बिहार के सुपौल जिले से एक बेहद मर्मस्पर्शी और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। जिले में सर्पदंश (Snake Bite) की एक ऐसी घटना घटी है जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। सोते हुए एक मासूम बच्चे को जहरीले सांप ने डंस लिया, जिसके कुछ ही घंटों के भीतर उसकी मौत हो गई। इस अचानक हुए हादसे से बच्चे के परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में मातम का माहौल छाया हुआ है।
अंधेरे में सोते वक्त हुआ जानलेवा हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सुपौल के एक स्थानीय ग्रामीण इलाके की है। रोज की तरह परिवार के सभी सदस्य अपने घरों में सो रहे थे। मौसम और गर्मी के कारण लोग अमूमन नीचे जमीन पर या चारपाई पर सोते हैं। पीड़ित परिवार का मासूम बच्चा भी गहरी नींद में सो रहा था। इसी दौरान, अंधेरे का फायदा उठाकर एक जहरीला सांप घर के अंदर दाखिल हुआ और उसने बच्चे को डंस लिया।
सांप के डंसते ही बच्चे की चीख निकल गई, जिसके बाद परिवार की नींद खुली। घबराहट में परिजनों ने तुरंत टॉर्च जलाकर देखा तो वहां एक जहरीला जीव नजर आया, जो अंधेरे का लाभ उठाकर वहां से गायब हो चुका था। बच्चे के शरीर पर सांप के दांतों के निशान साफ दिखाई दे रहे थे, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उसे किसी जहरीले जीव ने काटा है।
अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत
घटना के तुरंत बाद परिजनों ने बिना एक पल गंवाए सूझबूझ दिखाते हुए बच्चे को स्थानीय अस्पताल की ओर दौड़ाया। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य केंद्रों की दूरी और रात के वक्त परिवहन के साधनों की कमी के कारण अस्पताल पहुंचने में कुछ समय लग गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने तक बच्चे की स्थिति बेहद नाज़ुक हो चुकी थी।
ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया और विष (Venom) के प्रभाव को कम करने वाली दवाएं देनी चाही, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने तमाम कोशिशों के बावजूद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि सांप का जहर इतनी तेजी से बच्चे के पूरे शरीर और रक्त संचार में फैल चुका था कि उसे बचा पाना नामुमकिन हो गया।
गांव में छाया सन्नाटा, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
इस अप्रत्याशित और दुखद घटना के बाद से मृतक बच्चे के घर में कोहराम मचा हुआ है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। जवान बेटे की इस तरह अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार को अंदर से तोड़कर रख दिया है। आसपास के रिश्तेदार और पड़ोसी परिवार को सांत्वना देने के लिए इकट्ठा हो गए हैं, लेकिन किसी के पास भी इस दुख की घड़ी में कहने के लिए शब्द नहीं हैं।
गांव के लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की घटना सामने आई हो। बरसात के मौसम में अक्सर जहरीले जीव अपने बिलों से बाहर निकलकर रिहायशी इलाकों का रुख करते हैं। इस दुखद हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग सदमे में हैं।
बरसात के मौसम में सर्पदंश से बचाव और जरूरी सावधानियां
वर्ष 2026 के इस दौर में भी ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश से होने वाली मौतें एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता बरतकर ऐसी अनहोनी को टाला जा सकता है:
- जमीन पर सोने से बचें: बरसात के दिनों में हमेशा खाट या पलंग का इस्तेमाल करें, सीधे जमीन पर सोने से बचें।
- रोशनी की व्यवस्था रखें: रात के समय घर में चलते या उठते वक्त हमेशा टॉर्च या पर्याप्त रोशनी का इस्तेमाल करें।
- घरों के आसपास सफाई रखें: झाड़ियों, कचरों और ईंटों के ढेर को घर के आसपास जमा न होने दें, क्योंकि ये सांपों के छुपने की मुख्य जगह होते हैं।
- तुरंत अस्पताल जाएं: झाड़-फूंक या ओझा-गुणी के चक्कर में बिल्कुल न पड़ें। सांप के काटते ही पीड़ित को तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं जहाँ एंटी-वेनम उपलब्ध हो।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी लगातार यह अपील की जाती है कि सर्पदंश के मामलों में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि मरीज को समय पर सही इलाज मिल जाए, तो उसकी जान बचाई जा सकती है। बहरहाल, सुपौल की इस घटना ने एक बार फिर से सभी को झकझोर कर रख दिया है और हर कोई इस परिवार के दुख में शामिल है।