मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी उत्तर प्रदेश प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (UP PET) 2026 के मद्देनजर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों युवाओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
आगामी 25, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाली इस प्रतिष्ठित परीक्षा में राज्यभर से करीब 37 लाख अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षर्हियों के शामिल होने के कारण प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और आवागमन सुचारू रखने की बड़ी चुनौती है, जिसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने पहले से ही चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
यातायात और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
परीक्षा के दिनों में सड़कों पर भारी भीड़ और जाम की स्थिति से निपटने के लिए यातायात विभाग को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे परीक्षा केंद्रों के आसपास के भीड़भाड़ वाले इलाकों का पहले से सर्वे कर लें, ताकि परीक्षा के दिन सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम के तहत अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे फील्ड में पूरी तरह मुस्तैद रहकर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर लगातार कड़ी नजर बनाए रखें।
बाहरी जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों के लिए विशेष सुविधाएं
चूंकि इस परीक्षा में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लाखों अभ्यर्थी अपने गृह जिले से दूसरे जिलों में परीक्षा देने जाएंगे, इसलिए जिला प्रशासन को उनके ठहरने और आवागमन के पुख्ता इंतजाम करने के आदेश दिए गए हैं। निर्देशानुसार, दूसरे जनपदों से आने वाले अभ्यर्थियों के लिए रैन बसेरों में सम्मानजनक ठहरने और विश्राम करने की पूरी व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
परिवहन और रेलवे से समन्वय
अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक आसानी से और समय पर पहुंचाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को सौंपी गई है। परिवहन विभाग के साथ आपसी समन्वय स्थापित कर परीक्षा के दिनों में पर्याप्त संख्या में बसों का संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया है, जिससे सुदूर अंचलों से आने वाले युवाओं को आवागमन में कोई परेशानी न हो। इसके साथ ही, भारतीय रेलवे के साथ भी बेहतर तालमेल बिठाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ट्रेनों में उमड़ने वाली भीड़ के बीच अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए आवश्यक और अतिरिक्त प्रबंध समय रहते सुनिश्चित किए जा सकें।