मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी का भी दिल दहल जाए। आस्था की आड़ में किस तरह से अंधविश्वास का काला कारोबार चल रहा था, इसका अंदाजा इस घटना से लगाया जा सकता है। पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जो खुद को 'अघोरी काली' बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस शख्स के वीडियो ने सनसनी फैला दी है, जिसमें वह श्मशान घाट पर जलती चिता के बीच बेहद अमानवीय हरकतें करता नजर आ रहा है।
श्मशान घाट पर खौफनाक और अमानवीय करतूत
आस्था और तंत्र-मंत्र के नाम पर उज्जैन के एक श्मशान घाट पर जो कुछ हुआ, उसने समाज के सभ्य वर्ग को झकझोर कर रख दिया है। आरोपी खुद को चमत्कारी अघोरी बताता था और लोगों के मन में डर पैदा कर अपनी दुकान चला रहा था। सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे वह जलती हुई चिताओं के बीच बैठकर अजीबोगरीब कृत्य कर रहा था। इस तरह की अमानवीय हरकतें न सिर्फ कानूनन जुर्म हैं, बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं को भी तार-तार करती हैं।
स्थानीय लोगों और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह तथाकथित अघोरी भोले-भाले लोगों को अपने प्रपंच में फंसाता था। वह दावा करता था कि उसके पास हर समस्या का तांत्रिक समाधान है। लोग उसकी बातों में आकर अपनी गाढ़ी कमाई उसके हवाले कर देते थे।
दस लाख रुपये की ठगी का बड़ा खुलासा
जांच के दौरान पुलिस के सामने जो खुलासे हुए, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। आरोपी ने केवल तंत्र-मंत्र का ढोंग ही नहीं रचा था, बल्कि लोगों को डरा-धमकाकर और बड़े-बड़े वादे करके करीब 10 लाख रुपये की ठगी को भी अंजाम दिया था। जब पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगे या उसके दावों की सच्चाई जाननी चाही, तो वह उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देता था।
- असली पहचान छिपाई: आरोपी ने अपनी असली पहचान छिपाकर लोगों को भ्रमित किया और खुद को महाकाल की नगरी का विशेष तांत्रिक बताया।
- ब्लैकमेलिंग का धंधा: तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर लोगों के निजी वीडियो और फोटो खींचकर उन्हें ब्लैकमेल करने का काम भी किया जाता था।
- आर्थिक शोषण: समस्याओं से निजात दिलाने के नाम पर पीड़ितों से भारी-भरकम रकम वसूली जाती थी।
पुलिस की गिरफ्त में आया 'अघोरी काली'
मामले के तूल पकड़ने और वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद इस फर्जी अघोरी को धर दबोचा गया। पूछताछ के दौरान आरोपी के कई और काले कारनामों से पर्दा उठा है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस ठगी के नेटवर्क में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे।
प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद गंभीरता से लिया है। उज्जैन जैसे पवित्र और आध्यात्मिक शहर में इस तरह की घटनाओं से धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंची है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई इस तरह के अंधविश्वास का सहारा लेकर आम जनता को न लूट सके।
अंधविश्वास के खिलाफ समाज को होना होगा सतर्क
यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि आज भी समाज का एक वर्ग किस तरह ढोंगियों और पाखंडियों के चंगुल में फंस जाता है। सोशल मीडिया पर शोहरत पाने की चाह और रातों-रात अमीर बनने या समस्याओं से तुरंत छुटकारा पाने का शॉर्टकट इंसानों को बड़ी मुसीबत में डाल देता है।
प्रशासन और बुद्धिजीवियों की ओर से लगातार यह अपील की जा रही है कि लोग इस तरह के बाबाओं, तांत्रिकों और अघोरियों के बहकावे में न आएं। यदि आपके आसपास भी कोई व्यक्ति धर्म या तंत्र के नाम पर इस तरह की संदिग्ध गतिविधियां कर रहा है, तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें। सजगता ही इस तरह के जालसाजों से बचने का एकमात्र उपाय है।