अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को एक नया और प्रशासनिक रूप से बेहद मजबूत नेतृत्व मिल गया है। भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने आधिकारिक तौर पर राम मंदिर ट्रस्ट के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में अपना पदभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करने के बाद उनका यह पहला अयोध्या दौरा था, जिसे लेकर शहरवासियों और ट्रस्ट के सदस्यों में खासा उत्साह देखने को मिला।
भव्य स्वागत और अयोध्या आगमन
गुरुवार की सुबह जैसे ही रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का विमान अयोध्या एयरपोर्ट पर उतरा, वहां मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद वह सीधे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र भवन पहुंचे। भवन में प्रवेश करते ही ट्रस्ट के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने पुष्पमालाओं के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान पूरे परिसर में एक अलग ही ऊर्जा और उत्साह का माहौल नजर आया।
लगभग पांच हजार से अधिक योग्य उम्मीदवारों की लंबी फेरहिस्ट और कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद जितेंद्र मिश्रा को इस प्रतिष्ठित पद के लिए चुना गया था। उनकी प्रशासनिक क्षमता, अनुशासन और राष्ट्र सेवा के लंबे अनुभव को देखते हुए ट्रस्ट ने उन पर यह बड़ा भरोसा जताया है।
राष्ट्र सेवा के बाद अब रामभक्तों की सेवा
पदभार संभालने के बाद मीडिया और ट्रस्ट के सदस्यों से बातचीत करते हुए नवनियुक्त CEO जितेंद्र मिश्रा काफी भावुक नजर आए। उन्होंने इस जिम्मेदारी को अपने जीवन का एक गौरवशाली और आध्यात्मिक क्षण बताया।
"राष्ट्र की सेवा करने के बाद अब मुझे प्रभु श्रीराम, देश-दुनिया से आने वाले रामभक्तों और इस पावन राम मंदिर ट्रस्ट की सेवा करने का जो अवसर मिला है, वह मेरे लिए प्रभु श्रीराम की असीम कृपा और जीवन की सबसे बड़ी अनुभूति है।" - जितेंद्र मिश्रा, CEO, राम मंदिर ट्रस्ट
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य राम मंदिर परिसर में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करना और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाना होगा।
ट्रस्ट की अहम बैठक में लिया हिस्सा
CEO के रूप में अपने पहले ही अयोध्या दौरे के दौरान जितेंद्र मिश्रा ने समय गंवाए बिना एक्शन मोड में काम शुरू कर दिया। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि क्षेत्र कार्यालय में ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक की।
इस बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
- प्रशासनिक कसावट: मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा।
- विकास कार्य: अयोध्या में चल रहे आगामी निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेना।
- कर्मचारियों से संवाद: ट्रस्ट से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों से मिलकर उनकी कार्यप्रणाली को समझना और निर्देश देना।
चुनौतियां और भविष्य की रूपरेखा
आगामी समय में राम मंदिर में दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या में भारी बढ़ोतरी की संभावना है। ऐसे में एक रिटायर्ड एयर मार्शल का इस पद पर आना प्रबंधन के दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है। वायुसेना में अपनी लंबी सेवा के दौरान जटिल परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने और अनुशासन बनाए रखने का उनका अनुभव अब अयोध्या में राम मंदिर के प्रशासनिक कार्यों को नई गति देगा।
स्थानीय लोगों और संतों ने भी उनके इस पद पर आसीन होने का स्वागत किया है। सभी को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में मंदिर परिसर से जुड़े सभी कार्य और निर्माण परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी होंगी।