प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र और धार्मिक नगरी वाराणसी में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली एक नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की लगातार बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शहर की परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह से हाई-टेक और सुगम बनाने का बड़ा निर्णय लिया है। इसके तहत वाराणसी को जल्द ही 250 नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिलने वाली है। इन बसों के बेड़े में शामिल होने के बाद काशी में पर्यावरण-अनुकूल यात्रा का दायरा शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक फैल जाएगा।
बढ़ेगा बसों का बेड़ा, करीब 300 तक पहुंचेगी संख्या
वर्तमान समय में वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के अंतर्गत करीब 50 इलेक्ट्रिक बसें (28 सीटर) शहर के विभिन्न चुनिंदा रूटों पर सफलताપૂર્વক संचालित हो रही हैं। लेकिन अब इस बेड़े में 250 और आधुनिक बसों को शामिल किया जा रहा है। इनमें 150 बसें 28 सीटर होंगी, जबकि 100 बसें 38 सीटर क्षमता वाली होंगी। इन सभी नई बसों के सड़कों पर उतरने के बाद वाराणसी में कुल इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर लगभग 300 हो जाएगी।
क्षेत्रीय प्रबंधक परशुराम पांडेय के अनुसार, बेड़े का विस्तार होने के बाद यात्रियों को अब बसों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अलग-अलग प्रमुख रूटों पर यात्रियों को मात्र 3 से 5 मिनट के अंतराल पर बसें उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा।
एक बार चार्ज होने पर तय करेंगी दोगुनी दूरी
नई इलेक्ट्रिक बसों की सबसे बड़ी खासियत इनकी तकनीकी दक्षता और लंबी रेंज होगी। वर्तमान में जो इलेक्ट्रिक बसें वाराणसी में चल रही हैं, वे सिंगल चार्जिंग पर लगभग 115 किलोमीटर का सफर तय करती हैं। इसके विपरीत, नई तकनीकी से लैस ये 250 इलेक्ट्रिक बसें एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद लगभग 250 किलोमीटर यानी पहले से दोगुनी दूरी तय करने में सक्षम होंगी।
इस बढ़ी हुई रेंज के कारण इन बसों को केवल शहरी सीमाओं तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इन्हें लंबी दूरी के रूटों और ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ने वाले मार्गों पर भी आसानी से संचालित किया जा सकेगा। इससे गांव और शहर के बीच की दूरियां और कम हो जाएंगी।
चार्जिंग और मेंटेनेंस के लिए खास तैयारी
इलेक्ट्रिक बसों के सुचारू संचालन के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करना बेहद जरूरी होता है। इसके लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के एआरएम ए.के. सिंह ने जानकारी दी कि नई बसों के मेंटेनेंस और चार्जिंग व्यवस्था के वास्ते कड़सड़ा और वीरापट्टी में पांच-पांच एकड़ जमीन नगर विकास विभाग को हस्तांतरित की जा चुकी है। इन जगहों पर अत्याधुनिक चार्जिंग स्टेशन और वर्कशॉप विकसित किए जा रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, मार्ग में किसी भी आपात स्थिति या इमरजेंसी चार्जिंग की आवश्यकता को देखते हुए सारनाथ, परेड कोठी और मड़वा में भी विशेष चार्जिंग प्वाइंट्स की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस होंगी बसें
यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए इन नई बसों को अत्याधुनिक तकनीकी फीचर्स से लैस किया गया है:
- पैनिक बटन: आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद के लिए हर बस में पैनिक बटन की सुविधा होगी।
- सीसीटीवी कैमरे: सुरक्षा और निगरानी पुख्ता करने के लिए बसों के भीतर हाई-डिफ़िनीशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
- जीपीएस ट्रैकिंग: लाइव लोकेशन ट्रैक करने के लिए सभी बसों में जीपीएस (GPS) इनेबल होगा।
- वातानुकूलित केबिन: सभी बसें पूरी तरह एयर-कंडीशंड (AC) होंगी, जिससे यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।
कैबिनेट से मिल चुकी है मंजूरी, प्रक्रिया तेजी से जारी
इन 250 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के प्रस्ताव को पहले ही कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है और नियमों के तहत आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। जानकारों का मानना है कि इन बसों के संचालन से न सिर्फ शहर का पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क मजबूत होगा, बल्कि आम जनता की निजी वाहनों (कार और दोपहिया वाहनों) पर निर्भरता भी कम होगी। इससे शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से भी काफी हद तक निजात मिलेगी।
पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण मुक्ति की दिशा में बड़ा कदम
डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों के धुएं से महानगरों में लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है। ऐसे में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में एक बहुत ही प्रभावी कदम साबित होता है। सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन पर भी पूरा जोर दे रही है। शहर में पहले से ही अत्याधुनिक रोपवे प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है, और अब इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े का यह विस्तार काशी की परिवहन व्यवस्था को एक ग्लोबल और ग्रीन स्टैंडर्ड प्रदान करेगा।
निसंदेह, इन नई बसों के सड़कों पर उतरने के बाद वाराणसी के निवासियों के साथ-साथ बाहर से आने वाले लाखों पर्यटकों को भी एक वर्ल्ड-क्लास, सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त यात्रा का अनुभव प्राप्त होगा।