आइची-नागोया में भारत के लिए ऐतिहासिक शुरुआत, पूर्व रेसिंग ड्राइवर ने कठिनाइयों को मात देकर हासिल किया पदक
भारत के पैरा एथलीट जेहान दोराब मदन ने आइची-नागोया में चल रहे एशियाई पैरा खेल-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पुरुष एकल वर्ग-1 टेबल टेनिस स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है। इस प्रतिष्ठित महाद्वीप प्रतियोगिता में इस विशिष्ट स्पर्धा के तहत भारत की झोली में आया यह पहला और एकमात्र पदक है।
प्रतियोगिता के राउंड रॉबिन चरण के दौरान जेहान ने कड़े मुकाबले खेले, जिसमें उन्होंने एक मैच में जीत दर्ज की जबकि तीन मुकाबलों में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपने अभियान का आगाज शानदार अंदाज में करते हुए अपने ही देश के संदीप डांगी को 3-1 के अंतर से मात दी। हालांकि, इसके बाद के मैचों में उन्हें सऊदी अरब के राकान अलसल्मी, कजाखस्तान के अरदाक नूरमागाम्बेतोव और दक्षिण कोरिया के ह्योनुक किम के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद हार का सामना करना पड़ा। पूल तालिका में चौथे स्थान पर रहने के बावजूद, स्पर्धा के नियमों के तहत दिए जाने वाले दो कांस्य पदकों में से एक पर जेहान ने अपना अधिकार सुरक्षित कर लिया।
दुर्घटना के बाद बदला जीवन, खेलों से दोबारा जोड़ा नाता
मूल रूप से चेन्नई के रहने वाले जेहान मदन की यह उपलब्धि उनके जीवन के कड़े संघर्ष और दृढ़ इच्छाशक्ति की कहानी कहती है। खेल जगत में आने से पहले वह एक पेशेवर रेसिंग ड्राइवर हुआ करते थे। वर्ष 2007 में मुंबई की एक व्यावसायिक यात्रा के दौरान हुए एक गंभीर सड़क हादसे में उनके शरीर का सीने के नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया था। इस भीषण दुर्घटना के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपनी शारीरिक चुनौती को पीछे छोड़ते हुए वर्ष 2021 में पैरा टेबल टेनिस के जरिए खेलों की दुनिया में एक नई पारी की शुरुआत की।राष्ट्रीय स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
पैरा टेबल टेनिस में कदम रखने के कुछ ही महीनों के भीतर जेहान ने अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया। उन्होंने राष्ट्रीय पैरा टेबल टेनिस चैंपियनशिप के पुरुष एकल वर्ग-1 में रजत पदक जीतकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और वर्ष 2023 में आईटीटीएफ मिस्र पैरा ओपन में अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक हासिल किया।
उनकी यह सफलता का कारवां यहीं नहीं रुका। उन्होंने वर्ष 2025 में पैरा टेबल टेनिस एशियाई चैंपियनशिप के पुरुष एकल वर्ग-1 में भी कांस्य पदक जीता था। इसके बाद वर्ष 2026 के दौरान लाहती और नाखोन रत्चासिमा में आयोजित विश्व पैरा टेबल टेनिस प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने शानदार खेल दिखाते हुए कांस्य पदक अपने नाम किए। अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ के आधिकारिक पटल पर अब तक उनके नाम एक स्वर्ण, चार रजत और आठ कांस्य समेत कुल 13 पदक दर्ज हो चुके हैं, जो उनके निरंतर और उत्कृष्ट खेल का प्रमाण हैं।