Breaking
► पानीपत में रिश्वत मामला: एसीबी ने हवलदार राजू को किया गिरफ्तार ► कैसियो ने भारत में लॉन्च की नई G-Shock 2500 सीरीज़, स्क्रीनलेस और पूरी तरह एनालॉग डिज़ाइन पर जोर ► ग्रेटर नोएडा की महागुन मायवुड्स सोसायटी में 21वीं मंजिल से कूदकर 13 वर्षीय किशोरी ने दी जान ► मेलघाट में मक्का खरीदी के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य, तीन दिन में मिलेगा भुगतान ► वाराणसी: मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने सदर तहसील पहुंचकर विधान परिषद चुनाव में किया मतदान ► काशी में संपन्न हुआ 400 साल पुराना भरत मिलाप, उमड़े लाखों भक्त ► सड़क हादसे में घायल बुजुर्ग की मदद के लिए आगे आया युवक, समय पर अस्पताल पहुंचने से बची जान ► क्या स्तनपान कराने से पूरी तरह खत्म हो जाता है ब्रेस्ट कैंसर का खतरा? डॉक्टर ने बताई सच्चाई ► घर में अचानक बढ़ गई हैं मक्खियां? इन आसान देसी नुस्खों से पाएं राहत ► जब फर्श पर बैठकर खाई थी प्रॉन करी: स्मिता जयकर ने याद किए रणबीर कपूर के शुरुआती दिन ► पानीपत में रिश्वत मामला: एसीबी ने हवलदार राजू को किया गिरफ्तार ► कैसियो ने भारत में लॉन्च की नई G-Shock 2500 सीरीज़, स्क्रीनलेस और पूरी तरह एनालॉग डिज़ाइन पर जोर ► ग्रेटर नोएडा की महागुन मायवुड्स सोसायटी में 21वीं मंजिल से कूदकर 13 वर्षीय किशोरी ने दी जान ► मेलघाट में मक्का खरीदी के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य, तीन दिन में मिलेगा भुगतान ► वाराणसी: मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने सदर तहसील पहुंचकर विधान परिषद चुनाव में किया मतदान ► काशी में संपन्न हुआ 400 साल पुराना भरत मिलाप, उमड़े लाखों भक्त ► सड़क हादसे में घायल बुजुर्ग की मदद के लिए आगे आया युवक, समय पर अस्पताल पहुंचने से बची जान ► क्या स्तनपान कराने से पूरी तरह खत्म हो जाता है ब्रेस्ट कैंसर का खतरा? डॉक्टर ने बताई सच्चाई ► घर में अचानक बढ़ गई हैं मक्खियां? इन आसान देसी नुस्खों से पाएं राहत ► जब फर्श पर बैठकर खाई थी प्रॉन करी: स्मिता जयकर ने याद किए रणबीर कपूर के शुरुआती दिन

वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए मतदान जारी, 34 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर

वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए मतदान जारी, 34 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर

वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्रों के लिए शुक्रवार सुबह 8 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। निर्वाचन क्षेत्र के 8 जिलों में फैले मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी के बीच मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। केंद्रों पर पूरी पहचान और सत्यापन के बाद ही मतदाताओं को अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है, जबकि प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें लगातार बूथों का निरीक्षण कर रही हैं।

वाराणसी जिले की बात करें तो यहां स्नातक और शिक्षक एमएलसी के लिए कुल 74,840 मतदाता पंजीकृत हैं, जो 34 प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे। वाराणसी में इस चुनाव के लिए 21 मतदान केंद्रों पर कुल 102 बूथ बनाए गए हैं। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 66,952 मतदाता और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 7,888 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। स्नातक वर्ग के लिए 73 मूल बूथों के साथ 8 सहायक बूथ भी स्थापित किए गए हैं, जबकि शिक्षकों के लिए 21 बूथ निर्धारित हैं। मतदान सुबह 8 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक चलेगा।

