वाराणसी जिले के कपसेठी थाना क्षेत्र से एक बेहद दहला देने वाली और चिंताजनक घटना सामने आई है। कपसेठी बाजार में स्थित एक जनरल स्टोर के भीतर रखे संदिग्ध विस्फोटक के पैकेट में अचानक हुए जोरदार धमाके ने न सिर्फ इलाके के लोगों को सहमा दिया, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस भयानक हादसे में पांच साल का एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसकी स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है और उसका इलाज वाराणसी के एक बड़े अस्पताल में जारी है।
सुबह-सुबह गूंजी धमाके की आवाज, मची अफरा-तफरी
घटना शनिवार सुबह करीब आठ बजे की है। कपसेठी बाजार स्थित जायसवाल जनरल स्टोर की दुकान आम दिनों की तरह ही खुली हुई थी। दुकान के अंदर कुछ संदिग्ध विस्फोटक सामग्री के पैकेट रखे हुए थे, जिसके बारे में आसपास के लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं थी। इसी दौरान, पांच साल का एक मासूम बच्चा खेलते-खेलते या किसी काम से दुकान के अंदर पहुंच गया।
बच्चा जैसे ही दुकान के भीतर दाखिल हुआ, तभी अचानक उन संदिग्ध पैकेटों में भीषण विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। पल भर में जनरल स्टोर के अंदर धुआं भर गया और बाजार में हड़कंप मच गया। धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के दुकानदार और राहगीर अपनी दुकानें छोड़कर मौके की तरफ भागे। जब लोगों ने अंदर जाकर देखा तो पांच वर्षीय बच्चा खून से लथपथ गंभीर हालत में जमीन पर पड़ा था।
परिजन पहुंचे मौके पर, आनन-फानन में अस्पताल में कराया भर्ती
धमाके के तुरंत बाद बाजार में चीख-पुकार मच गई। हादसे की खबर मिलते ही बच्चे के परिजन बदहवास हालत में मौके पर दौड़े चले आए। उन्होंने बिना एक पल गंवाए घायल बच्चे को उठाया और कपसेठी चौराहे पर स्थित एक नजदीकी निजी चिकित्सालय में ले गए।
निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत प्राथमिक उपचार (First Aid) शुरू किया, लेकिन उसके घाव और अंदरूनी चोटें इतनी गंभीर थीं कि स्थानीय अस्पताल के डॉक्टर भी घबरा गए। बच्चे की नाज़ुक हालत और लगातार बिगड़ती सेहत को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों ने उसे वाराणसी के बड़े और उन्नत हेरिटेज अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। फिलहाल, मासूम का इलाज डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है और परिवार के लोग उसकी सलामत वापसी के लिए दुआएं मांग रहे हैं.
आखिर दुकान में क्या कर रहा था विस्फोटक? उठ रहे बड़े सवाल
इस सनसनीखेज हादसे के बाद से ही कपसेठी बाजार और आसपास के इलाकों में भारी रोष और चिंता का माहौल है। आम जनता के बीच इस बात की चर्चा जोरों पर है कि आखिर एक आम जनरल स्टोर के अंदर इस तरह की विस्फोटक सामग्री कैसे और क्यों रखी गई थी?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बाजारों और घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों में इस प्रकार के खतरनाक विस्फोटक रखना सीधे तौर पर सैकड़ों बेकसूर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। लोगों ने जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं कि आखिर इस तरह की अवैध या संदिग्ध सामग्रियां बिना किसी रोक-टोक के दुकानों तक कैसे पहुंच रही हैं।
पुलिस प्रशासन हरकत में, शुरू हुई गहराई से छानबीन
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय थाना पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से गहनता से जांच की जा रही है।
- अनुमति की जांच: पुलिस यह खंगाल रही है कि जायसवाल जनरल स्टोर के पास इस तरह के विस्फोटक या संदिग्ध पैकेट रखने का कोई वैध लाइसेंस या अनुमति थी या नहीं।
- सुरक्षा मानकों का उल्लंघन: यह भी जांच का मुख्य विषय है कि क्या दुकानदारों द्वारा व्यापारिक सुरक्षा और नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।
- सामग्री की फोरेंसिक जांच: विस्फोटक किस प्रकार का था, इसके नमूने जुटाए जा रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पैकेट में कौन सा केमिकल या पदार्थ था।
पुलिस का दावा है कि इस हादसे के लिए जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, इलाके के अन्य दुकानदारों की भी सुई अब पुलिस के रडार पर आ गई है ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को समय रहते रोका जा सके। फिलहाल, सबकी निगाहें घायल मासूम के स्वास्थ्य पर टिकी हैं और हर कोई उसकी जल्द से जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहा है।