पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। राज्य के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के दौरान मतदान प्रक्रिया के बीच आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर को पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 की है, जब पूरे निर्वाचन क्षेत्र में कड़े सुरक्षा पहरे के बीच वोटिंग चल रही थी। हुमायूं कबीर द्वारा पुलिस पर लगातार राजनीतिक पक्षपात के आरोप लगाने के बाद यह पूरा विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया।
वोट डालने के तुरंत बाद भड़का विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हुमायूं कबीर ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ रेजीनगर में बने एक मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। हालांकि, सुबह से ही उनका पारा सातवें आसमान पर था। मतदान केंद्र पर पहुंचने से पहले ही उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। कबीर का आरोप था कि उनके घर के बाहर और आसपास के पोलिंग स्टेशनों पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य उनके समर्थकों और मतदाताओं के मन में डर पैदा करना है।
वोट डालने के बाद भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने मीडिया तथा आम जनता के सामने खुलकर पुलिस प्रशासन पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
पार्टी ऑफिस में पुलिस और विधायक के बीच हाथापाई
कबीर के लगातार बयानों और तीखे तेवर के बाद स्थानीय पुलिस हरकत में आई। कुछ पुलिसकर्मी सीधे रेजीनगर में स्थित AJUP के पार्टी ऑफिस पहुंचे, जहां विधायक पहले से मौजूद थे। पार्टी कार्यालय के भीतर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। स्थिति तब बेकाबू हो गई जब गुस्से में आकर हुमायूं कबीर ने पुलिसकर्मियों के लिए कथित तौर पर 'दलाली' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए सीधा राजनीतिक पक्षपात का आरोप जड़ दिया।
बहस इतनी बढ़ गई कि वह देखते ही देखते शारीरिक झड़प (हाथापाई) में तब्दील हो गई। सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर सामने आए विजुअल्स में पुलिसकर्मी विधायक की शर्ट खींचते हुए और उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाकर थाने ले जाते हुए साफ नजर आ रहे हैं। इस नाटकीय घटनाक्रम ने रेजीनगर के चुनावी माहौल को पूरी तरह से गरमा दिया है।
क्यों हो रहे हैं रेजीनगर में उपचुनाव?
मुर्शिदाबाद जिले के अंतर्गत आने वाले रेजीनगर विधानसभा सीट पर यह उपचुनाव इसलिए जरूरी हो गया था क्योंकि हाल ही में हुए आम चुनावों में हुमायूं कबीर ने रेजीनगर और नौदा दोनों ही सीटों पर शानदार जीत हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने रेजीनगर सीट से इस्तीफा दे दिया था और नौदा सीट अपने पास रखी थी। खाली हुई इसी रेजीनगर सीट पर आज उपचुनाव के तहत मतदान हो रहा है।
खास बात यह है कि AJUP ने इस सीट पर खुद हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है, जिसके कारण इस मुकाबले पर राजनीतिक गलियारों की पैनी नजर टिकी हुई है।
सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त और कई दलों के बीच टक्कर
रेजीनगर उपचुनाव में मुकाबला बेहद दिलचस्प और बहुकोणीय हो गया है। AJUP के उम्मीदवार के खिलाफ मैदान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी सखराव सरकार, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी, TMC के ही बागी या दूसरे उम्मीदवार सफीउज्जमान शेख, कांग्रेस पार्टी के मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी और वामदल (CPI-M) के सैयद असद अली अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए निर्वाचन आयोग और स्थानीय प्रशासन ने रेजीनगर के अलावा नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में हो रहे उपचुनाव के लिए भी सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। हालांकि, विधायक की गिरफ्तारी के बाद रेजीनगर में तनाव का माहौल और अधिक गहरा गया है, और पुलिस तथा प्रशासन पूरी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है।