अमरावती जिले के मेलघाट क्षेत्र में खरीफ सीजन 2026-27 के तहत मक्का और अन्य मोटे अनाजों की सरकारी खरीदी प्रक्रिया की तैयारियां जोरों पर हैं। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर जल्द से जल्द ऑनलाइन पंजीयन कराएं। इस बार खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन किया गया है, जिससे किसानों को बिचौलियों से राहत मिलने के साथ ही पारदर्शी तरीके से भुगतान की सुविधा मिलेगी।
इस वर्ष मेलघाट क्षेत्र में मक्के की फसल का उत्पादन संतोषजनक रहा है, जिससे स्थानीय किसानों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि, बाजार में नई फसल आने के बाद कई किसानों ने व्यापारियों को मक्का बेचना भी शुरू कर दिया है, लेकिन किसानों को उनकी उपज का सही और लाभकारी मूल्य दिलाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र राज्य सहकारी आदिवासी विकास महामंडल का धारणी प्रादेशिक कार्यालय सक्रिय हो गया है। महामंडल ने किसानों से आग्रह किया है कि वे निजी व्यापारियों के पास औने-पौने दामों में फसल बेचने के बजाय सरकारी खरीदी योजना का लाभ उठाएं।
निर्धारित समर्थन मूल्य और वित्तीय लाभ
खरीफ सीजन 2026-27 के लिए सरकार द्वारा विभिन्न मोटे अनाजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पहले ही तय किए जा चुके हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल मक्का का समर्थन मूल्य 2,410 रुपए प्रति क्विंटल, बाजरा का समर्थन मूल्य 2,900 रुपए प्रति क्विंटल और संकरित ज्वार का समर्थन मूल्य 4,023 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इन दरों पर अपनी उपज बेचने के लिए किसानों के पास एग्रीस्टैक पोर्टल पर वैध पंजीयन होना अनिवार्य किया गया है।
महाराष्ट्र राज्य सहकारी आदिवासी विकास महामंडल के प्रादेशिक व्यवस्थापक सागर सोनवणे ने इस संबंध में जानकारी देते हुए किसानों से समय रहते पंजीयन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम समय में सर्वर या अन्य तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए किसानों को तुरंत पोर्टल पर पंजीकरण कराना चाहिए, ताकि उन्हें सरकारी खरीदी केंद्रों पर फसल बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
तीन दिन के भीतर बैंक खाते में पहुंचेगी राशि
किसानों की आर्थिक सुगमता और त्वरित भुगतान को ध्यान में रखते हुए इस बार की खरीदी प्रक्रिया में विशेष तकनीकी बदलाव किए गए हैं। पूरी प्रक्रिया के ऑनलाइन होने से कागजी कार्रवाई से जुड़ी जटिलताओं और लंबी प्रतीक्षा से किसानों को राहत मिलेगी। महामंडल की ओर से यह पुख्ता व्यवस्था की गई है कि जैसे ही किसान अपनी उपज तय केंद्रों पर बेचेंगे, उसके नियममानुसार तीन दिनों के भीतर भुगतान की राशि सीधे उनके लिंक्ड बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
धारणी और चिखलदरा में बनाए गए हैं केंद्र
मेलघाट क्षेत्र के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए ज्यादा दूर न जाना पड़े, इसके लिए धारणी और चिखलदरा तहसीलों में कुल छह आधिकारिक खरीदी केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इन स्वीकृत केंद्रों में धारणी, सावलीखेड़ा, हरिसाल, चौरनी, गौलखेड़ा बाजार और सेमाडोह शामिल हैं। इन केंद्रों पर सरकारी मानकों के अनुसार अनाज की तौल और गुणवत्ता की जांच की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, दूरदराज के गांवों के किसानों को उनके घर के नजदीक ही खरीदी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने विस्तार की योजना बनाई है। इसके तहत राहू, चाकरदा, बैरागड़ और साद्राबाड़ी में चार नए खरीदी केंद्र शुरू करने का औपचारिक प्रस्ताव जिला कलेक्टर के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। इन नए प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद क्षेत्र के किसानों को और अधिक सुविधा मिल सकेगी। महामंडल ने सभी पात्र किसानों से समयामसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी कर योजना का पूरा लाभ उठाने की बात दोहराई है।