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वाराणसी में जलभराव से मिलेगी मुक्ति, बनेगा नया मास्टर प्लान

वाराणसी में जलभराव से मिलेगी मुक्ति, बनेगा नया मास्टर प्लान

धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में मानसून या भारी बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या से आम जनता को स्थायी राहत दिलाने की दिशा में प्रशासन ने एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। नगर निगम ने शहर की खराब जलनिकासी व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके तहत शहर के कोने-कोने का सर्वे कराया जा रहा है ताकि जल निकासी से जुड़ी हर एक खामी का बारीकी से अध्ययन किया जा सके और उसका पुख्ता समाधान निकाला जा सके।

सिगरा सभागार में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

इस पूरी योजना की रूपरेखा तय करने के लिए हाल ही में सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता महापौर अशोक कुमार तिवारी ने की, जिसमें शहर के जलभराव, सीवर ओवरफ्लो, पेयजल संकट और चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में यह बात प्रमुखता से रखी गई कि अब तक होने वाले अस्थायी उपायों से काम नहीं चलेगा, बल्कि भविष्य की आबादी और भौगोलिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक दीर्घकालिक और स्थायी ड्रेनेज नेटवर्क तैयार करना होगा।

महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका असर जमीन पर दिखना चाहिए। नवसृजित वार्डों के साथ-साथ पहाड़ी, कंदवा और नरिया जैसे इलाकों में जहां जलभराव की समस्या सबसे गंभीर रूप धारण करती है, वहां प्राथमिकता के आधार पर नए ड्रेनेज पाइपलाइन बिछाने और नालियों को आपस में जोड़ने का काम किया जाएगा।अस्सी नाले की क्षमता का होगा आकलन और विशेष सफाई

नरिया और उसके आसपास के इलाकों में जलभराव की मुख्य वजह बीएचयू परिसर की ओर से आने वाला अतिरिक्त पानी है। इस समस्या के वैज्ञानिक समाधान के लिए अस्सी नाले की कुल जलवहन क्षमता का तत्काल आकलन करने और उसकी युद्ध स्तर पर सफाई कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, वर्तमान में शहर के ऐसे 10 सबसे संवेदनशील वार्डों की पहचान की गई है जहां बारिश के दिनों में भारी जलभराव होता है। इन क्षेत्रों में फौरी राहत के तौर पर अतिरिक्त हाई-पावर पंप लगाए जा रहे हैं ताकि बारिश का पानी तुरंत बाहर निकाला जा सके।

सोनिया तालाब क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जल निगम को ओवरहेड टैंक के निर्माण के लिए जल्द से जल्द उपयुक्त और विवादमुक्त भूमि उपलब्ध कराने को कहा गया है। वहीं, शहर के विभिन्न वार्डों में चल रहे सीवर और पेयजल कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए सीसीटीवी कैमरे न लगाए जाने पर महापौर ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को इस व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करने के आदेश दिए।

स्टेडियम निर्माण में देरी पर कार्यदायी संस्था पर 10 लाख का जुर्माना

विकास कार्यों में हो रही सुस्ती और लापरवाही को लेकर नगर निगम प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। सिगरा स्टेडियम के निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी होने के कारण कार्यदायी संस्था पर 10 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है और साथ ही कड़ा नोटिस भी जारी किया गया है। संस्था को चेतावनी दी गई है कि यदि अगले एक महीने के भीतर निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा नहीं किया गया, तो और भी बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

इसी प्रकार, घोड़ा अस्पताल परिसर के निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही पर भी कड़ी आपत्ति जताई गई है। सिगरा पेट्रोल पंप के निर्माण की गति बेहद धीमी पाई गई, जहां तय समयसीमा बीत जाने के बावजूद महज पांच प्रतिशत ही प्रगति देखने को मिली। इस पर संस्था को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, शिवपुर काशी टाउन की बहुमंजिला इमारत (मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग) के निर्माण कार्य को आगामी 14 जनवरी तक हर हाल में पूरा करने का अंतिम लक्ष्य तय किया गया है।

कुंडों की विशेष सफाई और अतिक्रमण पर चलेगा डंडा

शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार मिल रही शिकायतों का नगर निगम ने कड़ा संज्ञान लिया है। सभी सफाई निरीक्षकों (SFI) को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में औचक निरीक्षण करें और व्यापक स्वच्छता सुनिश्चित करें। आगामी पितृपक्ष के पवित्र अवसर को देखते हुए शहर के सभी प्रमुख कुंडों की विशेष और गहन सफाई कराई जा रही है ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही, शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नियमित रूप से अभियान चलाकर मौके पर ही चालान काटने और भारी जुर्माना वसूलने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पटरियों और सड़कों पर कब्जा करने वालों में खौफ बना रहे।

13 हजार से अधिक पौधों की होगी जियो-टैगिंग

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ते हुए वाराणसी में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया है। बीएचयू परिसर में 2500 और डीजल लोकोमोटिव वर्क्स (BLW) में 1700 समेत पूरे शहर में कुल 13 हजार से अधिक नए पौधे रोपे जा रहे हैं। इन पौधों के संरक्षण को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लगाए गए प्रत्येक पौधे की आधुनिक तकनीक के जरिए जियो-टैगिंग की जाए और उनके चारों ओर मजबूत ट्री-गार्ड लगाए जाएं ताकि उनकी सुरक्षा शत-प्रतिशत सुनिश्चित हो सके।

प्रधानमंत्री आवास योजना में पारदर्शिता पर जोर

गरीबों के पक्के मकान के सपने को साकार करने वाली प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योजना के तहत आवासों के आवंटन में पूरी पारदर्शिता बरतने की सख्त हिदायत दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी पात्र आवेदक का आवेदन किन्हीं कारणों से निरस्त किया जाता है, तो उसके अभिलेखों में उसका स्पष्ट, वैध और उचित कारण दर्ज किया जाना अनिवार्य होगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी के साथ अन्याय न हो।

समीक्षा बैठक के दौरान नगर निगम के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, संयुक्त नगर निगम कृष्ण चंद्र, सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव, मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र और महाप्रबंधक जलकल अनूप सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जनता से जुड़ी इन सभी योजनाओं की साप्ताहिक रिपोर्ट पेश करें ताकि शहर के विकास को तय समयसीमा के भीतर गति दी जा सके।

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रोली सिंह

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रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

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