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जब इस दिग्गज एक्टर ने 'शोले' को बताया था साधारण फिल्म, अमिताभ बच्चन पर भी उठाए थे सवाल

जब इस दिग्गज एक्टर ने 'शोले' को बताया था साधारण फिल्म, अमिताभ बच्चन पर भी उठाए थे सवाल

हिंदी सिनेमा के इतिहास के पन्नों को पलटें, तो रमेश सिप्पी के निर्देशन में बनी फिल्म 'शोले' का जिक्र स्वर्ण अक्षरों में मिलता है। सलीम-जावेद की कलम से निकली यह कहानी, इसके दमदार डायलॉग्स और गब्बर सिंह का खौफ आज भी दर्शकों के जेहन में ताजा है। साल 1975 में रिलीज हुई इस कल्ट क्लासिक फिल्म ने बॉक्स ऑफिस के तमाम रिकॉर्ड तोड़े थे और आज इसे सिनेमाई मील का पत्थर माना जाता है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि बॉलीवुड का ही एक ऐसा दिग्गज कलाकार है, जिसने इस ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म को 'महान' मानने से खुलेआम इनकार कर दिया था?

जब नसीरुद्दीन शाह के बयान से हिल गया था बॉलीवुड

यह बात किसी से छिपी नहीं है कि अपनी बेबाक और दो टूक राय के लिए जाने जाने वाले वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह अक्सर अपने बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं। आज से कुछ साल पहले, यानी 2016 में दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने 'शोले' और सदी के महानायक अमिताभ बच्चन को लेकर कुछ ऐसी बातें कह दी थीं, जिन्हें सुनकर पूरी फिल्म इंडस्ट्री में हंगामा मच गया था। उनके इस बयान ने फैंस को दो धड़ों में बांट दिया था। एक तरफ जहां लोग 'शोले' को भारतीय सिनेमा की धड़कन मानते हैं, वहीं नसीरुद्दीन शाह का नजरिया इसके बिल्कुल विपरीत था।

ग्लेमशैम को दिए गए उस चर्चित इंटरव्यू में नसीरुद्दीन शाह ने फिल्म के बारे में खुलकर बात की थी। उनका यह बयान आज भी सोशल मीडिया और फिल्मी गलियारों में अक्सर बहस का मुद्दा बन जाता है। आइए जानते हैं कि आखिर उस इंटरव्यू में उन्होंने ऐसा क्या कहा था जिसने इतने बड़े पैमाने पर तहलका मचा दिया था।

'शोले' एक महान फिल्म नहीं, बस मजेदार है: नसीरुद्दीन शाह

जब इंटरव्यू के दौरान नसीरुद्दीन शाह से 'शोले' जैसी ऐतिहासिक फिल्म को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के अपना कड़ा रुख साफ कर दिया था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा था, "मैं शोले फिल्म को एक महान मूवी नहीं मानता। बेशक यह कई लोगों के लिए एक ग्रेट और शानदार फिल्म हो सकती है, लेकिन मेरे लिए यह बिल्कुल नहीं है। हां, बस इसे एक टाइमपास या मजेदार मूवी कहा जा सकता है। लेकिन इसे किसी भी एंगल से एक महान सिनेमाई कृति की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।"

उनके इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया था। 'शोले' के दीवाने और फिल्म के मेकर्स के समर्थकों ने नसीरुद्दीन शाह के इस आकलन की कड़ी आलोचना की थी। लोगों का मानना था कि जिस दौर में तकनीक और संसाधनों की कमी थी, उस वक्त ऐसी मल्टी-स्टारर और एक्शन से भरपूर फिल्म बनाना किसी चमत्कार से कम नहीं था।

अमिताभ बच्चन की अभिनय शैली पर भी उठाए थे सवाल

सिर्फ 'शोले' ही नहीं, बल्कि उस बातचीत के दौरान नसीरुद्दीन शाह ने अमिताभ बच्चन के स्टारडम और उनकी एक्टिंग पर भी खुलकर अपनी बात रखी थी। जब उनसे अमिताभ बच्चन के महानायक होने पर सवाल किया गया, तो उन्होंने चौंकाने वाला जवाब दिया था। शाह ने कहा था कि वह अमिताभ बच्चन को 'महानायक' की उपाधि से नहीं नवाज सकते।

उन्होंने आगे तर्क देते हुए कहा था कि उन्होंने अब तक अमिताभ बच्चन की ऐसी कोई फिल्म नहीं देखी है, जिसके किसी किरदार ने उन्हें अभिनय के मोर्चे पर गहराई से प्रभावित किया हो। उनके इस बयान ने आग में घी का काम किया था। अमिताभ बच्चन के करोड़ों फैंस के लिए यह पचाना बेहद मुश्किल था कि इंडस्ट्री का कोई सीनियर एक्टर उनके काम पर इस तरह के सवाल खड़े कर रहा है।

कंट्रोवर्सीज से पुराना नाता है

यह कोई पहली बार नहीं था जब नसीरुद्दीन शाह का कोई बयान विवादों के घेरे में आया हो। अपने बेबाक अंदाज और बिना फिल्टर के अपनी बात रखने के लिए पहचाने जाने वाले शाह कई बार ऐसे बयानों के चलते आलोचनाओं का शिकार हो चुके हैं। हालांकि, इसके साथ ही इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि वह भारतीय सिनेमा के सबसे मंजे हुए और प्रतिभाशाली अभिनेताओं में गिने जाते हैं। 'स्पर्श', 'जाने भी दो यारों', 'मंथन' और 'इजाजत' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय ने अभिनय की एक नई परिभाषा गढ़ी है।

आगामी प्रोजेक्ट्स पर एक नजर

विवादों से परे, अगर उनके वर्कफ्रंट की बात करें तो नसीरुद्दीन शाह आज भी अपनी कला के प्रति उतने ही समर्पित हैं जितने अपने शुरुआती दौर में थे। निर्देशक इम्तियाज अली की फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' में उनके काम की जमकर सराहना हुई है। इसके अलावा, वह जल्द ही एक और बड़े प्रोजेक्ट 'ओम- चैप्टर वन' में नजर आने वाले हैं। इस अपकमिंग फिल्म में उनके साथ साउथ सिनेमा के सुपरस्टार धनुष और दिग्गज अभिनेता ममूटी भी मुख्य भूमिकाओं में दिखाई देंगे। यह फिल्म 16 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है, और फैंस इस तिकड़ी को पर्दे पर देखने के लिए काफी उत्साहित हैं।

सिनेमा पर अलग नजरिए की बहस

कला और सिनेमा को देखने के सबके अपने-अपने पैमाने होते हैं। जहां आम जनता और कमर्शियल सिनेमा के जानकारों के लिए 'शोले' दोस्ती, बदले और ड्रामा का एक मुकम्मल दस्तावेज है, वहीं नसीरुद्दीन शाह जैसे संजीदा और समानांतर सिनेमा (Parallel Cinema) के पैरोकार इसे एक अलग चश्मे से देखते हैं। उनका यह बयान भले ही विवादों में रहा हो, लेकिन यह इस बात की भी याद दिलाता है कि सिनेमा जगत में कला और उसकी परिभाषा को लेकर हमेशा से अलग-अलग और तीखे मतभेद रहे हैं।

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तनु उपाध्याय

तनु उपाध्याय

Senior Sub Editor

तनु उपाध्याय एंटरटेनमेंट जगत की हलचल को करीब से समझती हैं और उसे दर्शकों के सामने आकर्षक अंदाज में पेश करती हैं। फिल्मों, टीवी, ओटीटी और वायरल ट्रे...

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