिलेगा जहां वे बिना किसी डर के अपनी शिकायतें या सुझाव पुलिस के साथ साझा कर सकेंगी।
इसके साथ ही सम्मेलनों में महिलाओं को गुड टच-बैड टच, साइबर अपराधों से बचाव, महिला हेल्पलाइन नंबरों (जैसे 1090, 112, 181) के इस्तेमाल और महिला सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से प्रशिक्षित किया जाएगा।
स्थानीय ग्रामीणों और महिलाओं में उत्साह
श्रावस्ती पुलिस की इस पहल का स्थानीय स्तर पर स्वागत किया जा रहा है। महिलाओं का मानना है कि जब पुलिस खुद चलकर उनके गांव आएगी, तो उनकी समस्याओं का समाधान होना और भी आसान हो जाएगा। विशेषकर बालिकाओं में अपने अधिकारों को जानने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पुलिस प्रशासन ने सभी संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देश दे दिए हैं कि वे तय तारीखों से पहले ही गांवों में मुनादी करवाएं और अधिक से अधिक महिलाओं की उपस्थिति सुनिश्चित करें ताकि इस अभियान का शत-प्रतिशत सकारात्मक परिणाम मिल सके।