Breaking
► सीएम योगी बोले- साढ़े नौ साल में बदला यूपी का खेल परिवेश, मैदानों से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छा रहीं बेटियां ► रिटायर्ड सैनिकों के लिए जरूरी खबर: DSP अकाउंट को तुरंत कराएं DPA में कन्वर्ट ► FASTag Annual Pass: ₹3,075 में एक साल का टोल पास, जानिए नियम और बचत का गणित ► गड़चिरोली में भेंडाला के किसानों का चक्काजाम, भूमि अधिग्रहण का विरोध ► छत्तीसगढ़ के तीन राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी बने आईएएस, केंद्र ने जारी की अधिसूचना ► आगरा दौरे पर सीएम योगी: शिवाजी म्यूजियम का निरीक्षण और एमएलसी प्रत्याशियों के लिए जनसभा ► ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी का फिल्मी सफर: पिता की नाराजगी से लेकर रिजेक्शन तक की कहानी ► पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने बनाई 'जननीति भारत' पार्टी, 2027 के यूपी चुनाव पर नजर ► फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के सहारे यूपी में चल रहे 3000 करोड़ के काम, जीएस एक्सप्रेस का ठेका रद्द करने की नोटिस ► सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास का भाजपा पर हमला, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल ► सीएम योगी बोले- साढ़े नौ साल में बदला यूपी का खेल परिवेश, मैदानों से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छा रहीं बेटियां ► रिटायर्ड सैनिकों के लिए जरूरी खबर: DSP अकाउंट को तुरंत कराएं DPA में कन्वर्ट ► FASTag Annual Pass: ₹3,075 में एक साल का टोल पास, जानिए नियम और बचत का गणित ► गड़चिरोली में भेंडाला के किसानों का चक्काजाम, भूमि अधिग्रहण का विरोध ► छत्तीसगढ़ के तीन राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी बने आईएएस, केंद्र ने जारी की अधिसूचना ► आगरा दौरे पर सीएम योगी: शिवाजी म्यूजियम का निरीक्षण और एमएलसी प्रत्याशियों के लिए जनसभा ► ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी का फिल्मी सफर: पिता की नाराजगी से लेकर रिजेक्शन तक की कहानी ► पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने बनाई 'जननीति भारत' पार्टी, 2027 के यूपी चुनाव पर नजर ► फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के सहारे यूपी में चल रहे 3000 करोड़ के काम, जीएस एक्सप्रेस का ठेका रद्द करने की नोटिस ► सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास का भाजपा पर हमला, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल

सीएम योगी का बड़ा फैसला: आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ा

सीएम योगी का बड़ा फैसला: आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ा

उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक सौगात

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य की लाखों आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार के इस कदम से基层 (जमीनी स्तर) पर काम करने वाली इन महिला कर्मियों के जीवन में बड़ा आर्थिक बदलाव आने की उम्मीद है। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रही इन कार्यकर्ताओं के लिए यह किसी बड़े त्योहार से कम नहीं है।

मंगलवार, 08 सितंबर 2026 को सामने आए इस नए अपडेट के मुताबिक, अब आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को प्रतिमाह 12,000 रुपये और सहायिकाओं को 6,000 रुपये का मानदेय मिलेगा। यह बढ़ोतरी उनके वित्तीय संकट को दूर करने में मददगार साबित होगी और उन्हें अपने परिवार का भरण-पोषण करने में अधिक आसानी होगी।

लंबे समय से थी मानदेय बढ़ाने की मांग

आंगनवाड़ी कार्यकत्री और सहायिकाएं पिछले कई वर्षों से अपने मानदेय को पुनरीक्षित करने और उसे सम्मानजनक स्तर पर लाने की मांग कर रही थीं। देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण से लेकर सरकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से इन्हीं के कंधों पर होती है। ऐसे में, सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय उनकी सेवाओं और कड़ी मेहनत का सम्मान माना जा रहा है।

  • कार्यकत्रियों का नया मानदेय: अब प्रति माह 12,000 रुपये।
  • सहायिकाओं का नया मानदेय: अब प्रति माह 6,000 रुपये।
  • फायदा: राज्य की लाखों महिलाओं को सीधा आर्थिक लाभ।

पोषण अभियान और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि जब जमीनी स्तर के कर्मचारी आर्थिक रूप से सुरक्षित और संतुष्ट महसूस करते हैं, तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन और भी बेहतर तरीके से होता है। उत्तर प्रदेश में कुपोषण के खिलाफ चल रही लड़ाइयों, बच्चों के टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की निगरानी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रीढ़ की हड्डी की तरह काम करती हैं।

इस मानदेय वृद्धि से न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा, बल्कि वे और अधिक ऊर्जा और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगी। राज्य सरकार का यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।

आम जनता और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर

जैसे ही इस वित्तीय वृद्धि की घोषणा हुई, प्रदेश भर की आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों में खुशी की लहर दौड़ गई। कई जिलों से कार्यकर्ताओं द्वारा एक-दूसरे को मिठाई खिलाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करने की खबरें सामने आ रही हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि महंगाई के इस दौर में यह बढ़ी हुई राशि उनके लिए एक बहुत बड़ी राहत है।

आगे की प्रक्रिया और भुगतान

संबंधित विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बढ़े हुए मानदेय के भुगतान की प्रक्रिया को जल्द ही सुचारू रूप से लागू किया जाएगा ताकि सभी पात्र महिलाओं को समय पर उनका बढ़ा हुआ वेतन मिल सके। डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे उनके खातों में यह राशि भेजने की तैयारी है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की अड़चन न आए।

यह फैसला स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों की भलाई के लिए लगातार गंभीर कदम उठा रही है और भविष्य में भी ऐसे जनहितैषी निर्णय जारी रहने की पूरी उम्मीद है।

About the Author

नसीम अहमद

नसीम अहमद

Writer

नसीम अहमद जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं। उन...

Read More

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →