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मसूरी में महा जाम: सरकारी गाड़ी छोड़ स्कूटी पर निकले मंत्री, पर्यटक परेशान

मसूरी में महा जाम: सरकारी गाड़ी छोड़ स्कूटी पर निकले मंत्री, पर्यटक परेशान

पहाड़ों की रानी कहे जाने वाले मसूरी में इस समय पर्यटकों का सैलाब उमड़ा हुआ है। वीकेंड और छुट्टियों के सीजन के चलते यहां पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि सड़कों पर मीलों लंबा महा जाम लग गया है, जिससे आम जनता के साथ-साथ खास लोग भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। आलम यह रहा कि व्यवस्था का जायजा लेने और जाम से निकलने के लिए एक मंत्रीजी को अपनी सरकारी गाड़ी छोड़कर स्कूटी का सहारा लेना पड़ा।

सड़कों पर वाहनों का रेला, घंटों रेंगते रहे वाहन

मसूरी आने वाले मुख्य मार्गों से लेकर शहर के भीतर के चौराहों तक हर तरफ वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। पर्यटकों की अथाह भीड़ के कारण ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। लाइब्रेरी चौक से लेकर पिक्चर पैलेस और केम्पटी फॉल रोड तक गाड़ियों का पहिया थम सा गया है। लोग अपनी गाड़ियों में घंटों फंसे रहने को मजबूर हैं।

ट्रैफिक के इस दबाव को कम करने और स्थिति का जायजा लेने के लिए जब प्रशासनिक अमला भी लाचार नजर आया, तो राज्य के एक मंत्री ने खुद कमान संभालने की कोशिश की। भारी जाम के बीच जब उनकी सरकारी गाड़ी आगे नहीं बढ़ पाई, तो उन्होंने अपनी गाड़ी को छोड़कर एक स्थानीय व्यक्ति की स्कूटी पर पीछे बैठकर सफर तय किया ताकि वे तय समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

होटल और रेस्टोरेंट फुल, कमरों के लिए भटक रहे पर्यटक

सिर्फ सड़कें ही नहीं, बल्कि मसूरी के होटल, रिसॉर्ट और गेस्ट हाउस भी पूरी तरह पैक हो चुके हैं। दूर-दूर से अपनी छुट्टियां मनाने पहुंचे सैलानियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर छिपाने की जगह ढूंढने की बन गई है। बिना एडवांस बुकिंग के पहुंचे पर्यटकों को एक कमरे के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई पर्यटकों ने बताया कि उन्हें होटलों में कमरे मिलने तो दूर, सामान्य दरों से कई गुना अधिक कीमत चुकाने के बावजूद खाली जगह नहीं मिल पा रही है।

  • होटलों में नो रूम का बोर्ड: अधिकांश बड़े और छोटे होटलों के बाहर 'नो वैकेंसी' के बोर्ड टंगे हुए हैं।
  • रेस्टोरेंट के बाहर लंबी कतारें: खाने-पीने की जगहों पर भी ऐसा ही हाल है। मॉल रोड पर स्थित लोकप्रिय रेस्टोरेंट्स और कैफे के बाहर लोगों को अपनी बारी का इंतजार करने के लिए लंबी लाइनों में खड़े रहना पड़ रहा है।
  • गाड़ियों की पार्किंग बनी सिरदर्द: गाड़ियों को पार्क करने के लिए स्पेस न मिलने की वजह से भी सड़कों पर जाम की स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई है।

प्रशासन की अपील और ट्रैफिक प्लान

बढ़ते दबाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग हरकत में आ गया है। पर्यटकों से अपील की जा रही है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं और बिना होटल बुकिंग के मसूरी की तरफ रुख न करें। यातायात पुलिस द्वारा लगातार रूट डायवर्जन और शटल सेवा का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि मुख्य बाजारों में वाहनों का दबाव कम किया जा सके।

हालांकि, प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद मौजूदा हालात ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारे पहाड़ी पर्यटक स्थल इस हद तक बढ़ चुके दबाव को झेलने के लिए तैयार हैं? विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन सीजन के दौरान कैपेसिटी मैनेजमेंट पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है, अन्यथा आने वाले दिनों में यह स्थिति और भी अधिक भयावह हो सकती है। फिलहाल, मसूरी घूमने आए सैलानी जाम और कमरों की किल्लत से जूझते हुए किसी तरह अपनी छुट्टियों के दिन बिताने को मजबूर हैं।

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नसीम अहमद

नसीम अहमद

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नसीम अहमद जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं। उन...

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