आठ जिलों में फैला है निर्वाचन क्षेत्र

वाराणसी खंड विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र के दायरे में वाराणसी के अलावा चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और बलिया जिले भी शामिल हैं। पूरे आठ जिलों के इस विस्तृत क्षेत्र में स्नातक के करीब 2.88 लाख और शिक्षक वर्ग के लगभग 34,900 मतदाता हैं। इन सभी जिलों को मिलाकर स्नातक के लिए 257 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 112 बूथ बनाए गए हैं। कुल मिलाकर इन सभी जिलों के लगभग 3.3 लाख मतदाता इस चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं। विधान परिषद के इस चुनाव में मतदाताओं को वरीयता क्रम के तहत मतपत्र पर अपनी पहली पसंद के प्रत्याशी के सामने '1' अंक लिखना होता है।

मैदान में 34 प्रत्याशी, 27 अक्टूबर को होगी मतगणना

वाराणसी खंड की दोनों सीटों पर कुल 34 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। नाम वापसी की अंतिम तिथि तक किसी भी प्रत्याशी ने अपना नाम वापस नहीं लिया, जिसके बाद मुकाबला तय हो गया। मैदान में डटे उम्मीदवारों में स्नातक सीट पर 24 और शिक्षक सीट पर 10 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। डाले गए वोटों की गिनती 27 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से पहाड़िया मंडी स्थल पर शुरू होगी, जिसके बाद दोनों सीटों के परिणाम घोषित किए जाएंगे।

राजनीतिक समीकरण और मुख्य मुकाबला

वर्ष 2020 के पिछले विधान परिषद चुनावों में समाजवादी पार्टी ने वाराणसी खंड की दोनों स्नातक और शिक्षक सीटों पर शानदार जीत दर्ज की थी। ऐसे में इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है, क्योंकि एक तरफ जहां भाजपा सपा से ये दोनों सीटें छीनने के लिए पूरी ताकत लगा रही है, वहीं समाजवादी पार्टी अपने मौजूदा प्रतिनिधियों के दम पर अपनी जीत को दोहराने की जुगत में है।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मुकाबले पर नजर डालें तो भारतीय जनता पार्टी ने अपने पुराने उम्मीदवार केदारनाथ सिंह पर एक बार फिर भरोसा जताया है। वहीं, समाजवादी पार्टी ने मौजूदा एमएलसी आशुतोष सिन्हा को ही मैदान में उतारा है। पिछले 2020 के चुनाव में आशुतोष सिन्हा ने केदारनाथ सिंह को 3,850 मतों के अंतर से पराजित किया था। इस बार भाजपा पिछली हार के अंतर को पाटकर सीट पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रही है।

दूसरी ओर, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा ने अपने मौजूदा एमएलसी लाल बिहारी यादव को दोबारा टिकट दिया है, जिनका मुकाबला भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवार डॉ. प्रमोद मिश्रा से है। वर्ष 2020 के चुनाव में भाजपा ने इस सीट पर अपना आधिकारिक प्रत्याशी नहीं उतारा था और निर्दलीय उम्मीदवार चेतनारायण सिंह को समर्थन दिया था। इस बार भाजपा के मैदान में उतरने से शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की लड़ाई भी दोनों प्रमुख दलों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई है।

शिक्षकों की समस्याएं और मतदान को लेकर उम्मीदें

मतदान के दौरान मतदाताओं में अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर मुखरता देखी गई। रवींद्रपुरी स्थित गोपी राधा बालिका विद्यालय मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचे निजी विद्यालय के शिक्षक अरुण पांडे ने शिक्षा व्यवस्था की कमियों और शिक्षकों के सामने आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और समाज में उन्हें उचित सम्मान और महत्व नहीं मिल रहा है।

अरुण पांडे ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब तक देश का शिक्षक मानसिक और आर्थिक रूप से तनावमुक्त नहीं होगा, तब तक शिक्षा का सही विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य संवारने वाली भावी पीढ़ी को गढ़ने वाले शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करना बेहद जरूरी है। इसी उम्मीद के साथ उन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है कि चुनाव परिणाम आने के बाद शिक्षक वर्ग की दशा में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।

About the Author

निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

Writer

निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

Read More

ज़रूर पढ़ें (You May Also Like)

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →