वाराणसी जिले के कपसेठी थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां रेलवे ट्रैक पर हुए एक भीषण हादसे में करीब 50 वर्षीय एक व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और फौरन पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। हालांकि, हादसे में मृतक का चेहरा बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका है, जिसके कारण उसकी तत्काल पहचान करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहराई से छानबीन शुरू कर दी है।
घटना का विवरण: कपसेठी रेलवे स्टेशन के पास हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना शनिवार को वाराणसी के कपसेठी थाना अंतर्गत कपसेठी रेलवे स्टेशन से महज 500 मीटर की दूरी पर हुई। रेल पटरी के बीचों-बीच एक अधेड़ व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। जब आसपास के लोगों ने रेलवे ट्रैक पर शव देखा, तो तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही कालिका बाजार चौकी पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया और रेलवे ट्रैक से शव को हटवाकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम हाउस के लिए रवाना कर दिया गया, ताकि मौत के वास्तविक कारणों और समय की पुख्ता पुष्टि हो सके।
घटनास्थल के पास से मिला आधार कार्ड
चूंकि मृतक का चेहरा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका था, इसलिए प्राथमिक तौर पर उसकी पहचान करना स्थानीय लोगों और पुलिस के लिए असंभव साबित हो रहा था। लेकिन पुलिस की सतर्कता और गहन छानबीन के दौरान घटनास्थल से महज 100 मीटर की दूरी पर एक आधार कार्ड बरामद हुआ। इस आधार कार्ड ने इस पूरे मामले की गुत्थी को सुलझाने की दिशा में एक अहम मोड़ ला दिया है।
बरामद किए गए आधार कार्ड पर दर्ज विवरण के अनुसार:
- मृतक का संभावित नाम: शारदा प्रसाद यादव
- पिता का नाम: रामपति यादव
- दर्ज पता: कानपुर आगरा ट्रांसपोर्ट, सेकंड फेज, भारत कंपाउंड, नियर अरोकम जीआईडीसी, वापी परदी, जिला वलसाड, गुजरात।
गुजरात कनेक्शन और पुलिस की आगे की कार्रवाई
आधार कार्ड मिलने के बाद स्थानीय पुलिस को यह अंदेशा हो गया है कि मृतक मूल रूप से गुजरात के वलसाड जिले का रहने वाला हो सकता है या फिर वहां किसी काम के सिलसिले में रहता था। हालांकि, आधार कार्ड पर छपी तस्वीर और हादसे का शिकार हुए व्यक्ति के क्षत-विक्षत चेहरे का मिलान करना बेहद कठिन हो रहा है, इसलिए पुलिस किसी भी तरह की जल्दबाजी करने से बच रही है और हर एक पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
इस संबंध में कालिका बाजार चौकी प्रभारी मधुसूदन त्रिपाठी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस तकनीकी और पारंपरिक दोनों ही तरीकों से शिनाख्त के प्रयास कर रही है।
"घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक आधार कार्ड बरामद हुआ है, जिस पर गुजरात के वलसाड का पता दर्ज है। चेहरा क्षत-विक्षत होने के कारण पहचान में कठिनाई आ रही है। हमने गुजरात के संबंधित नजदीकी थाने को इस घटना की आधिकारिक सूचना भेज दी है। वहां की स्थानीय पुलिस के माध्यम से परिजनों और परिचितों से संपर्क साधने की कोशिश जारी है।" - मधुसूदन त्रिपाठी, चौकी प्रभारी, कालिका बाजार
स्थानीय स्तर पर भी शिनाख्त के प्रयास तेज
पुलिस केवल गुजरात के पते पर ही निर्भर नहीं है, बल्कि वाराणसी के स्थानीय थानों और आसपास के इलाकों में भी गुमशुदा व्यक्तियों की सूचियों को खंगाला जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में वाराणसी या आसपास के जिलों से लापता हुए लोगों के रिकॉर्ड को भी चेक किया जा रहा है ताकि यदि मृतक स्थानीय स्तर पर किसी का परिचित रहा हो, तो उसकी सही पहचान जल्द से जल्द सामने आ सके।
आसपास के दुकानदारों, स्थानीय नागरिकों और राहगीरों से भी पूछताछ की गई है, लेकिन अभी तक किसी ने भी मृतक की शिनाख्त करने की पुष्टि नहीं की है। पुलिस का मुख्य फोकस इस समय यह पता लगाना है कि क्या वह व्यक्ति वास्तव में वही है जिसका आधार कार्ड मिला है, या फिर वह कार्ड किसी अन्य परिस्थिति में वहां गिरा है।
रेलवे सुरक्षा और यात्रियों के लिए चेतावनी
इस तरह की घटनाएं एक बार फिर से रेलवे ट्रैक पर सुरक्षा और असावधानी के खतरों को उजागर करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे लाइनों को पार करते समय या पटरियों के आसपास चलते समय जरा सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। ट्रेन की गति इतनी तेज होती है कि संभलने का मौका तक नहीं मिलता। प्रशासन लगातार आम जनता से अपील करता रहा है कि रेलवे ट्रैक पर पैदल चलना या ईयरफोन लगाकर क्रॉस करना कानूनी अपराध होने के साथ-साथ जानलेवा भी है।
अगले कदम
फिलहाल, पुलिस को गुजरात के संबंधित थाने से फीडबैक का इंतजार है। जैसे ही वहां से परिजनों की कोई जानकारी मिलती है, उन्हें वाराणसी बुलाया जाएगा और आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। यदि निर्धारित समय तक परिजनों से संपर्क नहीं हो पाता है, तो नियमानुसार पुलिस द्वारा आगे की अंतिम प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने एक बार फिर से कई सवाल खड़े कर दिए हैं और पुलिस हर एक सुराग को खंगालने में पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई है।