मजलिस पार्क से शिव विहार रूट पर यात्रियों को मिली राहत, ट्रेन आने से पहले डिस्प्ले स्क्रीन पर दिखेगा छह-कोच का रीयल-टाइम स्टेटस
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अपनी पिंक लाइन पर एक महत्वपूर्ण तकनीकी शुरुआत की है। अब मजलिस पार्क से शिव विहार के बीच चलने वाली पिंक लाइन के यात्रियों को ट्रेन में कम भीड़ वाला कोच चुनने के लिए किसी तरह का अनुमान नहीं लगाना पड़ेगा। मैजेंटा लाइन पर मिली सफलता के बाद डीएमआरसी ने इस तकनीक का विस्तार पिंक लाइन तक कर दिया है, जिससे रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों का आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा।
कैसे काम करती है यह रीयल-टाइम कोच ऑक्यूपेंसी प्रणाली?
इस नई व्यवस्था के तहत मेट्रो स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर लगी यात्री सूचना डिस्प्ले स्क्रीन पर ट्रेन के आने से ठीक पहले उसके सभी छह कोच में मौजूद भीड़ का अनुमानित प्रतिशत प्रदर्शित किया जाता है। डीएमआरसी के तकनीकी ढांचे के अनुसार, ट्रेन के प्रत्येक कोच में विशेष लोड सेंसर लगाए गए हैं। ये सेंसर कोच के वर्तमान कुल भार की सटीक गणना करते हैं। इसके बाद इस आंकड़े की तुलना खाली कोच के निर्धारित मानक भार से की जाती है, जिससे कोच के भीतर यात्रा कर रहे यात्रियों के भार का प्रतिशत निकलकर सामने आता है। प्लेटफॉर्म पर आने वाली ट्रेन के सभी छह कोचों को स्क्रीन पर C1, C2, C3, C4, C5 और C6 के रूप में दर्शाया जाता है।
यात्रियों को मिलेगा सीधा और व्यावहारिक लाभ
सुबह और शाम के व्यस्त समय (पीक आवर्स) के दौरान दिल्ली मेट्रो में भारी भीड़ रहती है। इस नई सुविधा के शुरू होने से प्लेटफॉर्म पर खड़े यात्रियों को ट्रेन आने से पहले ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस कोच में ज्यादा भीड़ है और कौन सा हिस्सा अपेक्षाकृत खाली है। यात्री इस जानकारी के आधार पर प्लेटफॉर्म पर उसी हिसाब से अपनी पोजीशन ले सकते हैं और कम भीड़ वाले कोच में सवार हो सकते हैं। इससे ट्रेन में चढ़ने और उतरने की प्रक्रिया भी तेज होगी और प्लेटफॉर्म पर बेवजह की भगदड़ या असमंजस की स्थिति से बचा जा सकेगा।
मैजेंटा लाइन पर मिल चुकी है सकारात्मक प्रतिक्रिया
यह तकनीकी पहल डीएमआरसी द्वारा पहली बार बॉटनिकल गार्डन से जनकपुरी पश्चिम तक जाने वाली मैजेंटा लाइन पर वर्ष 2022 में शुरू की गई थी। मैजेंटा लाइन के प्लेटफॉर्म पर यात्रियों से मिले सकारात्मक फीडबैक और इस तकनीक की उपयोगिता को देखते हुए ही इसे अब पिंक लाइन पर भी लागू किया गया है। आने वाले समय में डीएमआरसी के अन्य व्यस्त कॉरिडोर्स पर भी इस प्रकार की यात्री-हितैषी सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद की जा रही है, जिससे सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को और अधिक आधुनिक बनाया जा सके।