रामपुर जिला कारागार में करीब 45 मिनट तक चली मुलाकात, सपा अध्यक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को रामपुर जिला कारागार पहुंचकर पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला और कहा कि रामपुर में रामराज की मूल भावना को कुचलने का काम किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में जनता इन कृत्यों का जवाब देते हुए भाजपा को करारा सबक सिखाएगी।
अखिलेश यादव ने मुलाकात के बाद आजम खान के स्वास्थ्य और कानूनी मामलों को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि आजम खान पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें पूरी उम्मीद है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें जल्द ही न्याय मिलेगा। इस मुलाकात को उत्तर प्रदेश की राजनीतिक हलकों में समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और आजम खान के परिवार के बीच अटूट एकजुटता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
हेलीकॉप्टर से पहुंचे रामपुर, जेल के बाद आवास जाने का भी था कार्यक्रम
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार दोपहर करीब 1:40 बजे रामपुर पहुंचे। उनका हेलीकॉप्टर जौहर विश्वविद्यालय परिसर में बनाए गए हेलीपैड पर उतरा। इस दौरान आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा, उनके बड़े बेटे अदीब आजम, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष, नगर अध्यक्ष समेत कई प्रमुख पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
स्वागत और औपचारिक बातचीत के बाद अखिलेश यादव सड़क मार्ग से रामपुर जिला कारागार के लिए रवाना हुए। उनके साथ आजम खान के बड़े बेटे अदीब आजम भी वाहन में मौजूद थे। जिला कारागार के भीतर अखिलेश यादव और आजम खान के बीच लगभग 45 मिनट तक बैठक तय थी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच आजम खान के स्वास्थ्य, कानूनी लड़ाई और मौजूदा राजनीतिक हालात पर विस्तृत चर्चा हुई, हालांकि इस बातचीत का आधिकारिक विस्तृत ब्योरे बाहर साझा नहीं किया गया। जेल में निर्धारित कार्यक्रम पूरा होने के बाद अखिलेश यादव के आजम खान के निकट स्थित आवास पर भी जाने का कार्यक्रम था।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) पर उठाए सवाल
कारागार के बाहर पत्रकारों से चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) के मुद्दे पर भी तीखे सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के नाम पर बड़े पैमाने पर धांधली को अंजाम दिया जा रहा था, जिसकी पोल अब पूरी तरह से खुल चुकी है। सपा प्रमुख ने उम्मीद जताई कि चुनाव आयोग इस मामले का संज्ञान लेते हुए मतदाता सूची की विसंगतियों को दुरुस्त करेगा और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा। उनके इस बयान को राज्य में चल रही राजनीतिक बहस से जोड़कर देखा जा रहा है।