प्रधानमंत्री के आगमन और एयर शो को लेकर प्रशासन सतर्क, गंगा घाटों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय दौरे के तहत शनिवार शाम वाराणसी पहुंचे। सर्किट हाउस सभागार में एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान उन्होंने रविवार को आयोजित होने वाले एयर शो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित आगमन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुरक्षा प्रबंधों को पुख्ता रखते हुए आम नागरिकों के लिए गंगा घाटों तक पहुंच को पूरी तरह सुगम बनाया जाए। भीड़ नियंत्रण के नाम पर किसी भी प्रकार की अनावश्यक बैरिकेडिंग से बचने के विशेष निर्देश दिए गए हैं ताकि दर्शकों को आवागमन में किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शहर के प्रमुख मार्गों, यातायात व्यवस्था और पार्किंग स्थलों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वाहनों की आवाजाही को सुचारू रखने के लिए प्रभावी रूट डायवर्जन प्लान लागू किया जाए और पार्किंग के लिए पर्याप्त स्थानों का चयन हो। सुरक्षा बलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ आम जनता की सहूलियत का पूरा ध्यान रखें।
साफ-सफाई और जन-सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम
शहर और गंगा घाटों पर साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर नगर निगम और संबंधित विभागों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बैठक में प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि घाटों पर सिल्ट (गाद) की सफाई का कार्य किया गया है। दर्शकों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरे क्षेत्र में 200 मोबाइल टॉयलेट और 280 वाटर टैंकरों की तैनाती की गई है। इसके अलावा, घाटों और प्रमुख मार्गों पर लगभग दो हजार डस्टबिन रखवाए गए हैं, तथा स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए 200 सफाई वॉलंटियर भी मुस्तैद रहेंगे। मुख्यमंत्री ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में पड़े कचरे को तुरंत हटाने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मौजूद प्रमुख जनप्रतिनिधि और अधिकारी
इस उच्च स्तरीय बैठक में शासन और प्रशासन के कई वरिष्ठ प्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य और महापौर अशोक तिवारी शामिल थे। साथ ही, विधान परिषद सदस्य राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, डॉ. अवधेश सिंह, त्रिभुवन राम, सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. सुनील पटेल, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, एडीजी जोन नवीन अरोड़ा, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा, डीआईजी वैभव कृष्ण, वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।