मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में सरकारी खरीदारी के दौरान दामों में भारी भिन्नता का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। राज्य में एक तरफ जहां कुछ नगर पालिकाएं मामूली कीमत पर दैनिक उपयोग का सामान खरीद रही हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ निकायों में इन्हीं सामानों के लिए हजारों रुपये चुकाए जा रहे हैं।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव आईएएस संजय दुबे के सामने हाल ही में खरीद प्रक्रिया से जुड़े कुछ आंकड़े प्रस्तुत किए गए। इन आंकड़ों के अनुसार, सफाई कार्यों में इस्तेमाल होने वाले फिनाइल की कीमत एक नगर पालिका में मात्र पांच रुपये दर्ज की गई, जबकि प्रशासनिक दस्तावेजों में इसी फिनाइल की कीमत एक अन्य स्थान पर 11 हजार रुपये बताई गई।
एलईडी लाइट की खरीद में भी भारी अंतर
फिनाइल के अलावा सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था के लिए खरीदी जाने वाली एलईडी लाइटों के दामों में भी भारी असमानता देखने को मिली है। एमपीएसईडीसी (मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) के एडिशनल एमडी अंशुमान राज द्वारा दिए गए प्रेजेंटेशन में यह बात सामने आई कि राज्य के अलग-अलग नगरीय निकायों में एलईडी लाइट की खरीद 350 रुपये से लेकर 33 हजार रुपये प्रति यूनिट तक की गई है।
एक ही राज्य के भीतर और एक ही प्रशासनिक महकमे के अंतर्गत बुनियादी जरूरतों के सामानों की कीमतों में इस तरह का जमीन-आसमान का फर्क होना स्थानीय स्तर पर खरीद प्रक्रिया, टेंडर प्रणाली और वित्तीय पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।