सोशल मीडिया की दुनिया में रातों-रात मशहूर होने की सनक युवाओं पर किस कदर हावी हो चुकी है, इसकी बानगी आए दिन देश के अलग-अलग हिस्सों से देखने को मिलती है। लाइक्स, कमेंट्स और व्यूज के चक्कर में कानून और नियमों को ताक पर रख देने का यह ट्रेंड अब जानलेवा और कानूनी रूप से मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र कहे जाने वाले वाराणसी से सामने आया है, जहां सड़क पर खुलेआम रील बना रहे तीन युवकों को खाकी का सामना करना पड़ा और उनका सारा नशा एक ही झटके में उतर गया।
साजन तिराहे पर चल रहा था स्टंट और शोबाजी का खेल
घटना वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले व्यस्त साजन तिराहे की है। शुक्रवार की रात जब शहर के ज्यादातर लोग अपने घरों में आराम कर रहे थे, तब कुछ युवाओं के लिए यह सड़क किसी फिल्मी सेट से कम नहीं थी। पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी की ओर से शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए रात्रि चेकिंग का सख्त अभियान चलाया जा रहा था। इसी कड़ी में पुलिस गश्त कर रही थी, तभी रात करीब 11 बजे साजन तिराहे के पास एक सफेद रंग की सियाज कार (यूपी 63 एए 2682) संदिग्ध हालत में खड़ी दिखाई दी।
नजारा बेहद चौंकाने वाला था। कार के अंदर बैठने के बजाय युवक वाहन की बोनट पर शान से बैठे हुए थे। उनके हाथों में ड्रिंक के गिलास थे और वे मोबाइल कैमरे के सामने अलग-अलग पोज देते हुए इंस्टाग्राम या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए रील शूट कर रहे थे। सड़कों पर इस तरह की हरकतें न सिर्फ यातायात नियमों का खुला उल्लंघन हैं, बल्कि आसपास से गुजरने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा पैदा करती हैं।
पुलिस की सतर्कता से धरी रह गई रीलबाजी
रात के सन्नाटे में जब पुलिस की गाड़ियां उस ओर से गुजरीं, तो पुलिसकर्मियों की नजर इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे पर पड़ी। बिना एक पल गंवाए पुलिस वाहन ने तुरंत अपनी गति धीमी की और उस संदिग्ध सियाज कार को घेर लिया। अचानक सामने पुलिस को देखकर युवकों के होश उड़ गए। उनकी रील बनाने की मस्ती पल भर में डर में बदल गई।
मौके पर मौजूद पुलिस बल ने तुरंत तीनों युवकों को अपनी हिरासत में ले लिया। जब उनसे इस तरह सड़क के बीचों-बीच यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने और खुलेआम ड्रिंक करने का कारण पूछा गया, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उनकी अकड़ हवा हो चुकी थी और चेहरे पर कानून का खौफ साफ झलक रहा था।
पहचान उजागर: लोहता थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं आरोपी
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद तीनों युवकों से कड़ाई से पूछताछ की गई। उनकी पहचान वाराणसी कमिश्नरेट के लोहता थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाकों के रूप में हुई। पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
- अरबाज: पुत्र मुमताज, निवासी घमड़िया, आजाद नगर, थाना लोहता, वाराणसी।
- साजिद फारूकी: पुत्रुल इस्लाम, निवासी उपरोक्त (घमड़िया, लोहता)।
- करीम: पुत्र ताहिर अली, निवासी आजाद नगर खमरिया, थाना लोहता, वाराणसी।
इन सभी के खिलाफ सिगरा थाने में संबंधित धाराओं के तहत कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर की शांति और यातायात व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उनका मकसद कुछ भी क्यों न हो।
दस्तावेज मांगने पर खुली पोल, सियाज कार सीज
मामले में कार्रवाई यहीं खत्म नहीं हुई। जब पुलिस ने युवकों से उस लग्जरी सियाज कार के कागजात दिखाने को कहा, तो वे बुरी तरह फंस गए। उनके पास वाहन से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज या रजिस्ट्रेशन पेपर मौके पर मौजूद नहीं था। गाड़ी के कागजात दिखाने में असमर्थ रहने पर पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई करते हुए उस सियाज कार को तुरंत सीज कर दिया और उसे थाने ले आई।
बिना कागजात के गाड़ी सड़क पर दौड़ाना और ऊपर से इस तरह की स्टंटबाजी करना, इन तीनों के लिए काफी महंगा साबित हुआ। अब उन्हें कानूनी दांव-पेंच और कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने होंगे।
सोशल मीडिया की सनक पर पुलिस की कड़ी नजर
यह कोई इकलौता मामला नहीं है। पिछले कुछ महीनों में उत्तर प्रदेश सहित देश भर के कई बड़े शहरों में चलती गाड़ियों की छतों पर स्टंट करने, हाईवे पर केक काटने या सड़क के बीचों-बीच गाड़ी रोककर रील्स बनाने के वीडियो वायरल हुए हैं। ऐसे मामलों में पुलिस अब बेहद सख्त रुख अपना रही है। वीडियो के आधार पर चालान काटने से लेकर अब सीधे तौर पर वाहन सीज करने और गिरफ्तारियों का दौर शुरू हो चुका है।
वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने साफ संदेश दिया है कि सोशल मीडिया पर वाहवाही लूटने के चक्कर में अगर किसी ने कानून को अपने हाथ में लिया या सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डाला, तो उसका परिणाम जेल की सलाखों के पीछे ही होगा।
अभिभावकों और युवाओं के लिए एक बड़ा सबक
यह घटना समाज के लिए, खासकर युवा वर्ग और उनके अभिभावकों के लिए एक बड़ा सबक है। इंटरनेट की आभासी दुनिया में लाइक्स और फॉलोअर्स पाने की अंधी दौड़ किस तरह युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर सकती है, यह मामला इसका जीवंत उदाहरण है। एक छोटी सी सनक ने इन तीनों युवकों को थाने की चारदीवारी तक पहुंचा दिया और उनके रिकॉर्ड पर आपराधिक कार्रवाई का दाग लग गया।
प्रशासन की यह कार्रवाई उन तमाम लोगों के लिए एक सख्त चेतावनी है जो समझते हैं कि कानून आंखें मूंद लेगा। वाराणसी पुलिस का यह कदम निश्चित रूप से सराहनीय है, जिससे शहर की सड़कों पर हुड़दंग मचाने वालों में डर का माहौल पैदा होगा और आम जनता सुरक्षित महसूस कर सकेगी।