2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा, मुख्यमंत्री ने दिए कड़े निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओं को आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अभी से पूरी तरह सक्रिय होने का स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने पार्टी संगठन की ताकत को बूथ स्तर तक सुदृढ़ करने, सरकार की जनहितकारी नीतियों व उपलब्धियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा विपक्ष के नकारात्मक नैरेटिव का पूरी मजबूती और तथ्यों के साथ जवाब देने पर विशेष जोर दिया।
बूथ स्तर पर संगठन और सोशल मीडिया की मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन है, जिसकी विशिष्ट पहचान इसकी विचारधारा, सांस्कृतिक मूल्यों और आदर्शों से जुड़ी है। पार्टी कार्यकर्ता इन्हीं उच्च आदर्शों के लिए बिना किसी मान-अपमान की परवाह किए पूरी निष्ठा से कार्य करते हैं। जातिगत आधार पर समाज को खंडित करने का प्रयास करने वाले तत्वों से सतर्क रहने की चेतावनी देते हुए उन्होंने दोहराया कि एकता बनाए रखना ही सुरक्षा की गारंटी है और 'बटेंगे नहीं तो कटेंगे भी नहीं'।
योगी आदित्यनाथ ने पार्टी के जिलाध्यक्षों, विधायकों तथा जिला एवं विधानसभा प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे वर्तमान सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों और पूर्ववर्ती सरकारों के कामकाज के बीच तुलनात्मक विवरण वाली पुस्तिकाओं को प्रदेश के प्रत्येक बूथ तक पहुंचाएं। कार्यकर्ताओं से अपेक्षा की गई है कि वे इन दस्तावेजों का गहन अध्ययन कर जनता के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करें, ताकि विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही भ्रामक जानकारियों का तथ्यों के आधार पर खंडन किया जा सके।
1.63 लाख बूथों पर सोशल मीडिया और मतदाता पुनरीक्षण अभियान
संगठन के डिजिटल विस्तार पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी 1.63 लाख सक्रिय बूथों पर सोशल मीडिया की मजबूत और सक्रिय टीम होनी चाहिए। हर मंडल, शक्ति केंद्र और बूथ स्तर से प्रतिदिन विकास कार्यों की सकारात्मक कहानियों और जानकारियों को साझा किया जाना चाहिए। इसके माध्यम से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पार्टी की पहुंच को और अधिक व्यापक बनाया जा सकेगा।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल कराने के लिए विशेष बूथ स्तरीय अभियान चलाने को कहा। 'कमल साथी एप' पर उपलब्ध आंकड़ों के जरिए पात्र मतदाताओं की पहचान करने तथा विशेष रूप से 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवा मतदाताओं के नाम सूची में जुड़वाने पर बल दिया गया। सांसद, विधायक और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को इस पूरे अभियान की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
राम मंदिर आंदोलन के इतिहास और सामाजिक सहभागिता का आह्वान
बैठक के दौरान 30 अक्टूबर 1990 को अयोध्या में कारसेवकों पर हुई गोलीबारी की घटना का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अनेकों लाठियां और गोलियां खाईं, लेकिन कभी अपना संकल्प नहीं डिगाया। आज अयोध्या में जिस भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है, वह उसी ऐतिहासिक संघर्ष और त्याग का प्रत्यक्ष परिणाम है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस संघर्ष के इतिहास और सरकार के विकास कार्यों को जन-जन तक ले जाने का आह्वान किया।
आगामी त्योहारों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि दीपावली के पावन अवसर पर समाज के वंचित, गरीब और निराश्रित परिवारों तक दीप और मिठाइयां पहुंचाई जाएं। सामाजिक सहभागिता के माध्यम से कार्यकर्ताओं को समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में खुशियां लाने का प्रयास करना चाहिए।
भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि संगठन और राष्ट्र निर्माण का यज्ञ अभी निरंतर जारी है। सरकार की सफलताओं को जनता तक पहुंचाने और सामाजिक संवाद को मजबूत करने की मुख्य जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं के कंधों पर ही है।