नेपाल भागने की फिराक में था मुख्य आरोपी अनस, पुलिस ने बनबसा बॉर्डर के पास दबोचा; दूसरे आरोपी मो. बिलाल का मोबाइल और डिजिटल साक्ष्य खंगाल रही पुलिस।
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाली छह छात्राओं के साथ छेड़छाड़, अश्लील टिप्पणियां और जान से मारने की धमकी देने की घटना ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन में सक्रियता बढ़ गई और त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नेपाल सीमा की तरफ भाग रहे मुख्य आरोपी सहित दो लोगों को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं और उनके डिजिटल साक्ष्यों की गहनता से जांच की जा रही है।
तीन विशेष टीमों का किया गया था गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी प्रमोद कुमार के निर्देश पर पुलिस की तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था। टीमों ने तत्काल प्रभाव से सक्रिय होकर आरोपियों की तलाश शुरू की। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि इसी शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाले छात्र मो. बिलाल ने दिनेशपुर की छह छात्राओं के नाम, उनके पते, पर्सनल मोबाइल नंबर और फोटो अपने साथी अनस के साथ सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से साझा किए थे। इसके बाद ही छात्राओं पर अश्लील टिप्पणियां करने, उनके साथ छेड़छाड़ करने और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने व जान से मारने की धमकियां देने का सिलसिला शुरू हुआ था।
नेपाल सीमा के पास से मुख्य आरोपी गिरफ्तार
घटना के तूल पकड़ने और पुलिस की दबिश की भनक लगते ही मुख्य आरोपी अनस ने राज्य से फरार होने की योजना बनाई। वह नेपाल भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने पुख्ता सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे नेपाल सीमा के नजदीक बनबसा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। वहीं, इस साजिश में उसका साथ देने वाले दूसरे आरोपी मो. बिलाल (20 वर्ष) को भी पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुख्य आरोपी अनस मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिसरक क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि मो. बिलाल उत्तर प्रदेश के ही अजीमनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खेमपुर गांव का निवासी है।
डिजिटल साक्ष्य और अन्य संपर्कों की पड़ताल जारी
दिनेशपुर पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए हैं। फोन के जरिए यह खंगाला जा रहा है कि छात्राओं की निजी जानकारियां और तस्वीरें कहां से और कैसे जुटाई गईं तथा इसमें किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता है या नहीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपियों के संपर्क में कोई और लोग भी थे। इस खुलासे के बाद शिक्षण संस्थान की सुरक्षा और छात्राओं की प्राइवेसी को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं, और पुलिस मामले के हर पहलू की कानूनी जांच में जुटी हुई है।