स्नातक-शिक्षक एमएलसी चुनाव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आगामी रैली को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी कार्यालय पर हुई बैठकों में चुनावी रणनीति और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई।
उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। बाराबंकी जिला भाजपा कार्यालय पर हुई बैठकों का मुख्य एजेंडा चुनावी जीत सुनिश्चित करना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाना रहा। बैठकों में जिला पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।
एमएलसी चुनाव को बताया विधानसभा का सेमीफाइनल
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला प्रभारी नीरज वर्मा ने चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनावों को आगामी विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मुकाबले को हर हाल में जीतना है, जिससे पार्टी का आगामी राजनीतिक आधार मजबूत हो सके।
रणनीति के तहत पार्टी ने सूक्ष्म स्तर पर प्रबंधन शुरू किया है। प्रत्येक 20 मतदाताओं पर एक पार्टी पदाधिकारी या कार्यकर्ता को नामित किया गया है। इन कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी होगी कि वे मतदाताओं से सीधा संपर्क साधें और मतदान के दिन उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करें, ताकि मतदान प्रतिशत को अधिकतम किया जा सके।
17 अक्टूबर की रैली के लिए व्यापक प्रबंध
बैठक का दूसरा महत्वपूर्ण एजेंडा 17 अक्टूबर को लखनऊ के स्मृतिवन में प्रस्तावित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैली को सफल बनाना रहा। इस रैली में बाराबंकी जिले से अधिक से अधिक संख्या में समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
यातायात और लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था के तहत समर्थकों को लाने के लिए एक हजार चारपहिया वाहन और 100 बसों का प्रबंध किया गया है। इसके अलावा, रैली में शामिल होने वाले लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की जिम्मेदारी भी स्थानीय पदाधिकारियों को दी गई है। जिलाध्यक्ष राम सिंह वर्मा ने बैठक में उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत और आभार व्यक्त किया।
बैठक में मौजूद प्रमुख नेता
इस महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक में जिले के कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और नेता उपस्थित रहे। इनमें जिला पंचायत प्रशासक राजरानी रावत, विधायक दिनेश रावत, एमएलसी अंगद सिंह, पूर्व विधायक शरद अवस्थी, पूर्व एमएलसी हरगोविंद, पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद मौर्य, अमरीश रावत, अजीत प्रताप सिंह, जिला महामंत्री विजय आनंद बाजपेई, बृजेश रावत, पवन सिंह रिंकू, चमन सिंह पटेल, रामकुमारी मौर्य, सरोज रावत, डॉ. विवेक वर्मा, अलका मिश्रा, सतीश चंद्र, शिवम सिंह राठौर और सतीश विश्वकर्मा शामिल रहे।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन बैठकों और तय की गई जिम्मेदारियों से संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिलेगी और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सकेगा।