गंगा के ऊपर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की रोमांचक उड़ान और सामरिक प्रदर्शन ने वाराणसी में उपस्थित दर्शकों और रोटरी क्लब के सदस्यों का मन मोह लिया।
वाराणसी में आयोजित भारतीय वायुसेना के भव्य एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ के दौरान रोटरी क्लब वाराणसी नॉर्थ के सदस्यों ने अध्यक्ष रोटेरियन अशोक सुल्तानिया के नेतृत्व में शिरकत की। गंगा नदी की पावन धारा के ऊपर देश के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों के हैरतअंगेज हवाई करतबों, अनुशासित उड़ानों और सामरिक कौशल को देखकर क्लब के सदस्य पूरी तरह रोमांचित हो उठे। यह आयोजन सभी सदस्यों के लिए देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और अद्वितीय मनोरंजन से भरपूर एक यादगार अनुभव साबित हुआ।
विभिन्न विमानों और फॉर्मेशन का प्रदर्शन
एयर शो के दौरान मिराज-2000 की शानदार उड़ान विशेष आकर्षण का केंद्र रही। ऐतिहासिक रूप से इस विमान का उपयोग भारतीय वायुसेना द्वारा कारगिल युद्ध के दौरान ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में किया गया था। गंगा के ऊपर इसके शौर्यपूर्ण प्रदर्शन ने उपस्थित जनसमूह में राष्ट्रगौरव की गहरी भावना का संचार किया। इसके साथ ही, विशाल सी-17 ग्लोबमास्टर परिवहन विमान और सूर्य किरण एरोबैटिक टीम के नौ विमानों के समन्वित प्रदर्शन ने आसमान में एक अद्भुत और भव्य दृश्य प्रस्तुत किया।
नमो घाट के आसपास हेलीकॉप्टरों की रोमांचक गतिविधियों ने भी दर्शकों का विशेष ध्यान खींचा। एचएएल मार्क-3 ध्रुव हेलीकॉप्टर से जवानों के तेजी से नीचे उतरने के प्रदर्शन ने भारतीय वायुसेना की उच्च दक्षता और तत्परता का परिचय दिया। इस दौरान तीन विमानों ने विजय के प्रतीक ‘सी’ आकार में उड़ान भरकर ‘काशी फॉर्मेशन’ का निर्माण किया। वहीं, ‘ओंकार फॉर्मेशन’ के तहत तीन एमआई-17 वी-5 हेलीकॉप्टरों ने राष्ट्रीय ध्वज और वायुसेना के ध्वज के साथ उड़ान भरकर देश के प्रति सम्मान और अटूट समर्पण का संदेश दिया। इसके अलावा, ‘गंगा फॉर्मेशन’ में चेतक हेलीकॉप्टरों द्वारा की गई पुष्पवर्षा ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
राफेल के करतब और संयुक्त सामरिक प्रदर्शन
भारतीय वायुसेना के आधुनिक राफेल लड़ाकू विमान के हैरतअंगेज करतब एयर शो के मुख्य आकर्षणों में शामिल रहे। पलक झपकते ही दिशा बदलने और तीव्र मोड़ लेने की अपनी असाधारण क्षमता का प्रदर्शन करते हुए राफेल ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अतिरिक्त, ‘महादेव फॉर्मेशन’ के अंतर्गत आईएल-78 ईंधन भरने वाले विमान के साथ तीन मिराज-2000 विमानों ने अपनी संयुक्त सामरिक क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में ‘विश्वनाथ’, ‘पशुपति’ और ‘नीलकंठ फॉर्मेशन’ के माध्यम से सुखोई-30 एमकेआई, जगुआर और राफेल जैसे दिग्गज लड़ाकू विमानों ने संयुक्त उड़ानें भरकर मानो काशी की धरती को आकाश से नमन किया। इन दृश्यों ने भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता, तकनीकी सुदृढ़ता और अदम्य साहस का प्रभावशाली परिचय दिया। ‘प्रचंड फॉर्मेशन’ में छह लड़ाकू विमानों की एक साथ उड़ान ने दर्शकों में विशेष रोमांच पैदा किया। वायुसेना की युद्धक तैयारियों को दर्शाने वाले इन साहसिक प्रदर्शनों ने उपस्थित लोगों को गर्व से भर दिया।
पारिवारिक सौहार्द और बोर्ड मीटिंग का आयोजन
इस भव्य आयोजन को रोटरी क्लब वाराणसी नॉर्थ के सदस्यों ने एक यादगार पारिवारिक पिकनिक के रूप में भी मनाया। अध्यक्ष रोटेरियन अशोक सुल्तानिया ने सभी सदस्यों के लिए खानपान की उत्कृष्ट व्यवस्था की, जिससे आपसी सौहार्द, मित्रता और क्लब की एकजुटता को बढ़ावा मिला। इस पूरे कार्यक्रम का प्रायोजन रोटेरियन एस. के. अग्रवाल ने किया, जिनके योगदान के प्रति आभार जताते हुए अध्यक्ष ने उन्हें स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
एयर शो में शामिल होने से पहले रोटरी क्लब वाराणसी नॉर्थ की एक बोर्ड मीटिंग भी आयोजित की गई। इस बैठक में क्लब की आगामी गतिविधियों और अगले महीने होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। सदस्यों ने सामाजिक सेवा कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अपने दायित्वों के निर्वहन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में सदस्यों ने वायुसेना के जवानों के साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।