बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव ने सीहोर जिले के कोसमी गांव के आदिवासियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बाद वन भूमि से बेदखली का सामना कर रहे आदिवासी अब अपनी पुरानी जमीन पर खेती जारी रख सकेंगे और उनके तोड़े गए मकानों का पुनर्निर्माण किया जाएगा।
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोसमी के आदिवासी परिवारों को वन विभाग और वन विकास निगम की कार्रवाई के बाद बड़ी राहत मिलती नजर आ रही है। विधायक रमाकांत भार्गव ने एक वीडियो संदेश जारी कर बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आदिवासियों की मांगों को स्वीकार करते हुए सकारात्मक निर्णय लिए हैं। इस फैसले के तहत प्रभावित परिवार अपनी पारंपरिक जमीन पर पहले की तरह खेती-किसानी कर सकेंगे।
प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बाद बनी सहमति
इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए विधायक ने बताया कि बीते 15 अक्टूबर को कोसमी गांव के आदिवासी भाइयों और बहनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात की थी। इस बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने नेताओं को मौके की जमीनी हकीकत और वन विभाग की कार्रवाई से पेश आ रही कठिनाइयों से अवगत कराया था। इसके बाद शीर्ष स्तर पर चर्चा हुई और आदिवासियों के हित में प्रशासनिक कदम उठाने पर सहमति बनी।
मकानों का पुनर्निर्माण और सिंगपुर में प्लॉट की व्यवस्था
विधायक रमाकांत भार्गव ने स्पष्ट किया कि वन विकास निगम के कर्मचारियों की कार्रवाई के दौरान जिन आदिवासी परिवारों के आशियाने उजाड़े गए थे, उनके पुनर्निर्माण की व्यवस्था की जाएगी। इसके अतिरिक्त, इस समस्या के स्थायी समाधान के रूप में पास के ही सिंगपुर गांव में प्लॉट उपलब्ध कराए जाने की योजना है, जिससे प्रभावित परिवारों को पक्के मकान मिल सकें। इन सभी कदमों का मुख्य उद्देश्य बेघर हुए परिवारों को तुरंत राहत और सुरक्षित आवास मुहैया कराना है।
अभद्र व्यवहार के मामलों की होगी निष्पक्ष जांच
कार्रवाई के दौरान आदिवासियों के साथ कथित रूप से किए गए अभद्र व्यवहार को भी प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है। विधायक के अनुसार, जांच में जो भी कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही, वन विभाग और वन विकास निगम द्वारा आदिवासियों को अनावश्यक नोटिस भेजने तथा उन्हें परेशान किए जाने की गतिविधियों पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
विधायक रमाकांत भार्गव ने इन जनहितैषी निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग, विशेषकर किसानों, आदिवासियों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हालांकि, इन घोषणाओं के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासनिक स्तर पर इन फैसलों को जमीन पर कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है।