प्रान्तीयकृत दीपोत्सव मेला-2026 को दिव्य और भव्य बनाने के लिए रामनगरी अयोध्या में प्रशासनिक तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने राम की पैड़ी से लेकर सरयू घाट तक विभिन्न स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
रामनगरी अयोध्या में आयोजित होने वाले प्रांतीयकृत दीपोत्सव मेला-2026 के सफल और गरिमामय आयोजन को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। हाल ही में मण्डलायुक्त राजेश कुमार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मण्डलायुक्त ने सभी नोडल अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए थे कि दीपोत्सव से जुड़े सभी कार्य तय मानकों और उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
मण्डलायुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया था कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित कार्यों की हर दिन समीक्षा करें। साथ ही, नियमित मॉनिटरिंग और स्थलीय निरीक्षण के माध्यम से कार्यों की प्रगति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई न हो।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी का कड़ा रुख
समीक्षा बैठक के बाद जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने दीपोत्सव तैयारियों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाएं ताकि आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यदि कोई समस्या सामने आती है, तो उसका तुरंत समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने कार्यक्रम स्थलों का दौरा करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उनके निरीक्षण के दायरे में राम कथा पार्क मैदान, रामकथा पार्क हेलीपैड, राम की पैड़ी, सरयू घाट और फटिक शिला पार्किंग स्थल सहित कई अन्य महत्वपूर्ण स्थान शामिल रहे।
प्रकाश, सफाई और पार्किंग पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दीपोत्सव के दौरान आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए:
- प्रकाश व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद रखा जाए ताकि रात के समय घाटों और मार्गों पर पर्याप्त रोशनी रहे।
- कार्यक्रम स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की उत्तम व्यवस्था हो।
- पेयजल आपूर्ति और अस्थायी शौचालयों का उचित प्रबंध किया जाए।
- वाहनों के आवागमन और पार्किंग व्यवस्था को इस तरह प्रबंधित किया जाए कि भीड़भाड़ या जाम की स्थिति न बने।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि तैयारियों में यदि कोई कमी रह जाती है, तो उसे समय रहते तुरंत दूर कर लिया जाए, ताकि मुख्य आयोजन के दिन किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
बैठक और निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे प्रमुख अधिकारी
इस पूरी प्रक्रिया और निरीक्षण के दौरान प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय रूप से मौजूद रहे। मण्डलायुक्त की बैठक और जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त जैनेंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (नगर) दिनेश, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आदित्य विक्रम अग्रवाल, और अपर नगर आयुक्त नागेंद्र समेत विभिन्न संबंधित विभागों के नोडल अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल रहे। प्रशासन का यह साझा प्रयास यह सुनिश्चित करने के लिए है कि इस वर्ष का दीपोत्सव मेला अपनी भव्यता और दिव्यता के पुराने सभी मानकों को पार करे।