भंडारा जिले के महालगांव से सोंड्या मार्ग पर वर्षों से जर्जर सड़क की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। इस बहुप्रतीक्षित मार्ग के निर्माण के लिए 14 करोड़ रुपए की राशि को आधिकारिक मंजूरी मिल गई है।
भंडारा जिले के अंतर्गत आने वाले महालगांव-सोंड्या मार्ग के पुनर्निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अनुसार, इस परियोजना के तहत लगभग 3 किलोमीटर लंबी और 5.5 मीटर चौड़ी आधुनिक सीमेंट कांक्रीट सड़क का निर्माण किया जाएगा। सभी आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद विभाग ने आगामी दिसंबर माह तक जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा है।
चार वर्षों से बदहाल थी सड़क
महालगांव और सोंड्या को जोड़ने वाला यह मार्ग बीते चार वर्षों से अत्यंत दयनीय स्थिति में था। इस रास्ते से गुजरने वाले रेत और मैंगनीज से लदे ओवरलोड भारी वाहनों की निरंतर आवाजाही के कारण पूरी सड़क बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई थी। सड़क की इस जर्जर हालत के चलते स्थानीय राहगीरों, किसानों और विशेषकर स्कूली बच्चों का रोजाना आवागमन बेहद जोखिम भरा और दूभर हो गया था।
ग्रामीणों के संघर्ष और जनप्रतिनिधियों के प्रयास
सड़क की बदहाली से त्रस्त होकर स्थानीय ग्रामीणों ने इसके पुनर्निर्माण की मांग को लेकर पूर्व में कई बार जनआंदोलन और प्रदर्शन किए थे। इस गंभीर जनसमस्या का समाधान कराने के लिए महालगांव के पूर्व सरपंच एवं प्रशासक पारस भुसारी ने निरंतर प्रयास किए। उन्होंने स्थानीय विधायक राजू कारेमोरे और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को समय-समय पर ज्ञापन सौंपकर इस ओर ध्यान आकर्षित कराया था।
शुरुआती प्रशासनिक स्तर पर इस सड़क के निर्माण के लिए 6 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन मार्ग की वास्तविक आवश्यकता और भारी वाहनों के दबाव को ध्यान में रखते हुए बजट को संशोधित कर 14 करोड़ रुपए कर दिया गया। अब इसी लागत के साथ मजबूत सीमेंट कांक्रीट मार्ग के निर्माण को अंतिम मंजूरी दे दी गई है।
विभाग और स्थानीय नेतृत्व की प्रतिक्रिया
तुमसर लोक निर्माण विभाग के अभियंता अंकुश चौधरी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि महालगांव से सोंड्या तक बनने वाली 5.5 मीटर चौड़ी और करीब 3 किलोमीटर लंबी सीमेंट कांक्रीट सड़क की सभी मंजूरियां मिल चुकी हैं। वर्तमान में विभाग द्वारा कागजी और अन्य जरूरी औपचारिकताओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। तय योजना के मुताबिक दिसंबर महीने तक धरातल पर काम शुरू कर दिया जाएगा, जिससे क्षेत्र के निवासियों को एक टिकाऊ और सुगम मार्ग प्राप्त होगा।
वहीं, महालगांव के प्रशासक एवं पूर्व सरपंच पारस भुसारी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि रेत के भारी वाहनों ने सड़क का नामोनिशान मिटा दिया था, जिससे ग्रामीण लंबे समय से नारकीय जीवन जीने को मजबूर थे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के हक और हित के लिए विधायक राजू कारेमोरे और पीडब्ल्यूडी के समक्ष लगातार आवाज उठाई गई थी, जिसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आया है। उनका प्रयास रहेगा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ यह निर्माण पूरा हो ताकि क्षेत्रवासियों को इस समस्या से स्थाई मुक्ति मिल सके।