डीएम कंपाउंड के पास से दबोचे गए आरोपी, बेचने की फिराक में थे वाहन; चोरी में इस्तेमाल बुलेट मोटरसाइकिल भी सीज
वाराणसी कमिश्नरेट के थाना कैण्ट पुलिस ने वाहन चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक ई-रिक्शा चोरी की घटना का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और उनकी निशानदेही पर चोरी किया गया ई-रिक्शा सुरक्षित बरामद कर लिया है। इसके साथ ही अपराध में इस्तेमाल की गई एक बुलेट मोटरसाइकिल को भी मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया है।
घटना के संबंध में पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 17 अक्टूबर 2026 को वाराणसी की कुंज विहार कॉलोनी के पास से अज्ञात चोरों द्वारा एक ई-रिक्शा चोरी कर लिया गया था। इस संबंध में वाहन स्वामी की शिकायत पर थाना कैण्ट में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत मुकदमा अपराध संख्या 527/2026 दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही स्थानीय पुलिस और विवेचक इस चोरी के खुलासे और वाहन की बरामदगी के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहे थे।
मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी
जांच-पड़ताल और सुरागकशी के दौरान 19 अक्टूबर की रात थाना कैण्ट पुलिस टीम को एक पुख्ता मुखबिर से सूचना मिली कि उक्त चोरीशुदा ई-रिक्शा के साथ दो व्यक्ति डीएम कंपाउंड के आसपास देखे गए हैं। वे इस चोरी के वाहन को किसी ग्राहक को बेचने की फिराक में वहां खड़े हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल योजना बनाई और बताए गए स्थान पर दबिश दी।
पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों संदिग्ध व्यक्तियों को मौके से ही हिरासत में ले लिया। उनके कब्जे से चोरी किया गया ई-रिक्शा बरामद कर लिया गया, जिसकी पहचान पूर्व में दर्ज मुकदमे के आधार पर की गई।
आरोपियों की पहचान और आपराधिक इतिहास
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान बब्लू कुमार सोनकर (निवासी शिवपुर कोट, थाना शिवपुर) और अभिषेक राय (निवासी कांशीराम आवास, थाना शिवपुर, वाराणसी) के रूप में हुई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके विरुद्ध दर्ज मुकदमे में बीएनएस की धारा 317(2) की बढ़ोतरी कर दी है।
प्राथमिक जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपियों में से बब्लू कुमार सोनकर के खिलाफ पूर्व में भी शिवपुर थाने में एक अन्य आपराधिक मुकदमा दर्ज है। पुलिस अन्य थानों के रिकॉर्ड की मदद से इनके पुराने आपराधिक इतिहास और अन्य वारिसों या खरीदारों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
अभियान में शामिल पुलिस टीम
यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में अपराध नियंत्रण और अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अमल में लाई गई। इस सफल खुलासे और गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक राजकिशोर पाण्डेय, उपनिरीक्षक ऋतुराज मिश्र, उपनिरीक्षक सत्यम यादव, कांस्टेबल नागेन्द्र, कांस्टेबल रामकृष्ण, कांस्टेबल जितेन्द्र कुमार तथा कांस्टेबल सत्यप्रकाश शामिल रहे।
कैण्ट थाना पुलिस का कहना है कि बरामद ई-रिक्शा को आधिकारिक कब्जे में ले लिया गया है और गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।