पुरानी रंजिश में खौफनाक वारदात: दशहरा मेले से लौट रहे सेल्समैन को कार से टक्कर मारकर पीटा, खिड़कियों में हाथ फंसाकर डेढ़ किमी तक दौड़ाया वाहन
उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में पुरानी रंजिश के चलते एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां दबंगों ने एक खाद्य उत्पाद कंपनी के सेल्समैन की बेरहमी से हत्या कर दी। हमलावरों ने पहले युवक को कार से टक्कर मारी, फिर लात-घूंसों से पीटने के बाद उसके हाथ कार की पिछली खिड़कियों के शीशों में फंसाकर छत पर लिटा दिया। इसके बाद तेज रफ्तार कार को करीब डेढ़ किलोमीटर तक दौड़ाया गया। पीड़ित को सड़क पर फेंककर उसी वाहन से कुचल दिया गया, जिससे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे की तलाश सरगर्मी से जारी है।
दशहरा मेले से लौटते समय हुआ हमला
पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान अर्रा गांव निवासी 37 वर्षीय बीरू सिंह भदौरिया के रूप में हुई है, जो एक निजी खाद्य उत्पाद कंपनी में सेल्समैन के तौर पर कार्यरत थे। यह घटना मंगलवार रात की है, जब बीरू सिंह दशहरा मेले से अपने घर वापस लौट रहे थे। हनुमंत विहार थाना क्षेत्र के अंतर्गत योजनाबद्ध तरीके से आरोपियों ने उन्हें अपना शिकार बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के शुरुआती विवरण के अनुसार, हमलावरों ने सुनियोजित ढंग से पहले उनकी बाइक या वाहन में कार से टक्कर मारी, जिसके बाद उनके साथ मारपीट की गई।
कार की छत पर बांधकर डेढ़ किलोमीटर तक घसीटा
अपराध की पराकाष्ठा पार करते हुए हमलावरों ने हैवानियत की सभी हदें पार कर दीं। मारपीट के बाद बीरू सिंह के दोनों हाथ कार की पिछली खिड़कियों के शीशों में मजबूती से फंसा दिए गए और उन्हें वाहन की छत पर लिटा दिया गया। इसके बाद आरोपियों ने कानपुर की सड़कों पर करीब डेढ़ किलोमीटर तक तेज रफ्तार में कार दौड़ाई। रास्ते में पीड़ित को सड़क पर नीचे फेंक दिया गया और बेरहमी से उसी कार से उसे कुचल दिया गया। इस गंभीर हमले में बीरू सिंह बुरी तरह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े।
अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और गंभीर रूप से घायल बीरू सिंह को तत्काल प्रभाव से एक नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें कानपुर के प्रमुख लाला लाजपत राय (एलएलआर) अस्पताल यानी हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। एलएलआर अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर या आपातकालीन वार्ड में इलाज के दौरान बुधवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पिता की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज, दो आरोपी गिरफ्तार
कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने मीडिया को जानकारी दी कि शुरुआत में मृतक के भाई द्वारा केवल सड़क हादसे की सूचना या शिकायत दी गई थी। हालांकि, बाद में मृतक के पिता राम शंकर सिंह ने थाने पहुंचकर हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला (प्राथमिकी) दर्ज किया।
शिकायत में राजवीर, मेवा यादव और पिंटू को नामजद किया गया है। पुलिस ने त्वरित दबिश देते हुए मुख्य आरोपियों में से राजवीर और पिंटू को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी मेवा यादव की तलाश के लिए पुलिस टीमें जुटी हुई हैं। गिरफ्तार आरोपी राजवीर और मेवा यादव खादेपुर की नई बस्ती के रहने वाले बताए गए हैं।
पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह और आगे की जांच
परिजनों और पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतक बीरू सिंह भदौरिया का राजवीर और मेवा यादव के साथ पुराना विवाद चल रहा था। पुलिस इसी रंजिश को इस खौफनाक वारदात की मुख्य वजह मानकर अपनी तफ्तीश आगे बढ़ा रही है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि घटना स्थल और आने-जाने वाले रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि इस जघन्य अपराध से जुड़े हर एक साक्ष्य को एकत्र किया जा सके। वारदात को अंजाम देने में इस्तेमाल की गई कार को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संकलित साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।