सड़कों पर सफर करते वक्त यदि आप अपनी गाड़ी को कहीं भी पार्क कर देने की आदत रखते हैं, या फिर यातायात नियमों को ताक पर रखकर वाहन चलाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। बढ़ते सड़क हादसों और यातायात में लगातार आ रही बाधाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सड़क सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है और इसके तहत कई कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर तुरंत होगी टोइंग और जुर्माना
मंगलवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) पर बेतरतीब खड़े वाहनों को लेकर गहरी चिंता जताई गई। डीसी ऋतुराज की अध्यक्षता और एसपी मुकेश कुमार लुनायत की प्रमुख मौजूदगी में हुई इस बैठक में साफ किया गया कि मुख्य सड़कों, राज्य मार्गों और एनएच पर अनावश्यक रूप से खड़े वाहन अब भारी पड़ेंगे।
प्रशासन ने ऐसे तमाम वाहनों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से क्रेन या टोइंग की मदद से कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। केवल गाड़ी उठाना ही नहीं, बल्कि इसके साथ ही वाहन मालिकों और चालकों पर भारी आर्थिक जुर्माना भी ठोका जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि सड़कों पर अनधिकृत रूप से खड़े वाहन न केवल जाम का कारण बनते हैं, बल्कि इनकी वजह से रात के वक्त भयानक सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
फुटपाथों पर कब्जा करने वालों को आखिरी चेतावनी
शहर के मुख्य मार्गों और फुटपाथों पर लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण पर भी प्रशासन की पैनी नजर है। जिला प्रशासन ने शहरवासियों और दुकानदारों से अपील की है कि वे स्वतः ही अतिक्रमण हटा लें। यदि तय समय के भीतर स्वेच्छा से कब्जा नहीं हटाया गया, तो प्रशासन की ओर से एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत बुलडोजर और प्रशासनिक अमले की मदद से अतिक्रमण तो हटाया ही जाएगा, साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए भारी जुर्माना भी वसूला जाएगा।
'नो हेलमेट, नो पेट्रोल' नियम का सख्ती से पालन
दोपहिया चालकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पेट्रोल पंप संचालकों के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर अब 'नो हेलमेट, नो पेट्रोल' नियम का कड़ाई से पालन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। यानी यदि कोई भी शख्स बिना हेलमेट के पेट्रोल भरवाने पहुंचता है, तो उसे ईंधन नहीं मिलेगा।
- बिना हेलमेट आने वाले बाइक चालकों को पेट्रोल देने पर पूरी तरह रोक।
- नियमों की अनदेखी करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ भी प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी।
- पेट्रोल पंप परिसरों में इस नियम से जुड़े जागरूकता बोर्ड लगाने के निर्देश।
चुटूपालू घाटी और ब्लैक स्पॉट पर विशेष फोकस
सड़क दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात चुटूपालू घाटी में हादसों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं। यहाँ जल्द ही स्पीड चालान मीटर सेवा शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वाहन चालक तय गति सीमा से अधिक रफ्तार न भर सकें। इसके अलावा, जिले भर में चिह्नित सभी ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) पर सुधारात्मक कार्यों को तेजी से पूरा करने को कहा गया है।
राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का बारीकी से विश्लेषण किया गया है। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़कों के खतरनाक मोड़ों और जरूरी स्थानों पर साइनेज बोर्ड, ब्लिंकर लाइट, स्पीड ब्रेकर और रिफ्लेक्टर लगाने के काम में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए।
ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार पर पुलिस और परिवहन विभाग का संयुक्त शिकंजा
सड़क सुरक्षा के मोर्चे पर पुलिस महकमा भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने दोटूक शब्दों में कहा कि अवैध बालू, कोयला और अन्य खनिजों का परिवहन करने वाले ओवरलोडेड वाहनों के खिलाफ पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर साझा अभियान चलाएंगे।
तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वाले ड्राइवरों को अब बख्शा नहीं जाएगा। ओवरलोडिंग में लिप्त पाए जाने वाले वाहनों के परमिट रद्द करने और संबंधित चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस (DL) को निलंबित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश परिवहन विभाग को दिए गए हैं।
बैठक में मौजूद रहे प्रमुख अधिकारी
सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बुलाई गई इस अहम बैठक में जिला प्रशासन के तमाम बड़े अधिकारी मौजूद रहे। इनमें अनुमंडल पदाधिकारी कृष्ण मुरारी तिर्की, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा रविंद्र कुमार गुप्ता, जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश एक्का, मोटरयान निरीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात/मुख्यालय) तथा सड़क सुरक्षा प्रबंधक समेत कई अन्य अधिकारी शामिल रहे।
प्रशासन की इन सख्त कार्रवाइयों और हिदायतों से यह साफ है कि आने वाले दिनों में रामगढ़ में यातायात नियमों की अनदेखी करना भारी पड़ सकता है। आम जनता और वाहन चालकों के लिए यही समझदारी होगी कि वे नियमों का पालन करें और अपनी तथा दूसरों की जान की हिफाजत सुनिश्चित करें।