आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तीन मतदान केंद्रों पर फिर से वोटिंग होगी, जहां सपा प्रत्याशी ने बूथ कैप्चरिंग और धांधली के गंभीर आरोप लगाए थे।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनाव के दौरान आगरा में हुए भारी राजनीतिक हंगामे और शिकायतों के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने कड़ा कदम उठाया है। चुनाव आयोग ने आगरा के तीन विशिष्ट मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने का औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। यह फैसला शुक्रवार, 23 अक्टूबर को संपन्न हुए मतदान के दौरान सामने आए अनियमितता के आरोपों और उसके बाद की गई प्रशासनिक जांच के आधार पर लिया गया है।
सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने मतदान प्रक्रिया के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली की गई और बूथों पर कब्जा किया गया। इन शिकायतों के तूल पकड़ने और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद, रिटर्निंग ऑफिसर ने स्थिति की समीक्षा करते हुए आयोग से इन केंद्रों पर फिर से चुनाव कराने की संस्तुति की थी।
किन केंद्रों पर होगा दोबारा मतदान?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मामले की पुष्टि करते ہوئے बताया कि संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मिलने और वीडियो साक्ष्यों की जांच के उपरांत यह निर्णय लिया गया है। जिन तीन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया जाएगा, उनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- खेरागढ़ तहसील परिसर स्थित मतदान केंद्र
- सैंया स्थित क्षेत्र पंचायत कार्यालय का मतदान केंद्र
- फतेहाबाद स्थित क्षेत्र पंचायत कार्यालय का मतदान केंद्र
सपा प्रत्याशी का रोते हुए फूटा था गुस्सा
मतदान के दिन आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. आकाश अग्रवाल ने डिविजनल कमिश्नर नागेंद्र प्रताप से मिलकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाए गए थे कि सत्ता पक्ष के इशारे पर उनके समर्थकों को रोका गया और मतदान को प्रभावित किया गया। मीडिया के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए डॉ. अग्रवाल भावुक हो गए थे और उन्होंने प्रशासन पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया था।
अपनी बात रखते हुए सपा प्रत्याशी ने यहां तक कह दिया था कि उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में निशाना बनाया जा रहा है और उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है। प्रशासनिक व्यवस्था और मौजूदा हालात से आहत होकर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए धर्म परिवर्तन करने और बौद्ध धर्म अपनाने तक की बात कही थी। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल पूरा ध्यान चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत तीनों चिन्हित बूथों पर निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से दोबारा मतदान संपन्न कराने पर केंद्रित है।