फेफड़ों में संक्रमण और सांस लेने में तकलीफ के चलते दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में कराया गया भर्ती, डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है इलाज।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 98 वर्षीय लालकृष्ण आडवाणी को फेफड़ों से संबंधित परेशानी और सांस लेने में असुविधा महसूस होने पर यह कदम उठाया गया। उन्हें शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे जसोला विहार स्थित अपोलो अस्पताल लाया गया, जहां उन्हें तुरंत डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया।
अस्पताल प्रशासन ने उनके स्वास्थ्य को लेकर अभी तक कोई विस्तृत चिकित्सीय बुलेटिन जारी नहीं किया है, लेकिन आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि उनकी स्थिति पर वरिष्ठ चिकित्सकों की एक टीम लगातार नजर बनाए हुए है। अस्पताल की ओर से जल्द ही उनके स्वास्थ्य के संबंध में एक आधिकारिक मेडिकल बयान जारी किए जाने की उम्मीद है।
भारतीय राजनीति में लालकृष्ण आडवाणी का कद और योगदान
लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति के उन चुनिंदा दिग्गजों में शामिल हैं जिन्होंने देश की वैचारिक और राजनीतिक दिशा तय करने में लंबी भूमिका निभाई है। उनका जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची (अब पाकिस्तान में) में हुआ था। आजादी के बाद वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े और फिर जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
आडवाणी ने अपने लंबे राजनीतिक सफर में कई बार भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली। उनके नेतृत्व में ही भाजपा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक जमीन को मजबूत किया और एक प्रमुख राष्ट्रीय विकल्प के रूप में उभरी। नब्बे के दशक में उनकी ऐतिहासिक 'रथ यात्रा' ने देश की राजनीति में एक नया मोड़ दिया था।
अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते हुए वर्ष 2002 से 2004 के बीच देश के उपप्रधानमंत्री का पद भी संभाला। इसके अलावा, उन्होंने देश के गृह मंत्री के रूप में भी आंतरिक सुरक्षा का जिम्मा संभाला था। भारतीय राजनीति और संसद में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक 'भारत रत्न' से भी सम्मानित किया जा चुका है।
उनके अस्वस्थ होने की खबर मिलते ही देश भर में उनके शुभचिंतकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की जा रही है। अस्पताल के बाहर और सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है, जो उनके स्वास्थ्य से जुड़ी अगली आधिकारिक जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।