पाकिस्तान पर बलूच विद्रोहियों का शिकंजा, ग्वादर जीरो पॉइंट पर फहराया झंडा
पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में अलगाववादी समूहों और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष लगातार तीव्र होता जा रहा है। बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हुए कई बड़े हमलों की जिम्मेदारी ली है। संगठन का दावा है कि उनके द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन अलमास' के दौरान मिलिट्री इंटेलिजेंस के एक कैप्टन और पाकिस्तान सेना के स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) के कई कमांडो मारे गए हैं। इस बगावत के बाद से इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है और पाकिस्तानी बलों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
ऑपरेशन अलमास और बलूच विद्रोहियों के बड़े दावे
अलगाववादी संगठन BLF के प्रवक्ता मेजर ग्वहराम बलूच की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में इन सैन्य कार्रवाइयों की विस्तृत जानकारी दी गई है। विज्ञप्ति के अनुसार, विभिन्न इलाकों में हुई भीषण झड़पों के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा है। समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से सामने आई रिपोर्ट में संगठन ने स्पष्ट किया है कि 'ऑपरेशन अलमास' कई मोर्चों पर पूरी तीव्रता और रणनीतिक सफलता के साथ लगातार जारी है। विद्रोहियों का कहना है कि पाकिस्तानी सैन्य तंत्र अब इस संघर्ष में पूरी तरह पिछड़ चुका है और उनका मुकाबला करने में असमर्थ है।
सामने आए हिंसा के वीडियो और महिला लड़ाकों की सक्रियता
इस संघर्ष से जुड़े कुछ वीडियो फुटेज भी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से सामने आए हैं, जो हालात की गंभीरता को बयां करते हैं। एक वीडियो क्लिप में कथित तौर पर एक स्थानीय महिला को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि 'पाकिस्तान अब हार चुका है और हमसे नहीं लड़ सकता,' जबकि पृष्ठभूमि में लगातार गोलीबारी की आवाजें सुनाई दे रही हैं। एक अन्य वीडियो में एक महिला को असॉल्ट राइफल जैसी घातक बंदूक चलाते हुए भी देखा गया है, जो इस सशस्त्र विद्रोह में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आक्रामक रुख को दर्शाता है।
फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइजेशन के कैंप और मुझानी थाने पर कब्जा
BLF ने अपनी सफलताओं की कड़ी में दावा किया है कि उनके लड़ाकों ने फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइजेशन के मुख्य कैंप पर पूरी तरह से नियंत्रण हासिल कर लिया है। इसके अलावा, सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले ग्वादर जीरो पॉइंट पर संगठन ने अपना झंडा फहराने का भी दावा किया है। विद्रोहियों ने इसे 'ऑपरेशन अलमास' के दौरान अपनी बड़ी सामरिक प्रगति बताया है।
संगठन के लड़ाकों ने केवल सैन्य अड्डों तक सीमित न रहते हुए मुझानी पुलिस स्टेशन पर भी कब्जा जमाने में सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के दौरान वहां से भारी मात्रा में सरकारी हथियार और सैन्य उपकरण जब्त किए गए। BLF का आरोप है कि इस दौरान हुई झड़प में एक पुलिसकर्मी की भी मौत हुई है। इसके अलावा एक अन्य घटना में गुब्द क्षेत्र में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के एक काफिले को निशाना बनाया गया, जिसमें सेना की एक गाड़ी पूरी तरह तबाह हो गई और उसमें सवार कई जवान हताहत हुए।