वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रंजीत यादव माधव का नामांकन निरस्त होने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका गया।
वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े मामले में दशहरे के दिन अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। यहाँ रंजीत यादव ‘माधव’ का नामांकन निरस्त किए जाने के बाद आक्रोशित समर्थकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया।
विजयादशमी के पावन पर्व पर बुराई और अन्याय के प्रतीक दहन की परंपरा के बीच प्रदर्शनकारियों ने चुनावी तंत्र के खिलाफ अपना असंतोष प्रकट किया। उनका मुख्य आरोप निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की कमी को लेकर था।

चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रणाली में जवाबदेही और पूरी तरह से निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित किए जाने की जोरदार मांग उठाई। इस दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर एक वैध प्रत्याशी के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए और जनता की आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए।
आयोजकों का कहना है कि यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि उस प्रक्रिया के विरुद्ध है जिसके तहत नामांकन को रद्द किया गया। लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए उनका यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।