हरियाणा के सोनीपत में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। हिसार के चर्चित बाडो पट्टी टोल मैनेजर संजय शुक्ला हत्याकांड में फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को एसटीएफ ने एक फिल्मी ड्रामा के बाद शनिवार देर रात धर दबोचा। इस दौरान गिरफ्तारी से बचने के लिए एक आरोपी ने लगभग 13 फीट ऊंचे फ्लाईओवर से नीचे छलांग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई इस रोमांचक कार्रवाई से इलाके में सनसनी फैल गई है।
फिल्मों की तरह की भागने की कोशिश, पर कानून के लंबे हाथों से बच नहीं पाए
घटना के संबंध में मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, सोनीपत एसटीएफ की टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि हिसार टोल मैनेजर हत्याकांड में वांटेड बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में एक संदिग्ध गाड़ी से सोनीपत की सीमा में दाखिल होने वाले हैं। इनपुट मिलते ही एसटीएफ प्रभारी अजय धनखड़ के नेतृत्व में टीम ने नेशनल हाईवे-44 पर स्थित भिगान फ्लाईओवर के पास कड़े बंदोबस्त करते हुए नाकाबंदी कर दी।
जैसे ही संदिग्ध गाड़ी वहां पहुंची, पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। खुद को पुलिस के शिकंजे में घिरता देख आरोपियों के होश उड़ गए। गाड़ी में बैठे बदमाशों ने भागने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
फ्लाईओवर से कूदने पर गंभीर रूप से घायल हुआ 'फिल्मी' मनोज
पुलिस को देखते ही आरोपियों में अफरातफरी मच गई। गाड़ी में सवार मनोज उर्फ 'फिल्मी' नाम के बदमाश ने पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए जो कदम उठाया, वह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। उसने घबराहट में चलती गाड़ी या रुकते ही सीधे करीब 13 फुट ऊंचे भिगान फ्लाईओवर से नीचे सड़क पर छलांग लगा दी।
इतनी ऊंचाई से नीचे गिरने के कारण मनोज को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। वह जमीन पर गिरते ही दर्द से कराहने लगा। एसटीएफ की टीम ने बिना एक पल गंवाए तुरंत उसे उठाया और इलाज के लिए सोनीपत के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
साथी सचिन मौके पर ही दबोचा गया
एक तरफ जहां मनोज ने फ्लाईओवर से छलांग लगाई, वहीं एसटीएफ के जांबाज जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसके दूसरे साथी को संभलने का मौका तक नहीं दिया। मौके पर ही उसके साथी को धर दबोचा गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान सचिन के रूप में हुई है, जो कि सोनीपत के ही कबीरपुर गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। वहीं, फ्लाईओवर से कूदने वाला घायल मनोज हिसार जिले के बहबलपुर गांव का रहने वाला है।
आपराधिक इतिहास और बरामदगी
प्रारंभिक जांच-पड़ताल में यह बात सामने आई है कि मनोज उर्फ 'फिल्मी' का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह पहले भी कई मामलों में संलिप्त रह चुका है। एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध पिस्तौल और वारदात में इस्तेमाल की जा रही गाड़ी को भी अपने कब्जे में ले लिया है।
पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि बरामद किया गया हथियार और गाड़ी क्या सीधे तौर पर हिसार टोल मैनेजर संजय शुक्ला की हत्या में इस्तेमाल किए गए थे या नहीं। फोरेंसिक टीम और स्थानीय पुलिस इस एंगल से भी साक्ष्य जुटा रही है।
क्या थी टोल मैनेजर संजय शुक्ला की हत्या की वजह?
आपको बता दें कि हिसार के बाडो पट्टी टोल पर मैनेजर के पद पर कार्यरत संजय शुक्ला की हत्या के बाद से ही हरियाणा पुलिस और एसटीएफ इन दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद से ही ये दोनों अपराधी लगातार अपनी ठिकाने बदल रहे थे और पुलिस की नजरों से बचकर भाग रहे थे।
एसटीएफ अब दोनों आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस हत्याकांड के पीछे मुख्य साजिशकर्ता कौन था, हत्या के पीछे की असली वजह क्या थी, और इस पूरी वारदात में उनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे। इसके साथ ही, फरारी के दौरान इन दोनों को किसने शरण दी और पनाहगारों ने इनकी किस प्रकार मदद की, पुलिस इस नेटवर्क को भी पूरी तरह से खंगालने में जुटी हुई है।
पुलिस का सख्त संदेश
इस सफल ऑपरेशन के बाद एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि हरियाणा में किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर मिट्टी में मिला दिया जाएगा या शिकंजे में कसा जाएगा। फिलहाल, घायल मनोज का अस्पताल में पुलिस पहरे के बीच इलाज चल रहा है, और ठीक होने के बाद दोनों से कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।